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पटना पहुंचे सद्गुरु जग्गी वासुदेव, CM सम्राट चौधरी से हुई मुलाकात, शनिवार को बापू सभागार में भव्य कार्यक्रम

विश्व प्रसिद्ध सद्गुरु जग्गी वासुदेव पटना पहुंचे. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से उनकी मुलाकात हुई. तीन दिवसीय दौरे के दौरान सत्संग से लेकर कई कार्यक्रम हैं.

Sadhguru Jaggi Vasudev
पटना में सद्गुरु जग्गी वासुदेव और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मुलाकात (सौ. सम्राट चौधरी सोशल मीडिया X)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : June 26, 2026 at 7:19 PM IST

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पटना : आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव शुक्रवार शाम पटना पहुंच गए हैं. राजधानी पहुंचने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री आवास में सीएम सम्राट चौधरी से मुलाकात की. मुख्यमंत्री ने इस भेंट को बेहद आत्मीय और सार्थक मुलाकात बताते हुए कहा कि बिहार की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के साथ-साथ जनकल्याण से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई.

सद्गुरु और CM सम्राट चौधरी की मुलाकात : बिहार में ईशा फाउंडेशन कई सामाजिक और जनहित से जुड़े कार्यों में सक्रिय है. इन्हीं परियोजनाओं और भविष्य की योजनाओं को लेकर भी मुख्यमंत्री और सद्गुरु के बीच बातचीत हुई. माना जा रहा है कि राज्य में पर्यावरण संरक्षण, आध्यात्मिक जागरूकता और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई.

Sadhguru Jaggi Vasudev
सद्गुरु को पुष्पगुच्छ भेंट करते सीएम सम्राट चौधरी (सौ. सम्राट चौधरी सोशल मीडिया X)

तीन दिवसीय दौरे पर सद्गुरु : सद्गुरु जग्गी वासुदेव का यह बिहार का पहला बड़ा सार्वजनिक दौरा है, जो 26 जून से 28 जून तक चलेगा. तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान वह राज्य सरकार के प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और ईशा फाउंडेशन के स्वयंसेवकों के साथ भी संवाद करेंगे. सद्गुरु के कार्यक्रम को लेकर राजधानी में उत्साह का माहौल है.

'एन इवनिंग विद सद्गुरु' : दौरे का सबसे प्रमुख कार्यक्रम 27 जून की शाम आयोजित होने वाला 'एन इवनिंग विद सद्गुरु' है. यह सार्वजनिक सत्संग राजधानी के बापू सभागार में शाम साढ़े छह बजे से शुरू होगा. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है और इसके लिए पहले से पंजीकरण की व्यवस्था की गई है. आयोजकों ने प्रतिभागियों को शाम छह बजे तक सभागार पहुंचने की सलाह दी है.

''यह बिहार में सद्गुरु का पहला सार्वजनिक कार्यक्रम होगा. सत्संग में वह आधुनिक जीवन की चुनौतियों, मानसिक संतुलन, आंतरिक विकास, योग, आध्यात्मिकता और भारतीय ज्ञान परंपरा पर अपने विचार साझा करेंगे. कार्यक्रम में 15 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को भाग लेने की अनुमति दी गई है और हिंदी अनुवाद की भी व्यवस्था रहेगी.‌''- ईशा फाउंडेशन के प्रतिनिधि

28 जून को सद्गुरु ईशा फाउंडेशन द्वारा संचालित और सहयोग प्राप्त विभिन्न सामाजिक परियोजनाओं की समीक्षा करेंगे. इनमें पटना के बांसघाट श्मशान घाट के आधुनिकीकरण और प्रबंधन से जुड़े कार्य भी शामिल हैं, जिनमें फाउंडेशन की सक्रिय भूमिका रही है. इसके अलावा वह स्वयंसेवकों और स्थानीय प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे.

जनकल्याणकारी पहलुओं पर सहयोग की संभावना : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और सद्गुरु की मुलाकात को राजनीतिक के बजाय सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. बिहार सरकार और ईशा फाउंडेशन के बीच विभिन्न जनकल्याणकारी पहलुओं पर सहयोग की संभावनाओं को भी इस दौरे से नई गति मिल सकती है. तीन दिवसीय इस यात्रा के बाद सद्गुरु 28 जून को पटना से प्रस्थान करेंगे.

बिहार का समृद्ध प्राचीन इतिहास : सद्गुरु का यह पहला सार्वजनिक दौरा बिहार के आध्यात्मिक और सामाजिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण घटना के रूप में देखा जा रहा है, जिस पर पूरे राज्य की नजर बनी हुई है. बिहार को प्राचीन काल से बौद्ध, जैन और वैदिक परंपराओं की भूमि माना जाता है. बुद्ध, महावीर, राजा जनक और गुरु गोविंद सिंह जैसी महान विभूतियों से जुड़ी इस धरती पर सद्गुरु का आगमन आध्यात्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

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