'किताबें नहीं, बड़ों का सम्मान सिखाता है संस्कार': रामोजी राव के आदर्शों को चेरुकुरी शैलजा किरण ने किया याद
मार्गदर्शी चिट फंड की प्रबंध निदेशक चेरुकुरी शैलजा किरण, श्री प्रकाश सिनर्जी स्कूल के 18वें वर्षगांठ समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं.


Published : January 11, 2026 at 4:04 PM IST
हैदराबाद: मार्गदर्शी चिट फंड की प्रबंध निदेशक (MD) चेरुकुरी शैलजा किरण ने शनिवार शाम को आंध्र प्रदेश के काकीनाड़ा जिले के पेड्डापुरम में स्थित श्री प्रकाश सिनर्जी स्कूल के 18वें वर्षगांठ समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण की देखभाल करना पृथ्वी के प्रति हमारा कर्तव्य है. चेरुकुरी शैलजा किरण इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं और उन्होंने विभिन्न विषयों पर छात्रों का उत्साह बढ़ाया.
उन्होंने कहा, "मार्गदर्शी में हमने 1 लाख पेड़ लगाए हैं... मैं आपमें से प्रत्येक व्यक्ति से आह्वान करती हूं कि आप अपने जीवनकाल में कम से कम 100 पेड़ जरूर लगाएं." उन्होंने आगे कहा कि आज लगाया गया एक पेड़ आने वाले कई दशकों तक लाभ दे सकता है.
पानी के महत्व पर बात करते हुए, उन्होंने छात्रों से पानी बचाने का आग्रह किया. चेरुकुरी शैलजा किरण ने कहा, "हम अक्सर एक नारा सुनते हैं- 'जल ही जीवन है' (पानी बचाओ, जीवन बचाओ!)... क्या यह सिर्फ एक नारा है? जरा बिना पानी के एक दिन की कल्पना करें. न भोजन होगा और न ही जीवन. इसीलिए पानी की हर बूंद कीमती है."

चेरुकुरी शैलजा किरण ने कहा कि रामोजी ग्रुप ऑफ कंपनीज के संस्थापक अध्यक्ष दिवंगत श्री रामोजी राव जी मूल्यों, संस्कृति और रिश्तों को बहुत महत्व देते थे. उन्होंने बताया कि किताबें, संस्कार और मूल्य नहीं सिखातीं. इन्हें बड़ों का सम्मान करके और उनके जीवन के अनुभवों के सार को समझकर ही सीखा जा सकता है. उन्होंने कहा कि माता-पिता के साथ-साथ शिक्षकों, किसानों, सैनिकों और सफाई कर्मचारियों का भी सम्मान किया जाना चाहिए.
चेरुकुरी शैलजा किरण ने आगे कहा, "शिक्षा हमें यह सिखाती है कि जीवन कैसे जिएं, न कि केवल यह कि पैसे कैसे कमाएं." इस कार्यक्रम में 'श्री प्रकाश एजुकेशनल सोसाइटी' के चेयरमैन के. केशवराव और 'श्री प्रकाश सिनर्जी स्कूल' के डायरेक्टर सीएच विजयप्रकाश सहित कई अन्य लोग भी शामिल हुए. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल रहे.
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