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सचिन तेंदुलकर हैं मड्डाराम के फैन, दंतेवाड़ा में मास्टर ब्लास्टर आदिवासी बच्चों के साथ खेलेंगे क्रिकेट

सचिन तेंदुलकर के बस्तर दौरे को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है. सचिन के दौरे पर सीएम साय भी उनके साथ रहेंगे.

Sachin Tendulkar became a fan of Maddaram
सचिन तेंदुलकर हुए मड्डाराम के फैन (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : April 21, 2026 at 5:58 PM IST

4 Min Read
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दंतेवाड़ा: बस्तर पंडुम और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में बस्तर के खिलाड़ियों ने अपना खूब लोहा प्रदेश स्तर पर मनवाया. बस्तर के युवा खिलाड़ी सिर्फ पारंपरिक खेल विधाओं में ही पारंगत नहीं हैं, बल्कि अब क्रिकेट के खेल में भी अपना जौहर दिखाने को तैयार हैं. बस्तर के ऐसे ही युवा खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने के लिए बुधवार 22 अप्रैल को सचिन तेंदुलकर दंतेवाड़ा पहुंच रहे हैं. सचिन के दौरे को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. सचिन तेंदुलकर जब बस्तर के दंतेवाड़ा पहुंचेंगे तब उनके साथ सीएम विष्णु देव साय भी साथ होंगे.

मड्डाराम से मिलेंगे सचिन तेंदुलकर

अपने बस्तर दौरे पर सचिन तेंदुलकर छिंदनार, जावंगा और पनेड़ा में नए खेल मैदानों का उद्घाटन करेंगे. सचिन तेंदुलकर यहां एक खास खिलाड़ी से भी मुलाकात करेंगे जिसका नाम मड्डाराम है. बीते दिनों दंतेवाड़ा जिले के बेंगुलुरू गांव के छात्र मड्डाराम का क्रिकेट खेलते हुए एक वीडियो वायरल हुआ था. वायरल वीडियो में दिव्यांग छात्र मड्डाराम रन लेने के लिए अपनी दौड़ लगा रहा था. मड्डाराम की क्रिकेटिंग स्किल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. उस वीडियो को सचिन तेंदुलकर ने भी देखा और मड्डाराम को ट्वीट कर उसकी हौसला अफजाई की.

सचिन तेंदुलकर हुए मड्डाराम के फैन (ETV Bharat)

सचिन ने वीडियो शेयर कर बढ़ाया था हौसला

उम्मीद जताई जा रही है कि सचिन तेंदुलकर जब दंतेवाड़ा पहुंचेंगे तो छात्र मड्डाराम से जरूर मुलाकात करेंगे. हालाकि अभी इसकी पुष्टि नहीं की गई है. मड्डाराम एक ऐसा नाम है जो बच्चों के बीच अपने हौसले को लेकर काफी चर्चित हैं. जन्म से पोलियो की वजह से उनके दोनों पैर दिव्यांग हैं. बावजूद इसके क्रिकेट के उनके जुनून को देखकर उनके साथी और गांव वाले भी अचंभित होते हैं. खुद सचिन ने साल 2020 में ही मड्डाराम का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर उनके जज्बे को सराहा था. एक बार फिर मड्डाराम के वीडियो ने उनको रातों रात नई पहचान दिला दी है. ऐसी पहचान जो क्रिकेट के प्रति अलग सा जुनून रखता है.

बदल रही बस्तर की पहचान

शिक्षक हेम पापडिया ने बताया, ''दंतेवाड़ा जैसे आदिवासी और पिछड़े इलाके में इतने बड़े सेलिब्रिटी के आगमन से यह क्षेत्र काफी उत्साहित है. बच्चों में सचिन तेंदुलकर के आने की खुशी साफ देखी जा सकती है. सचिन के दौरे को लेकर सभी तैयारियां की जा रही है. इंद्रावती नदी के तट का यह इलाका पहले नक्सल प्रभावित था. अब यहां विकास के काम शुरू होने वाले हैं. सचिन के आने से यहां के खिलाड़ियों का उत्साह और बढ़ेगा''.

सचिन की फैमिली ने किया था बिलासपुर का दौरा

बीते दिनों सचिन की फैमिली ने बिलासपुर का दौरा किया था. बम्हनी गांव का दौरा कर परिवार ने यहां चल रहे स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया था. परिवार ने यहां फुलवारी केंद्र में आए बच्चों को न सिर्फ अपने हाथों से खाना खिलाया बल्कि उनके साथ खेला भी. फुलवारी प्रोजेक्ट से जुड़े लोगों ने तब बताया कि सचिन तेंदुलकर का फाउंडेशन और उनका परिवार सामाजिक सरोकार के मुद्दों से जुड़ा हुआ है. उनका फाउंडेशन ग्रामिण विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर काम कर रहा है. छत्तीसगढ़ के मुंगेली, खासकर बम्हनी और गनियारी गांव में फुलवारी प्रोजेक्ट पर उनकी खास दिलचस्पी है. उसी की जमीनी हकीकत देखने के लिए वो यहां आए थे.

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