उत्तराखंड के नंधौर वन्यजीव अभयारण्य में नजर आए दुर्लभ ऊदबिलाव, पर्यावरण के लिए शुभ संकेत
उत्तराखंड वन विभाग में उस वक्त खुशी की लहर दौड़ गई, जब नंधौर वन्यजीव अभयारण्य में दुर्लभ वन्यजीव ऊदबिलाव कैमरे में कैद हुए.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : February 19, 2026 at 3:47 PM IST
नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल जिले के नंधौर वन्यजीव अभयारण्य में वन विभाग के कैमरे में दुर्लभ वन्यजीव ऊदबिलाव कैद हुए हैं. अभयारण्य क्षेत्र में इस जलीय जीव की मौजूदगी को वन्यजीव संरक्षण की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अधिकारियों की मानें तो नदी-नालों के आसपास लगाए गए कैमरों में ऊदबिलाव की गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं. जो संकेत दे रहा है कि क्षेत्र का जलस्रोत और पारिस्थितिकी तंत्र स्वस्थ स्थिति में है.
नंधौर वन्यजीव अभयारण्य में ऊदबिलाव आए नजर: दरअसल, उत्तराखंड वन विभाग के लिए अच्छी खबर सामने आई है. वन विभाग की ओर से नंधौर वन्यजीव अभयारण्य में जैव विविधता की निगरानी के लिए लगाए गए कैमरा ट्रैप ऊदबिलाव की तस्वीरें कैद हुई है तो वनकर्मियों ने उनका वीडियो भी मोबाइल से बनाया है. ऊदबिलाओं की मौजूदगी से वन विभाग के अधिकारी गदगद नजर आ रहे हैं तो वन्यजीव प्रेमियों में खुशी की लहर है.
अर्ध जलीय स्तनधारी जीव है ऊदबिलाव: बता दें कि ऊदबिलाव एक अर्ध जलीय स्तनधारी जीव है, जो स्वच्छ जलस्रोतों और समृद्ध जलीय पारिस्थितिकी तंत्र का सूचक माना जाता है. जो झींगे, मछली, मेंढ़क और अन्य जीवों को खाता है. विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी वन क्षेत्र में ऊदबिलाव की मौजूदगी वहां की नदियों और जलधाराओं की स्वच्छता और खाद्य श्रृंखला की मजबूती को दर्शाती है. नंधौर अभयारण्य तराई-भाबर क्षेत्र में स्थित है और यहां से होकर कई छोटी-बड़ी नदियां बहती हैं.

वन विभाग की लोगों से अपील: वन अधिकारियों के मुताबिक, हाल के सालों में संरक्षण और निगरानी प्रयासों को मजबूत किया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं. वन विभाग ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों में प्रदूषण न फैलाएं और वन्यजीवों के संरक्षण में सहयोग करें. ताकि, इस तरह की दुर्लभ प्रजातियों का प्राकृतिक आवास सुरक्षित रह सके. हालांकि, पहले भी ऊदबिलाव देखे गए हैं, लेकिन इस बार कैमरे में कैद हुए हैं.
"नंधौर वन्यजीव अभयारण्य में पहले कभी ऊदबिलाव की गतिविधियां मोबाइल कैमरे में कैद नहीं हुई थी. पहली बार वन विभाग की टीम ने ऊदबिलाव के झुंड को कैमरे में कैद किया है. उनका वीडियो बनाया है. अभयारण्य में ऊदबिलाव समेत अन्य वन्यजीवों की गतिविधियों का जिक्र होता है, लेकिन पहली बार टीम ने कैमरे में ऊदबिलाव को कैद किया है."- कुंदन कुमार, डीएफओ, हल्द्वानी वन प्रभाग
"ऊदबिलाव को आईयूसीएन यानी इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (IUCN) की कैटेगरी में संकटग्रस्त प्रजाति में रखा गया है. ऊदबिलाव की मौजूदगी फ्रेश वाटर में होती है और इन्हीं वाटर की मछलियां, मेंढ़क आदि इनका भोजन होती है."- कुंदन कुमार, डीएफओ, हल्द्वानी वन प्रभाग
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