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SAFE PARKS SAVE LIVES: छत्तीसगढ़ में पार्क और उद्यान खस्ताहाल, रायपुर से सरगुजा तक सुधार की जरूरत, कोरबा में भी हालात बुरे

छत्तीसगढ़ में पार्क और उद्यान की स्थिति कैसी है. ईटीवी भारत ने इसका जायजा लिया. पढ़िए ये खास रिपोर्ट

Reality of parks and gardens in Chhattisgarh
छत्तीसगढ़ में पार्क और उद्यान की रियलिटी (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : June 2, 2026 at 9:07 AM IST

9 Min Read
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रायपुर/ कोरबा/ सरगुजा: छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 25 साल से भी ज्यादा हो गए हैं. इसके बावजूद राज्य में बुनियादी सुविधाओं का टोटा है. सूबे के पार्क या उद्यान की बात करें तो राजधानी रायपुर से सरगुजा और कोरबा तक इसके हालात बुरे हैं. अधिकांश जगह पर रख रखाव और बुनियादी सुविधाओं की कमी की बात सामने आई है.

रायपुर में कैसी है पार्क और उद्यान की स्थिति

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की बात करें तो यहां चार बड़े पार्क हैं. इसके अलावा रायपुर में कुल 211 पार्क हैं. इन पार्कों का रियलिटी चेक करने पर पता चला कि इनमें बुनियादी सुविधाओं की कमी है. शौचालय, साफ सफाई और पार्क के अंदर लगे सामानों में टूट फूट नजर आती है. जिसकी वजह से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. लोगों का आरोप है कि पार्क की बदहाली और बुनियादी समस्याओं को लेकर नगर निगम उदासीन है.

छत्तीसगढ़ में पार्क और उद्यान की स्थिति (ETV BHARAT)

रायपुर के बड़े पार्कों का हाल

रायपुर में चार बड़े पार्क हैं. जिसमें अनुपम गार्डन, गांधी उद्यान, ऑक्सीजोन और गुरु तेग बहादुर उद्यान हैं. इन पार्कों की टाइमिंग सुबह और शाम के हिसाब से फिक्स है. गार्डन सुबह में 5 बजे से 10 बजे तक खुलते हैं. शाम की बात करें तो यह शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक खुला रहता है. इन सभी गार्डन में चौकीदार की तैनाती 24 घंटे रहती है. इसके बावजूद सभी पार्क में बुनियादी सुविधाओं की कमी है.

गार्डन में मूलभूत सुविधाओं की कमी है. यहां शौचालय और वॉशरुम में गंदगी है. जिसकी साफ सफाई की जरूरत है. पार्क में झूले टूटे हुए हैं. एक्सरसाइज के उपकरण की भी देखभाल नहीं होती है. यहां आने वाले लोग अपने खर्च पर इस उपकरण की मरम्मत करवाते हैं. शिकायत के बाद भी नगर निगम का कोई अधिकारी पार्क की व्यवस्था देखने नहीं आता- शिव राठौर, स्थानीय निवासी, रायपुर

पार्क में आने वाले लोग किसी तरह का दुर्घटना का शिकार होते हैं तो उन्हें तुरंत इलाज के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं है. अगर इस तरह का कोई हादसा होता है तो इसके लिए व्यवस्था होनी चाहिए- मुकेश चौहान, स्थानीय निवासी, रायपुर

अनुपम गार्डन की हरियाली धीरे-धीरे खत्म होती जा रही है. लोग जुंबा, बैडमिंटन और क्रिकेट खेलकर इस घास को नष्ट कर रहे हैं. जिसकी वजह से गार्डन की हरियाली खराब हो रही है. गार्डन की हरियाली बनी रहे इसके लिए यहां पर मेंटेनेंस प्रॉपर होना चाहिए. जिससे गार्डन की सुंदरता बनी रहे. गार्डन में उचित साफ सफाई की व्यवस्था होनी चाहिए-छबिराम साहू, स्थानीय निवासी, रायपुर

मैं पिछले 17 सालों से अनुपम गार्डन में योगा करने के लिए आती हूं. गार्डन में महिलाओं के लिए वॉशरूम की कोई व्यवस्था नहीं है. वहां पर गंदगी का आलम है. पीने का पानी का नल भी लगा हुआ है लेकिन वह भी आए दिन खराब होते रहता है. महिलाओं को सबसे ज्यादा वॉशरूम की दिक्कत होती है- शीला सिंह, स्थानीय निवासी, रायपुर

The Condition of Parks in the Capital, Raipur
राजधानी रायपुर के पार्कों की स्थिति (ETV BHARAT)

रायपुर में पार्कों की बदहाली पर नगर निगम का बयान

रायपुर नगर निगम के अपर आयुक्त विनोद कुमार पांडेय ने बताया कि उपलब्ध संसाधनों के आधार पर नगर निगम समय-समय पर गार्डन में मेंटेनेंस और दूसरे कार्य करता है. सभी गार्डन में शौचालय बनाए गए हैं. जहां पर पानी की भी व्यवस्था है. साफ सफाई के लिए अलग से मैनपॉवर डेप्यूट किए गए हैं. जिनको यह जवाबदारी दी गई है कि सफाई व्यवस्था को सुचारू बनाकर रखें. जिससे गार्डन में आने वाले लोगों को बेहतर और अच्छा माहौल मिल सके.

शहर के अधिकांश गार्डन में ओपन जिम के इक्विपमेंट लगाए गए हैं. इसके साथ ही बच्चों के खेलने के लिए झूले, स्लोब जैसी चीज भी बच्चों के लिए लगाई गई है. शिकायत मिलने पर इसका प्रॉपर मेंटेनेंस नगर निगम के माध्यम से किया जा रहा है. गार्डन की हरियाली के लिए नगर निगम कार्य करता है. इसके साथ ही यहां के निवासियों को इसके लिए सोचने की जरूरत है.

ऊर्जाधानी कोरबा में पार्कों की हालत

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के बाद अब बात ऊर्जाधानी कोरबा की करते हैं. यहां के निहारिका क्षेत्र में स्थित स्मृति उद्यान का ईटीवी भारत ने रियलिटी चेक किया. यह पार्क बाहर से हर भरा और अच्छा दिखता है लेकिन पार्क के अंदर में प्रवेश करने पर उद्यान की बदहाली सामने दिखने लगी. गार्डन की पगडंडियां पैदल चलने लिए दुरुस्त नहीं है. बच्चे जहां झूला झूलते हैं, वहां से घास नदारद है. झूले भी मेंटेन नहीं किए जाते. झूलों में जंग लगा हुआ है, जिसके टूटने का भी डर है.

Gardens in Korba In Bad State
कोरबा में गार्डन का बुरा हाल (ETV BHARAT)

निहारिका गार्डन में बदहाली से लोग नाखुश

निहारिका के स्मृति उद्यान की हालत खस्ता होने से लोगों को परेशानी हो रही है. यहां आने वाले शहरवासी दीपक ने कहा कि गार्डन में बच्चों के लिए लगाए गए झूले ठीक नहीं है. जिससे बच्चों को परेशानी होती है.

बच्चों की फिसलने वाली लोहे की पट्टी भी टूटी हुई है. बच्चों को चोट लगने का डर है. एक झूला तो पूरा ही टूटा हुआ है. इसे मेंटेन किया जाना चाहिए. स्मृति उद्यान शहर के बीचों-बीच सबसे व्यस्त गार्डन है. कम से कम इसकी व्यवस्था को ठीक किया जाना चाहिए- दीपक, स्थानीय निवासी, कोरबा

शहरवासी ज्योति ने कहा कि मेरे घर मेहमान आए हुए हैं. उनके बच्चों को लेकर गार्डन आई हूं. झूले टूटे हुए हैं, जो झूले ठीक हैं. वहां काफी अधिक तादाद में बच्चे झूल रहे हैं. इसलिए बच्चों को वेट करना पड़ रहा है, सभी झूलों को यदि मेंटेन कर दिया जाता तो बच्चों को इंतजार नहीं करना पड़ता.

जहां झूला लगा हुआ है, उसके नीचे बड़ा गड्ढा है. बच्चे वहां गिर सकते हैं. चोट लग सकती है, पगडंडी की भी व्यवस्था ठीक-ठाक नहीं है. शाम को थोड़ा सा अंधेरा होते ही गार्डन में पूरा अंधेरा हो जाता है, लाइट की व्यवस्था भी ठीक की जानी चाहिए. पैदल चलने के लिए भी व्यवस्था को दुरुस्त किया जाना चाहिए- ज्योति, स्थानीय निवासी, कोरबा

सरगुजा के अंबिकापुर में कैसी है गार्डन की व्यवस्थाएं ?

ऊर्जाधानी कोरबा के बाद अब बात सरगुजा के अंबिकापुर की करते हैं. यहां चिल्ड्रन पार्क है. यह पार्क 17 एकड़ में फैला हुआ है. इस पार्क के खुलने का समय सुबह साढ़े 8 से शाम 7 बजे तक है. इसके बाद दोनों गेट को बंद कर दिया जाता है. रात भर दो सुरक्षा कर्मी पार्क की निगरानी करते हैं. इस पार्क में जाने के लिए प्रति व्यक्ति 10 रुपये का शुल्क लिया जाता है और दस वर्ष की उम्र तक के बच्चों के लिए निशुल्क प्रवेश है.

पार्क में साफ सफाई के इंतजाम

साफ सफाई और पौधों की देख रेख के लिए पार्क में कुल 12 स्टाफ हैं, जिनमे से दो नाइट शिफ्ट में हैं और बाकी के दस लोग दिन में ड्यूटी करते हैं. दो स्टाफ गार्डनर का काम करते हैं जो यहां लगे फूल पेड़ पौधों की देख रेख करते हैं. 4 लोग साफ सफाई का ध्यान रखते हैं. ये स्टाफ झूलों की साफ सफाई और मेंटनेंस भी करते हैं.

Condition of Gardens and Parks in Surguja
सरगुजा के गार्डन और पार्क की स्थिति (ETV BHARAT)

पार्क में सुरक्षा के इंतजाम पुख्ता

सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पार्क के पिछले गेट को 24 घंटे बंद रखा जाता है और मुख्य द्वार पर स्टाफ तैनात रहते हैं. जहां पर जल भराव वाली जगह हैं वहां स्टाफ तैनात रहते हैं.ये पार्क महिला, पुरुष, बच्चों और बुजुर्गो के लिए कॉमन हैं. अलग से कोई व्यवथा किसी वर्ग के लिए यहां नहीं है. पीने के पानी के लिए दो वाटर कूलर लगाए गये हैं.एक बड़ा शौचालय बनाया गया है.

इस पार्क में पूरा पाथ वे पवार ब्लॉक से बनाया गया है और कहीं भी मिटटी वाली पगडंडी नहीं है.पूरे पार्क में स्ट्रीट लाइट के साथ साथ अन्य आकर्षक लाइट भी लगाई गई है. पार्क में बिजली सप्लाई के लिए वायरिंग अंडर ग्राउंड की गई है. किसी तरह की शिकायत या दुर्घटना पर वहां मौजूद स्टाफ से लोग संपर्क कर सकते है. पार्क में उद्यान प्रभारी और चीफ इंजीनियर का नम्बर भी डिस्प्ले किया जाता है- रत्नेश कंवर, सब इंजीनियर, चिल्ड्रन पार्क

इसके बावजूद अंबिकापुर के चिल्ड्रन पार्क में वाटर फाउंटेन की बुरी स्थिति है.कुछ झूले की जर्जर स्थिति में है.जिसका मरम्मत कार्य चल रहा है. करीब 1 करोड़ 14 लाख रुपये की लागत से पार्क का मेंटेनेंस कार्य किया जा रहा है.

कुल मिलाकर छत्तीसगढ़ के तीन जिलों में रायपुर, कोरबा और अंबिकापुर में पार्कों की स्थिति बदहाल है. कई जगह पर स्थितियों को और सुधारने की जरूरत है. तीनों जिलों में अधिकांश जूलों को मरम्मत की जरूरत है. इसके अलावा पार्क में चलने वाली पगडंडियां बेकार हो चुकी है. उसकी भी मरम्मत कराने की जरूरत है. उम्मीद है नगर निगम और निकाय प्रशासन इस ओर ध्यान देंगे.

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