धरना-प्रदर्शन के बीच जमीन पर लेट गए पप्पू यादव, बिहार चुनाव रिजल्ट के बाद कांग्रेस में घमासान
बिहार चुनाव रिजल्ट के बाद कांग्रेस में घमासान मचा है. पटना कांग्रेस कार्यालय में धरना प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव जमीन पर लेट गए.

Published : November 21, 2025 at 2:22 PM IST
पटना: बिहार चुनाव 2025 रिजल्ट के बाद कांग्रेस में घमासान मचा है. पार्टी के अंदर विरोध शुरू हो गया है. शुक्रवार को पटना के सदाकत आश्रम में वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ कई कांग्रेस कार्यकर्ता धरना पर बैठ गए. इसी दौरान पहुंचे पप्पू यादव जमीन पर लेट गए.
पप्पू यादव को घेरकर नारेबाजी: कार्यकर्ताओं ने पप्पू यादव को घेरकर नारेबाजी की. पप्पू यादव लगातार नेताओं को समझाते रहे, लेकिन नेता टिकट बेचने का आरोप लगाते रहे. आरोप लगया कि कोसी और सीमांचल के इलाकों में पप्पू यादव की मिलीभगत से गलत प्रत्याशियों को टिकट बेचा गया.
"कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम, प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावारु, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह, पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव, ये तमाम नेता टिकट बेचने का काम किए हैं." -गजानन शाही, पूर्व विधायक कांग्रेस
पप्पू यादव को किसने बुलाया?: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक गजानन शाही ने आरोप लगाया कि बिहार चुनाव में कांग्रेस ने टिकट बेचने का काम किया. कटिहार पूर्णिया और सीमांचल में पप्पू यादव टिकट बंटवारे में शामिल थे. जब हमलोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं तो पप्पू यादव को आने की क्या जरूरत थी?
"जब हमलोग उनको (पप्पू यादव) अपने प्रदर्शन में नहीं बुलाए थे तो उनको यहां आने की क्या जरूरत थी? भले ही राहुल गांधी पप्पू यादव को पसंद करते हों, लेकिन हमलोग कभी पसंद नहीं करेंगे, क्योंकि जो लोग किसी के कत्ल में शामिल हो, उसी को मरहम कैसे लगा सकता है." -गजानन शाही, पूर्व विधायक कांग्रेस

राहुल गांधी को किया गया गुमराह: अजय पांडे का स्पष्ट कहना था कि विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के लिए बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम, प्रभारी कृष्णा अल्लावरु, अजय यादव, अजय माकन, इमरान प्रतापगढ़ी जैसे नेता जिम्मेदार हैं. इन्होंने राहुल गांधी को गुमराह करने का काम किया है. चुनाव के समय पार्टी के साथ वित्तीय अनियमित किया गया है, जिसकी जांच होनी चाहिए.
टिकट चोर गद्दी छोड़: कुछ दिन पहले तक जो नेता वोट चोर गद्दी छोड़ का नारा लगा रहे थे, वही आज टिकट चोर गद्दी छोड़ का नारा लगा रहे हैं. कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता आनंद माधव का कहना है कि बिहार में पार्टी को देखना सबसे जरूरी है, क्योंकि पार्टी खिलौना बन गयी है.
"टिकट बेचा गया, यही कारण है कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का खराब प्रदर्शन हुआ. इसलिए सदाकत आश्रम में बैठे हैं. पार्टी को बचाने है और राहुल जी के सपनों को साकार करना है." -आनंद माधव, प्रदेश प्रवक्ता, कांग्रेस

पप्पू यादव ने दी सफाई: इधर, टिकट बेचने के आरोप पर सफाई देते हुए पप्पू यादव ने कहा कि ऐसी पार्टी के कार्यकर्ताओं को टिकट दिया गया जो हवाई चप्पल में चलते हैं. विधानसभा चुनाव में वोटों की चोरी हो गई. विरोध कर रहे नेताओं पर तंज कसते हुए पप्पू यादव ने कहा कि जिनकी भावना जैसी है, वह ऐसा काम कर रहे हैं.
"हम उनके संघर्ष में उनके साथ बैठने का काम किए थे, लेकिन आकाश पर थूक फेंकने से कुछ हासिल नहीं होता. ऐसे कार्यकर्ताओं को टिकट दिया गया जो गरीब हैं. चुनाव में खराब प्रदर्शन के कारण वोट चोरी है." -पप्पू यादव, सांसद, पूर्णिया
प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष का इस्तीफा: पार्टी में आरोप प्रत्यारोप के बीच प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष सरवत जहां फातमा ने इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने कहा है कि सोनिया गांधी ने पार्टी में 33% आरक्षण महिलाओं के लिए देने की बात कही है, लेकिन हमारे शीर्ष नेतृत्व के इस निर्णय की अनदेखी प्रदेश नेतृत्व द्वारा क्यों किया गया?

8% महिलाओं को टिकट: चुनाव में केवल 8% महिलाओं को टिकट मिला. महिलाओं को इस कारण टिकट नहीं दिया जा रहा कि महिलाएं चुनाव नहीं जीत सकती है तो पुरुष क्यों नहीं जीते. कांग्रेस की परंपरा रही है कि जो भी प्रदेश में महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष रही हैं, वह चुनाव लड़ी हैं, लेकिन मुझे टिकट नहीं दिया गया.
"मुझे टिकट नहीं दिया गया. मैं आवाज नहीं उठाई, क्योंकि मैं पार्टी के खिलाफ नहीं जा सकती थी, लेकिन जहां तक महिलाओं के अनदेखी का सवाल है, इसी को देखते हुए महिला प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया. पार्टी में बनी रहूंगी और पार्टी को मजबूत करने के लिए संघर्ष करूंगी." -सरवत जहां फातमा
61 में 6 सीटों पर सफलता: बिहार चुनाव 2025 में कांग्रेस ने 61 सीटों पर प्रत्याशियों को उतारा था, लेकिन मात्र 6 सीटों पर जीत मिली. 2020 में 70 सीटों पर चुनाव लड़ा गया था और 19 सीटों पर जीत मिली. कांग्रेस नेता इसबार के खराब प्रदर्शन का कारण टिकट बंटवारा मान रहे हैं.
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