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रमजान का चांद दिखा, पहला रोजा बृहस्पतिवार को

इस साल रमजान महीने की शुरुआत गुरुवार से हो रही है. चांद दिखने की पुष्टि हो चुकी है.

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By PTI

Published : February 18, 2026 at 8:09 PM IST

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नई दिल्ली : देश में रमजान के महीने का आगाज गुरुवार से होगा. आसमान में बादल छाए रहने के कारण दिल्ली-एनसीआर में चांद के दीदार नहीं हुए हैं, लेकिन देश के कई हिस्सों में चांद दिखने की पुष्टि हुई है. धर्म गुरुओं ने बुधवार को यह जाकारी दी.

चांदनी चौक स्थित फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम मौलाना मुफ्ती मुकर्रम अहमद ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर व हरियाणा के कई हिस्सों में सुबह से ही बादल छाए हुए थे और बारिश हो रही थी जिस वजह से यहां चांद नजर नहीं आया. उन्होंने कहा कि बिहार के पटना और औरंगाबाद तथा झारखंड के कई हिस्सों में आम तौर पर रमजान का चांद देखे जाने की पुष्टि हुई है.

उन्होंने कहा कि लिहाजा यह तय किया गया है कि पहला रोजा 19 फरवरी यानी बृहस्पतिवार को होगा. इस्लाम में एक महीना 29 या 30 दिन का होता है. महीने के दिनों की संख्या चांद दिखने पर निर्भर करती है.

अहमद ने कहा कि बुधवार को इस्लामी कलेंडर के आठवें महीने ‘शाबान’ की 30 तारीख है. जामा मस्जिद के शाही नायब इमाम सैयद शाबान बुखारी ने एक बयान में कहा कि आज रमजान-उल-मुबारक का चांद नज़र आया गया है लिहाजा ऐलान किया जाता है कि 19 फरवरी को पहला रोजा होगा.

मुस्लिम संगठन इमारत-ए-शरिया हिंद ने एक बयान में बताया कि दिल्ली में आसमान के बादलों से ढका होने के कारण चांद नहीं दिखा, लेकिन देश के विभिन्न हिस्सों से चांद दिखने की प्रमाणिक सूचनाएं प्राप्त हुई हैं.

बयान के मुताबिक, इनके आधार पर तय किया गया है कि बृहस्पतिवार को रमजान के महीने की पहली तारीख है यानी पहला रोजा है. रमजान का चांद दिखने के बाद अगले दिन से पवित्र महीने का आगाज हो जाता है और अगले 30 दिन तक मुसलमान सूर्योदय से सूर्यास्त तक खाते-पीते नहीं है.

साथ में शाम में मस्जिदों में विशेष नमाज़ अदा की जाती है जिसे ‘तराहवी’ कहा जाता है। इस नमाज में पूरे कुरान का पाठ किया जाता है.

रमज़ान की समयसारणी के मुताबिक, दिल्ली में बृहस्पतिवार को पहले रोजे की सहरी (सूरज निकलने से पहले खाना-पीना) का वक्त सुबह 5.26 बजे खत्म होगा तथा इफ्तार (रोजा खोलना) का वक्त शाम 6.16 पर है.

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