बड़ी कार्रवाई : सीआईडी इंटेलिजेंस ने ISI एजेंट को औरंगाबाद से किया गिरफ्तार, दो जासूसों को रकम भेजने का खुलासा
राजस्थान पुलिस की सीआईडी ने इस साल पहले भी दो जासूस गिरफ्तार किए हैं, जो सेना की गोपनीय सूचनाएं पाकिस्तान भेजते थे.

Published : July 1, 2026 at 8:17 PM IST
जयपुर: राजस्थान पुलिस की सीआईडी (इंटेलिजेंस) शाखा ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी (आईएसआई) के लिए फंडिंग नेटवर्क संचालित करने वाले एक एजेंट को गिरफ्तार कर देश विरोधी गतिविधियों के एक महत्वपूर्ण नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. गिरफ्तार आरोपी जासूसी गतिविधियों में शामिल लोगों तक आईएसआई की ओर से धनराशि पहुंचाने का काम करता था. उसे सीआईडी इंटेलिजेंस ने औरंगाबाद से गिरफ्तार किया है. उससे शुरुआती पूछताछ में कई चौंकाने वाली जानकारी मिली है. अब सीआईडी इंटेलिजेंस उसे गुरुवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी.
इस साल पकड़े गए दो जासूस, जांच में खुलासा: एडीजी (इंटेलिजेंस) प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि सीआईडी (इंटेलिजेंस) राजस्थान ने इस साल फरवरी में शासकीय गुप्त बात अधिनियम, 1923 के तहत दर्ज मुकदमे में जैसलमेर निवासी झबरा राम और असम के डिब्रूगढ़ एयरफोर्स स्टेशन पर एमटीएस पद पर कार्यरत सुमित कुमार को भारतीय सेना से संबंधित गोपनीय सूचनाएं पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (आईएसआई) के हैंडलर्स तक पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार किया था.
चार साल से आईएसआई हैंडलर के संपर्क में था आरोपी: मामले की गहन जांच के दौरान सामने आया कि दोनों आरोपियों को आईएसआई की ओर से जासूसी के बदले धनराशि रफीक चांद शेख पुत्र चांद मियां शेख (41) निवासी हरसुल जिला औरंगाबाद (महाराष्ट्र) के माध्यम से भेजी गई थी. अपनी जांच आगे बढ़ाते हुए सीआईडी (इंटेलिजेंस) ने रफीक चांद शेख से पूछताछ की. जिसमें खुलासा हुआ कि वह पिछले लगभग चार साल से आईएसआई के एक हैंडलर के संपर्क में था.
अलग-अलग बैंक खातों का करता था इस्तेमाल: सोशल मीडिया के माध्यम से जुड़े इस नेटवर्क के निर्देश पर उसने अपने नाम और अन्य व्यक्तियों के नाम से अलग-अलग बैंक खाते खुलवाकर जासूसी गतिविधियों में शामिल लोगों तक धनराशि पहुंचाई. जांच में यह प्रमाणित होने पर कि रफीक चांद शेख पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के फंडिंग एजेंट के रूप में कार्य कर रहा था, सीआईडी (इंटेलिजेंस) राजस्थान ने उसे गिरफ्तार कर लिया. अब अनुसंधान जारी है तथा आईएसआई के इस वित्तीय नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों एवं लेन-देन की भी गहन जांच की जा रही है.

