सद्गुरु जग्गी वासुदेव बोधगया पहुंचे, महाबोधि मंदिर में की विशेष पूजा
बिहार दौरे के दौरान भगवान बुद्ध की नगरी बोधगया पहुंचे सद्गुरु जग्गी वासुदेव. बौद्ध धर्म की परंपराओं के अनुसार खाड़ा देकर स्वागत किया गया.

Published : June 29, 2026 at 1:11 PM IST
गयाजी: प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु और ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु जग्गी वासुदेव सोमवार को बोधगया पहुंचे. जहां उन्होंने भगवान बुद्ध के महाबोधि मंदिर में दर्शन किया. मंदिर प्रबंधन ने अपनी परंपराओं के अनुसार उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. मुख्य भिक्षु चालिंदा भंते और बीटीएमसी सचिव महाश्वेता महारथी ने खादा और मोमेंटो देकर सद्गुरु का सम्मान किया. इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी और मंदिर के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे.
गर्भगृह में पूजा-अर्चना और ध्यान: महाबोधि मंदिर पहुंचने के बाद सद्गुरु गर्भगृह में पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान बुद्ध को फूल चढ़ाए, मोमबत्ती और अगरबत्ती जलाकर विशेष पूजा की. उन्होंने देश, समाज और समूची मानवता के कल्याण की कामना करते हुए बुद्ध को नमन किया. सद्गुरु कुछ देर ध्यान मुद्रा में खड़े रहे, जिससे मंदिर परिसर में आध्यात्मिक माहौल बन गया. बौद्ध भिक्षुओं ने पवित्र बौद्ध सुत्त का जाप कर शांति और भक्ति का वातावरण तैयार किया.
पवित्र बोधि वृक्ष के नीचे ध्यान: सद्गुरु ने महाबोधि मंदिर दौरे के दौरान पवित्र बोधि वृक्ष के नीचे शांति के कुछ पल बिताए और ध्यान लगाया. उन्होंने वृक्ष का करीब से दर्शन किया और इसके बारे में विस्तृत जानकारी ली. बीटीएमसी के सदस्यों ने बोधि वृक्ष के रखरखाव, स्वास्थ्य और संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी दी, जिसकी सद्गुरु ने सराहना की.
बौद्ध भिक्षुओं के साथ आध्यात्मिक बैठक: मंदिर प्रांगण में सद्गुरु जग्गी वासुदेव के साथ बौद्ध भिक्षुओं और अनुयायियों की एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक बैठक हुई. बीटीएमसी सदस्य किरण लामा ने सद्गुरु के बारे में बौद्ध दर्शन पर प्रकाश डाला. इसके बाद भिक्षुओं ने धार्मिक पाठ पढ़े और सद्गुरु से आध्यात्मिक तथा सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की. सद्गुरु ने भी भिक्षुओं के अनुभवों को सुना.

आपसी सम्मान और यूनिवर्सल मूल्यों पर जोर: बैठक में आपसी सम्मान, विभिन्न धर्मों के बीच तालमेल, शांति, करुणा और मानवता की भलाई जैसे सार्वभौमिक मूल्यों पर सहमति दिखी. बौद्ध भिक्षुओं ने सद्गुरु के विश्व स्तर पर आंतरिक भलाई, पर्यावरण जागरूकता और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने वाले प्रयासों की सराहना की. सद्गुरु का स्वागत गहरे सम्मान के साथ किया गया.

विजिटर्स बुक में सद्गुरु का संदेश: अपने दौरे को समाप्त करने से पहले सद्गुरु ने महाबोधि मंदिर की विजिटर्स बुक में अपने विचार दर्ज किए. उन्होंने लिखा, “बुद्ध प्रकाश हैं, प्रकाश पूजा के लिए नहीं, बल्कि गले लगाने के लिए है. उनका प्रकाश आपके अस्तित्व को रोशन करे. ढेर सारा प्यार और आशीर्वाद.” यह संदेश बुद्ध के शाश्वत संदेश को प्रतिबिंबित करता है.
सद्भावना और मेलजोल का संदेश: बैठक के बाद गया के जिलाधिकारी एवं बीटीएमसी अध्यक्ष शशांक शुभंकर ने सद्गुरु को महाबोधि मंदिर की रेप्लिका और प्रकाशनों सहित स्मृति चिन्ह भेंट किए. बीटीएमसी सचिव महाश्वेता महारथी ने कहा कि यह सभा दोस्ती, सद्भावना और आध्यात्मिक मेलजोल के माहौल में समाप्त हुई, जिसने बुद्ध के ज्ञान, करुणा और मेलजोल के संदेश को फिर से मजबूत किया.

"सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने महाबोधि मंदिर दर्शन दौरे के दौरान पवित्र बोधि वृक्ष के नीचे शांति के कुछ पल के लिए ध्यान लगाया, बीटीएमसी के लोगों ने बोधि वृक्ष के रखरखाव समेत अन्य कार्यों को लेकर भी सद्गुरु को जानकारी दी, सद्गुरु ने बोधि वृक्ष के संबंध में विस्तृत जानकारी ली और इसके स्वास्थ्य से लेकर व्यवस्थाओं की सराहना की."-महाश्वेता महारथी, सचिव, बीटीएमसी
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