आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का दो दिवसीय उत्तराखंड दौरा, देहरादून में आज कार्यक्रम में लेंगे भाग
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत दो दिवसीय उत्तराखंड प्रवास पर पहुंच गए हैं. यहां आरएसएस प्रमुख तमाम कार्यक्रमों में भाग लेंगे.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : February 22, 2026 at 9:36 AM IST
देहरादून (उत्तराखंड): आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत दो दिवससीय कार्यक्रम के लिए देहरादून पहुंच चुके हैं. आरएसएस प्रमुख मोहन आज समाज के प्रमुख नागरिकों के साथ संवाद करेंगे. वहीं 23 फरवरी को आरएसएस प्रमुख पूर्व सैनिकों के साथ विशेष संवाद कार्यक्रम में शिरकत करेंगे. जिसकी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई थी.
आरएसएस की स्थापना के 100 साल पूरे होने पर पूरे देश भर में कई सम्मेलन किए जा रहे हैं. जिसके तहत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत बीती शाम देहरादून पहुंच गए हैं. यहां मोहन भागवत दो दिन तक अलग-अलग बुद्धिजीवी सम्मेलनों में भाग लेंगे. आरएसएस के प्रांत कार्यवाह दिनेश सेमवाल ने बताया कि साल 1925 में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को हिंदुत्व के विचार को लेकर शुरू किया गया था और संघ की स्थापना के 100 साल पूरे हो गए हैं.
उन्होंने बताया कि ऐसे मौक पर संघ में उत्सव की परंपरा नहीं है, लेकिन संघ अपने आप में विचारों का उत्सव है. उन्होंने बताया कि संघ की शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में और संघ की आगामी शताब्दी के लिए क्या कुछ लक्ष्य होंगे और उसके लिए क्या कुछ तैयारियां हैं, इस पर मंथन होगा. उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में अब तक संघ 13 लाख परिवारों में से जुड़ा है. जिसमें 11 हजार गांव में 2600 ऐसी टोली बनाई गई हैं, जिन्होंने घर-घर संपर्क किया है. इसी क्रम में हिंदू सम्मेलन किए जा रहे हैं. जिन्हें न्यायपंचायत, मंडल और शहरी क्षेत्र में वार्ड स्तर पर किया गया.
इस तरह से उत्तराखंड में आरएसएस ने 712 मंडल और 639 बस्तियों को मिलाकर कुल 1300 इकाईयों में हिंदू सम्मेलन आज पूरे हो जाएंगे. कार्यक्रम के लिए ऐसे लोगों की लिस्ट तैयार की गई है, जो सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रहे हैं. उनसे आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत मुलाकात करेंगे. दिनेश सेमवाल ने बताया कि आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत देहरादून में 22 फरवरी यानि आज जन गोष्ठी और 23 फरवरी को पूर्व सैनिकों के साथ मुलाकात करेंगे. यह कार्यक्रम गढ़ी कैंट में मौजूद कल्चरल हॉल में आयोजित किए जाएंगे. इसके अलावा खंड और नगर स्तर पर भी बुद्धिजीवी लोगों के साथ बातचीत की जाएगी. विद्यार्थियों प्रदेश के पूर्व अधिकारियों के लिए भी कार्यक्रम रखे गए हैं .
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