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'वन नेशन वन इलेक्शन' को लेकर हरिद्वार से बड़ी शुरुआत, संत समागम में संतों ने किया समर्थन, केंद्रीय मंत्री और सीएम ने मांगे सुझाव

हरिद्वार में आयोजित संत समागम में संतों ने 'एक राष्ट्र एक चुनाव' का समर्थन किया.

Haridwar Sant Samagam
हरिद्वार में संत समागम में पहुंचे केंद्रीय मंत्री और सीएम (PHOTO- ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : August 23, 2026 at 2:14 PM IST

5 Min Read
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हरिद्वार: 'एक राष्ट्र एक चुनाव' को लेकर हरिद्वार में बड़ा संत समागम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक समेत कई भाजपा विधायक शामिल हुए. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साधु संतों के साथ 'वन नेशन वन इलेक्शन' को लेकर चर्चा की. साथ ही संत समाज के सुझाव मांगे. वहीं साधु संतों ने 'वन नेशन वन इलेक्शन का समर्थन किया.

कार्यक्रम में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी, महामंत्री हरि गिरी महाराज, निर्मल अखाड़े के अध्यक्ष ज्ञानदेव महाराज, कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम, अखाड़ा परिषद के प्रवक्ता करौली शंकर महाराज, दाती महाराज और साध्वी प्राची, महामंडलेश्वर रूपेंद्र प्रकाश महाराज समेत कई साधु संत शामिल हुए.

'वन नेशन वन इलेक्शन' को लेकर हरिद्वार से बड़ी शुरुआत (VIDEO-ETV Bharat)

योग गुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि, 'वन नेशन वन इलेक्शन' से शिक्षा तंत्र में सुधार होगा. भारत में साल भर कहीं ना कहीं इलेक्शन चलते ही रहते हैं. इससे विकास योजनाएं भी बाधित होती है. इससे हमारे अध्यापकों और शिक्षकों का 30 फीसदी समय इलेक्शन की ड्यूटी में ही खर्च हो जाता है. यदि देश में एक बार ही इलेक्शन होंगे तो उनका समय बचेगा और वह अच्छे से बच्चों को पढ़ा सकेंगे.

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केंद्रीय मंत्री शिवराज, सीएम धामी और संतों ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया. (PHOTO-ETV Bharat)

स्वामी रामदेव ने आगे कहा,

कुछ राजनेता सोचते हैं कि 'वन नेशन वन इलेक्शन' से अलग-अलग राज्यों में उनका राजनीतिक मोक्ष ना हो जाए. इस देश के वोटर को बेवकूफ नहीं समझना चाहिए और समझदार वोटर को सब कुछ पता है कि उसे कौन से दल को चुनना चाहिए. राजनीतिक स्वार्थ के लिए देश के हितों से समझौता नहीं किया जा सकता. सभी संतो ने निर्णय लिया है कि यह बात दूर तक जानी चाहिए कि 'वन नेशन वन इलेक्शन' से देश प्रगति के पथ पर तेजी से आगे बढ़ेगा. 2047 तक भारत विकसित भारत बनेगा. देश के प्रधानमंत्री ने चुनाव सुधार के लिए कई कदम उठाए हैं. लेकिन कुछ लोगों ने सड़कों और संसद में हंगामा करके देश के लोकतंत्र को कैद करने की ठान रखी है. चुनाव लड़के प्रधानमंत्री बन सकते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री भी देश के वोटर ही बनाते हैं.
-स्वामी रामदेव, योग गुरू-

शिक्षा तंत्र, अर्थतंत्र कृषि तंत्र और स्वास्थ्य तंत्र में सुधार करने की वकालत करते हुए स्वामी रामदेव ने कहा, यदि देश में किसान, युवा, ब्राह्मण, दलित किसी के साथ भी अन्याय हो रहा है तो उन्हें आगे आना चाहिए. आज यदि देश में एससी और एसटी को गाली देना अपमान है तो एक ब्राह्मण को गाली देना भी अपमान ही है. देश में किसी को भी गाली देना संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ है.

संन्यासी को गाली देना आजकल एक नया फैशन बन गया है. समाज में भेद की दीवारें खड़ी करना फैशन बन गया है, लेकिन वह ऐसा बिल्कुल भी नहीं होने देंगे. जो भी भारत से प्रेम करते हैं, वह 'वन नेशन वन इलेक्शन' का विरोध नहीं कर सकते.
-स्वामी रामदेव, योग गुरू-

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कार्यकर्म में कई संतों ने प्रतिभाग लिया. (PHOTO-ETV Bharat)

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रवींद्रपुरी महाराज ने भी 'एक राष्ट्र एक चुनाव' का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि,

देश की आजादी के बाद 1970 तक देश में सभी राज्यों के चुनाव एक साथ होते थे. लेकिन समय बीतने के साथ देश में अलग-अलग चुनाव होने लगे. बलपूर्वक राज्य की विधानसभाओं को भंग किया गया. उसके बाद यह परंपरा बढ़ती गई, इसलिए वर्तमान में देश की परिस्थितियों को देखते हुए वन नेशन वन इलेक्शन की शुरुआत सरकार की ओर से की गई है. सभी साधु संतों ने एक देश एक चुनाव का समर्थन किया है.
-श्रीमहंत रवींद्रपुरी महाराज, अध्यक्ष, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद-

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कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक भी संत समागम में शामिल हुए. (PHOTO-ETV Bharat)

मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि,

'एक राष्ट्र एक चुनाव' होना चाहिए, सभी साधु संतों ने समर्थन दिया है. साधु संत, जनता तक इस निर्णय और संदेश को पहुंचाएंगे. सभी राजनीतिक दल देश में चुनाव की तैयारी में लगे रहते हैं. बार-बार चुनाव होना देश की और राष्ट्र की उन्नति में भी बाधक है. इससे देश में विकास के काम रुक जाते हैं, धन का अपव्यय होता. जातिवाद-भाषावाद को बल मिलता है. बच्चों की शिक्षा दीक्षा प्रभावित होती है. प्रशासन भी चुनाव की तैयारी में जुटा रहता है. इन सभी समस्याओं का समाधान केवल 'एक राष्ट्र और एक चुनाव' ही है. आज हरिद्वार से देश के साधु संतों ने संकल्प कर लिया है कि 'एक राष्ट्र एक चुनाव' के संकल्प को पूरा करना है और निश्चित रूप से जल्द ही वह दिन आने वाला है, जब देश की संसद 'एक राष्ट्र एक चुनाव' को तय करेगी.
-शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री-

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संत समागम में बड़ी संख्या में साधु संत शामिल हुए (PHOTO-ETV Bharat)

वन नेशन वन इलेक्शन के सवाल पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि,

धर्मनगरी हरिद्वार में साधु संतों ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को अपना आशीर्वाद दिया है और निश्चित रूप से बहुत जल्द ही देश की संसद में कानून पास होगा. साधु संतों ने वन नेशन वन इलेक्शन का समर्थन किया. साधु संतों ने कहा कि जब देश में एक बार चुनाव होंगे तो निश्चित रूप से देश आर्थिक रूप से मजबूत होगा और ऊर्जा भी बचेगी. निश्चित रूप से भाजपा सरकार के राज में एक राष्ट्र एक चुनाव का संकल्प पूरा होने वाला है.ठ
-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री-

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