राज्यसभा में 71 सीटें होंगी खाली, BSP साफ तो 6 केंद्रीय मंत्रियों का भविष्य दांव पर!
2026 में देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं. इस वजह से राज्यसभा चुनाव काफी अहम हैं.

Published : January 8, 2026 at 4:15 PM IST
हैदराबाद : वर्ष 2026 में देश में होने वाले राज्यसभा चुनाव काफी महत्वपूर्ण हैं. इस साल राज्यसभा की 71 सीटों खाली होंगी, जिन पर चुनाव होगा. वहीं कई राज्यों में विधानसभा के भी चुनाव होंगे. इतना ही नहीं राज्यसभा सो इस साल कई दिग्गज नेता रिटायर होंगे. साथ ही छह केंद्रीय मंत्रियों का कार्यकाल भी इसी साल समाप्त हो रहा है. लिहाजा लोगों की नजरें केंद्रीय मंत्रिपरिषद में फेरबदल को लेकर भी लगी रहेंगी.
लोकसभा के बाद अब राज्यसभा में भी बसपा जीरो
राज्यसभा चुनाव के लिहाज से सबसे खराब स्थिति मायावती की बहुजन समाज पार्टी (BSP) की होगी. क्योंकि लोकसभा के बाद अब राज्यसभा में बसपा की एक भी सीट नहीं होगी. दूसरी तरफ विपक्ष की शक्ति भी सदन में कम होगी. यानी दोनों सदनों में बसपा का कोई सांसद नहीं रहेगा. 1984 में बीएसपी की स्थापना के बाद 1989 से लगातार संसद में बीएसपी का प्रतिनिधित्व रहा है. यानी 1989 के बाद से पहली बार ऐसा होगा जब बीएसपी का कोई सांसद ही नहीं रहेगा.

केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी और बीएल वर्मा यूपी से राज्यसभा सांसद
केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी और बीएल वर्मा यूपी से भाजपा के राज्यसभा सांसद हैं. दोनों नेताओं का राज्य सभा कार्यकाल इस साल नवंबर तक है. अब अहम यह होगा कि इनकी वापसी हो पाती है या फिर नहीं. हालांकि राज्यसभा से रिटायरमेंट के वक्त पुरी की उम्र 75 वर्ष के करीब पहुंच रही होगी. वहीं बिट्टू राजस्थान और कुरियन मध्य प्रदेश से सांसद हैं.

रिटायर होने वाले 71 में से सबसे अधिक 30 सांसद भाजपा के
आंकड़ों के मुताबिक 71 सीटों में सबसे ज्यादा 30 सांसद भाजपा के हैं. वहीं राज्य सभा में इस समय भाजपा के 103 सांसद हैं. इस वर्ष के अंत तक राज्य सभा के चुनाव के बाद इस संख्या में इजाफा हो सकता है.
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे भी होंगे रिटायर
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत आठ सांसद भी रिटायर हो जाएंगे. इनके अलावा क्षेत्रीय दलों के सांसद सदन से रिटायर होंगे जिनमें भाजपा के सहयोगी दलों के सांसद भी शामिल हैं. वहीं पश्चिम बंगाल से 5 सांसद अप्रैल में रिटायर होंगे. ये सभी तृणमूल कांग्रेस के हैं. इसके अलावा चुनावी राज्य तमिलनाडु से भी छह सांसद अप्रैल में रिटायर होंगे. जबकि असम से तीन सांसद इस साल अप्रैल में रिटायर हो जाएंगे. इन तीनों ही राज्यों में इसी वर्ष विधानसभा के चुनाव होने हैं.

राज्यवार खाली होने वाली प्रमुख सीटें
- बिहार: 5 सीटें (अप्रैल)
- उत्तर प्रदेश: 10 सीटें (नवंबर)
- महाराष्ट्र: 7 सीटें (अप्रैल)
- पश्चिम बंगाल: 5 सीटें
- तमिलनाडु: 6 सीटें
- आंध्र प्रदेश: 4 सीटें
- झारखंड: 2 सीटें
- तेलंगाना: 1 सीट
इसके अलावा मध्य प्रदेश, असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ से भी सीटें खाली होंगी.

युवा होती मोदी मंत्रिपरिषद, वरिष्ठों पर बढ़ता दबाव
भाजपा के भीतर नितिन नवीन जैसे युवा नेताओं के आने के दौरान देखा गया है कि मोदी सरकार हर कैबिनेट विस्तार और फेरबदल में मंत्रिपरिषद की औसत उम्र कम करती जा रही है.
- 2014: औसत आयु – 62 वर्ष
- 2019: औसत आयु – 60 वर्ष
- 2024: औसत आयु – 58 वर्ष
राजनीतिक कयास यह भी लगाए जा रहे हैं आने वाले फेरबदल में यह औसत उम्र और घट सकती है. लिहाजा 2026 में राज्यसभा से रिटायर हो रहे वरिष्ठ मंत्रियों के भविष्य को लेकर संशय बरकरार है.

राज्यसभा में संख्या बल
- एनडीए: 129 सांसद
- विपक्ष: 78 सांसद
बिहार की 4 सीटें NDA को मिलेंगी
विधानसभा में बदल चुके समीकरण के बाद अबकी बार बिहार के 4 सीटें एनडीए को मिलेंगी. जबकि पांचवीं सीट पर एनडीए की दावेदारी काफी मजबूत रहेगी. ऐसे में एनडीए के घटक दल में उपेन्द्र कुशवाहा, जीतन राम मांझी की पार्टियां दबाव बढ़ाने में लगी हैं. राजनीतिक अनुमान के मुताबिक महाराष्ट्र में महायुति को 6 सीटें विपक्ष को एक सीट मिल सकती है. इसी प्रकार कर्नाटक में 4 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होंगे. यहां 3 सीटें कांग्रेस के खाते में एक सीट विपक्ष जीत सकता है. भाजपा अपने नेता को भेजेगी या जेडीएस को समर्थन देगी, इस पर निर्णय लिया जाना शेष है.
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