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रोहित शेट्टी के घर फायरिंग केस: पुलिस को मिली बड़ी सफलता, लॉरेंस गैंग के चार आरोपी झज्जर से गिरफ्तार

रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग मामले के पुलिस ने झज्जर से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. सभी का लॉरेंस गैंग कनेक्शन है.

ROHIT SHETTY HOUSE FIRING CASE
रोहित शेट्टी के घर फायरिंग केस (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : February 16, 2026 at 2:17 PM IST

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झज्जर: झज्जर जिले में बहादुरगढ़ एसटीएफ और मुंबई पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में बड़ी सफलता हाथ लगी है. फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के मुंबई स्थित घर पर हुई फायरिंग मामले में लॉरेंस गैंग के तीन शूटरों समेत कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. ये कार्रवाई मुकदमा नंबर 19/2026 के तहत धारा 109 BNS, 37(1), 37(2) MPA और 3, 25 आर्म्स एक्ट थाना डीसीबी सीआईडी मुंबई में दर्ज मामले में की गई. पुलिस इसे संगठित अपराध के खिलाफ अहम उपलब्धि मान रही है.

रंगदारी के लिए की गई थी फायरिंग: दरअसल, बीते 31 जनवरी की रात मुंबई के जुहू स्थित रोहित शेट्टी के मकान पर रंगदारी के उद्देश्य से फायरिंग की गई थी. घटना के बाद मामले में कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस का नाम सामने आया था. मुंबई पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी. जांच के दौरान सूचना मिली कि वारदात को अंजाम देने वाले शूटर हरियाणा के झज्जर जिले में छुपे हुए हैं, जिसके बाद संयुक्त ऑपरेशन की योजना बनाई गई.

अमादलपुर में दबिश, चार आरोपी गिरफ्तार: सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर राकेश कुमार के नेतृत्व में एसटीएफ बहादुरगढ़ और मुंबई पुलिस की टीम ने माछरौली थाना क्षेत्र के गांव अमादलपुर स्थित एक कंस्ट्रक्शन साइट पर रेड की. यहां से तीन शूटरों और उनके एक सहयोगी को काबू किया गया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रितिक यादव, दीपक, सन्नी और सोनू के रूप में हुई है, जो मूल रूप से आगरा (उत्तर प्रदेश) के निवासी हैं. पुलिस ने आरोपियों को मौके से हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी.

पूछताछ में गैंग कनेक्शन का खुलासा: प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के निर्देश पर फायरिंग की थी. वारदात 31 जनवरी और 1 फरवरी 2026 की दरम्यानी रात को अंजाम दी गई. आरोपी दीपक विदेश में गैंगस्टर आरजू बिश्नोई के संपर्क में था. दीपक, सन्नी और सोनू ने मुंबई में फायरिंग की, जबकि रितिक ने झज्जर में उन्हें शरण देकर छुपाने का काम किया.

आगे की कानूनी कार्रवाई जारी: चारों आरोपियों को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए निरीक्षक सुनील पवार, इंचार्ज डिटेक्शन क्राइम ब्रांच A.E. Cell मुंबई की टीम को सौंप दिया है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ में गैंग के अन्य सदस्यों और नेटवर्क को लेकर कई अहम खुलासे हो सकते हैं. संयुक्त टीम अब मामले की गहराई से जांच कर रही है.

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