ट्रेन का फर्स्ट एसी भी सुरक्षित नहीं, कोच में सो रहे यात्री की नाक चूहे ने कुतरी
चंडीगढ़ से फर्स्ट एसी में इंदौर आ रहा था यात्री, सोते वक्त चूहे ने कुतरी नाक, रेलवे ने दी सफाई. सिद्धार्थ माछीवाल की रिपोर्ट.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : August 24, 2026 at 4:31 PM IST
|Updated : August 24, 2026 at 5:00 PM IST
इंदौर: ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच भी चूहों के लिहाज से सुरक्षित नहीं है. मध्य प्रदेश के इंदौर से हिमाचर की ओर जाने वाली ये घटना घटी है. हाल ही में ऊना हिमाचल एक्सप्रेस के एसी कोच में एक यात्री की नाक चूहे द्वारा कुतरने का मामला सामने आया है, जिसकी शिकायत के बाद रेलवे को बुजुर्ग यात्री का इलाज करना पड़ा.
चंडीगढ़ से इंदौर आ रहे यात्री को चूहे ने काटा
हिमाचल से इंदौर आने वाली ट्रेन क्रमांक 19308 के फर्स्ट एसी कोच में सीट नंबर 2, 3 व 4 पर विजय करण नामक यात्री अन्य लोगों के साथ सफर कर रहे थे. 22 अगस्त को चंडीगढ़ से इंदौर लौटते वक्त रात में उन्हें एक चूहे ने नाक पर काट लिया. इस घटना से घबराए यात्री ने तत्काल मामले की शिकायत एक्स पर रेल मंत्रालय को की, जिसके बाद सक्रिय हुए मंत्रालय के अधिकारियों ने तत्काल यात्री के इलाज के निर्देश दिए.
यात्री के लिए तत्काल पहुंचाया गया चिकित्सा दल
मंत्रालय से निर्देश मिलते ही ट्रेन के आगरा पहुंचने तक चिकित्सा दल की टीम ने यात्री का प्राथमिक इलाज किया और उन्हें दवाइयां दीं. इधर इस मामले में अब रेल मंत्रालय की ओर से सफाई दी गई है कि ट्रेन के इंदौर से रवाना होने के पहले ही रोडेंट टेस्ट और अन्य पेस्ट कंट्रोल किए गए थे. इसलिए ट्रेन के रवाना होने के दौरान ऐसी कोई शिकायत नहीं आई थी, ट्रेन के हिमाचल से इंदौर लौटते वक्त चूहा कैसे घुसा यह जांच का विषय है. बताया जा रहा है कि जिस यात्री को चूहे ने नाक में काटा है वे 78 वर्षीय एक रिटायर्ड अधिकारी हैं और उन्होंने बाद में इंदौर पहुंचकर कोकिलाबेन हॉस्पिटल में रेबीज का इंजेक्शन भी लगवाया है.
रेलवे ने कहा- ट्रेन में बाहर से घुसा होगा चूहा
इस मामले में रतलाम मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने कहा, '' मंत्रालय की ओर से मिले निर्देशों के बाद तत्काल यात्री का उपचार कराया गया. उसके बाद इस मामले का निराकरण कर दिया गया है. फर्स्ट एसी कोच में किसी स्टेशन पर गाड़ी खड़ी होने के दौरान चूहे ने प्रवेश किया होगा, क्योंकि एसी कोच के केबिन में ऐसा संभव नहीं है. संबंधित ट्रेन (19307) इंदौर से संचालित होती है और यहां से रवाना होने से पहले कोच का पूरी तरह से मेंटेनेंस, साफ-सफाई और रोडेंट व पेस्ट कंट्रोल किया जाता है.''
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जनसंपर्क अधिकारी ने आगे कहा, '' इस ट्रेन के इंदौर से रवाना होने के दौरान ऐसी कोई शिकायत सामने नहीं आई थी. यात्रा के दौरान भी इंदौर से हिमाचल सफर के दौरान किसी यात्री ने चूहे को लेकर शिकायत नहीं की. यात्री चंडीगढ़ से यात्रा कर रहे थे और शिकायत वापसी के दौरान सामने आई. ऐसे में संभावना है कि यात्रा के बीच किसी स्टेशन पर कोच का केबिन या दरवाजा खुला रहने से चूहा अंदर पहुंचा हो. ये दुर्भाग्यपूर्ण घटना है.

