मुश्किल से बचा नेता प्रतिपक्ष का पद, RJD को मिली 2010 जैसी करारी शिकस्त
तेजस्वी यादव की अगुवाई में महागठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा है. बड़ी मुश्किल से नेता प्रतिपक्ष का पद बच पाया है. पढ़ें..

Published : November 14, 2025 at 6:19 PM IST
|Updated : November 14, 2025 at 7:03 PM IST
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का परिणाम आ चुका है. 200 से अधिक सीटों पर जीत के साथ एनडीए एक बार फिर से सरकार बनाने जा रहा है. वहीं दूसरी तरफ आरजेडी को 2010 चुनाव के बाद सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा है. न केवल तेजस्वी यादव का मुख्यमंत्री बनने का सपना टूट बुरी तरह से टूटा, बल्कि बड़ी मुश्किल से नेता प्रतिपक्ष का पद बच पाया है.
मुश्किल से बचा नेता प्रतिपक्ष का पद: 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनने के लिए 10 फीसदी सीट लाना अनिवार्य होता है. ऐसे में 24 सीटों पर जीत जरूरी थी. फिलहाल जो स्थिति है, उससे लगता है कि राष्ट्रीय जनता दल कम से कम 25 सीट लाने में सफल रहेगा. अगर एक-दो सीट नीचे गया तो ये पद भी हाथ से निकल जाएगा.

कड़े मुकाबले में जीते तेजस्वी: महागठबंधन के सीएम कैंडिडेट तेजस्वी यादव खुद वैशाली जिले की राघोपुर विधानसभा सीट से चुनाव जीतने में कामयाब रहे हैं. करीब 14,000 मतों के अंतर से उन्होंने बीजेपी प्रत्याशी सतीश कुमार यादव को हरा दिया है. हालांकि मुकाबला कड़ा था और कई राउंड में वह पीछे चल रहे थे.

तीसरी बार जीते तेजस्वी यादव: आरजेडी नेता तेजस्वी यादव लगातार तीसरी बार राघोपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने हैं. 2015 और 2020 में भी वह जीते थे. तीनों बार उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार सतीश कुमार यादव को ही शिकस्त दी.

2010 के बाद सबसे बड़ी हार: 2010 विधानसभा चुनाव में आरजेडी को सबसे बड़ी हार मिली थी. उस चुनाव में पार्टी महज 21 सीटों पर जीत पाई थी. पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी राघोपुर सीट से उन्हीं सतीश कुमार से हार गईं थीं, जिनको लगातार तीसरी बार तेजस्वी ने हराया है.

आरजेडी का वोट प्रतिशत बरकरार: राष्ट्रीय जनता दल को भले ही दूसरी सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा है लेकिन वोट प्रतिशत के मामले में वह अभी भी नंबर वन पार्टी है. 2025 चुनाव में आरजेडी को 22.86 प्रतिशत वोट मिला है, जबकि बीजेपी को 20.39% और जेडीयू को 19.03 फीसदी मत मिले हैं. हालांकि आरजेडी ने 143 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, जबकि बीजेपी-जेडीयू 101-101 सीटों पर लड़े थे.

ये भी पढ़ें:
राजनीति से संन्यास लेंगे प्रशांत किशोर? नीतीश कुमार पर भविष्यवाणी की लेकिन खुद 0 पर निपट गए
AIMIM की बल्ले बल्ले, सीमांचल में तेजस्वी यादव की काट ली पतंग, इतनी सीटों पर जीते ओवैसी
लोकसभा में 100% और अब विधानसभा में 85 फीसदी का स्ट्राइक रेट, बिहार चुनाव में छा गए चिराग

