बिहार चुनाव में मिली करारी हार के बाद एक्शन में तेजस्वी यादव, RJD नेताओं के साथ समीक्षा बैठक
बिहार चुनाव में मिली करारी हार के बाद तेजस्वी यादव एक्शन मोड में आ गए हैं. आरजेडी नेताओं के साथ समीक्षा बैठक कर रहे हैं.

Published : November 17, 2025 at 3:12 PM IST
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मिली करारी शिकस्त के दो दिन बाद तेजस्वी यादव एक्टिव हो गए हैं. सोमवार को वह अपने सरकारी आवास पर सभी विधायकों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे हैं. इस बैठक में उन उम्मीदवारों को भी बुलाया गया है, जो चुनाव हारे हैं.
आरजेडी की समीक्षा बैठक: तेजस्वी यादव की मौजूदगी में तमाम 25 विधायक और अन्य हारे हुए प्रत्याशियों के साथ आरजेडी की समीक्षा बैठक चल रही है. प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल के अलावे पार्टी के उच्च पदाधिकारी भी इस बैठक में मौजूद हैं.
क्या बोले विधायक?: वहीं बैठक में शामिल होने जा रहे आरजेडी के विधायकों ने कहा कि यह महिलाओं को 10000 रुपये देकर वोट लिए गए हैं. कुछ विधायकों ने कहा कि सरकारी कर्मचारी और अफसरों ने मिलकर एनडीए को जिताया है. वहीं, कुछ विधायक यह कहते हुए नजर आए कि जीविका दीदियों ने महिलाओं को एनडीए की तरफ वोट देने के लिए प्रेरित किया और उसी का परिणाम है कि एनडीए की यह सबसे बड़ी जीत हुई है.

"हमारी पार्टी किस वजह से हारी है, इसकी समीक्षा होगी. सरकारी खजाने से महिलाओं को 10-10 हजार देना कारण रहा या सभी गांव की बेटियां शिक्षित हो गई, ये वजह रही. हमलोग देखेंगे कि क्यों हारे? इसकी हमलोग समीक्षा कर रहे हैं."- कुमार सर्वजीत पासवान, आरजेडी विधायक, बोधगया
25 सीटों पर सिमटा आरजेडी: बिहार चुनाव में आरजेडी का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है. महज 25 सीटों पर जीत मिली है. कई दिग्गज नेताओं को हार का सामना करना पड़ा है. 2010 के बाद यह पार्टी का सबसे खराब प्रदर्शन है. मुश्किल से नेता प्रतिपक्ष का पद बच पाया है.

महागठबंधन को सिर्फ 35 सीटें: आरजेडी के साथ-साथ पूरे महागठबंधन 35 सीटों पर सिमट गया. कांग्रेस को 5 सीटों पर जीत मिली, जबकि सीपीआई माले को 2 सीटों पर सफलता मिली. इसके अलावे सीपीएम और आईआईपी को एक-एक सीट मिली. वहीं वीआईपी और सीपीआई का खाता भी नहीं खुला.
143 सीटों पर लड़ा आरजेडी: राष्ट्रीय जनता दल ने इस बार 143 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे. हालांकि कई सीटों पर कांग्रेस और वीआईपी के साथ फ्रेंडली फाइट भी हुई थी. मोहनियां सीट पर कैंडिडेट का नामांकन खारिज हो गया था. 143 में से सिर्फ 25 सीटों पर जीत मिली.
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