DigiFest Rajasthan : स्मृति ईरानी ने AI में महिलाओं की खामियों पर जताई चिंता, कहा- सिस्टम ज्यादा पुरुषों के डेटा पर आधारित
राजस्थान डिजिफेस्ट के दूसरे दिन स्मृति ईरानी ने सार्वजनिक जीवन, नेतृत्व, स्टार्टअप मेंटरशिप और सोशल इम्पैक्ट से जुड़े अहम मुद्दों पर खुल कर बात की.

Published : January 5, 2026 at 1:39 PM IST
जयपुर: राजधानी जयपुर में आयोजित राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट के दूसरे दिन सोमवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के साथ फायरसाइड चैट का आयोजन किया गया. 'लीडरशिप बियॉन्ड लेबल्स' विषय पर हुई इस बातचीत में उन्होंने सार्वजनिक जीवन, नेतृत्व, स्टार्टअप मेंटरशिप और सोशल इम्पैक्ट से जुड़े अहम मुद्दों पर अपने खुल कर विचार रखे. स्मृति ईरानी एआई सिस्टम में महिलाओं की खामियों पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि एआई सिस्टम ज्यादा पुरुषों के डेटा पर आधारित है, जिसमें कुछ सुधार की आवश्यकता है. ईरानी ने कहा कि अब तक वह दो स्टार्टअप्स को गाइड कर चुकी हैं. इनमें से एक स्टार्टअप की वैल्यूएशन करीब 200 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है. जबकि दूसरा स्टार्टअप हेल्थ सेक्टर से जुड़ा है, जिसमें बिल गेट्स ने निजी पूंजी से निवेश किया है.
एआई सिस्टम में महिलाओं की खामियों पर चिंता : स्मृति ने कहा कि उनका फोकस केवल महिला उद्यमियों तक सीमित नहीं है, बल्कि माइक्रो और स्मॉल बिजनेस को मजबूत करना भी उनकी प्राथमिकता है. MSME सेक्टर की वेंचर कैपिटल तक पहुंच बढ़ाने के लिए वह सक्रिय रूप से काम कर रही हैं. उन्होंने बताया कि उनके द्वारा गाइड किए गए एक स्टार्टअप ने महज एक साल में 9 शहरों में विस्तार किया और 150 करोड़ रुपये से अधिक का GMV हासिल किया. अलग-अलग सेक्टर्स और ट्रेड एसोसिएशन को एक मंच पर लाना इस पहल की बड़ी ताकत रही है.
स्मृति ईरानी ने कहा कि 'सबका साथ, सबका विकास' के साथ अब 'सबका प्रयास' भी उतना ही जरूरी है. उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर भी गंभीर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि एआई डेटा के आधार पर काम करता है, लेकिन डेटा से जुड़ी कई मूलभूत समस्याएं हैं, खासकर महिलाओं के संदर्भ में. उन्होंने एक अध्ययन का उदाहरण देते हुए बताया कि मोटर व्हीकल सेक्टर में किए गए शोध में सामने आया कि एक्सीडेंट के दौरान महिलाओं को 44 प्रतिशत अधिक शारीरिक नुकसान होने की संभावना रहती है. इसका कारण यह है कि सुरक्षा प्रक्रियाओं और प्रोटोकॉल की जांच के लिए जिन एआई सिस्टम का उपयोग किया जाता है, वे मुख्य रूप से पुरुषों के डेटा पर आधारित होते हैं.
दो स्टार्टअप्स, ठोस नतीजे : स्मृति ईरानी ने बताया कि उन्होंने अब तक दो स्टार्टअप्स को सीधे तौर पर मेंटरशिप दी है, इनमें से एक स्टार्टअप आज लगभग 200 करोड़ रुपये के वैल्यूएशन तक पहुंच चुका है. उनके अनुसार, यह इस बात का संकेत है कि रणनीतिक मार्गदर्शन और सही निर्णय लेने में उनकी मेंटरशिप ने स्टार्टअप को मजबूत दिशा दी. दूसरा स्टार्टअप हेल्थ सेक्टर से जुड़ा है, जिसे बिल्कुल शुरुआती स्तर से खड़ा किया गया. यह भारत के शुरुआती हेल्थ स्टार्टअप्स में से एक है, जिसमें माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने अपनी निजी पूंजी से निवेश किया है. स्मृति ईरानी ने इसे भारतीय इनोवेशन के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया.
'सबका प्रयास' से बनेगा मजबूत भारत : स्मृति ईरानी ने कहा कि अलग-अलग सेक्टर्स, ट्रेड एसोसिएशन और मार्केट संगठनों को एक मंच पर लाकर साथ काम करवाना उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है. इस पहल में गेट्स फाउंडेशन का सहयोग मिल रहा है, जबकि टाटा ट्रस्ट के साथ भी बातचीत चल रही है. इसके अलावा, डेलॉयट इस पूरे प्रयास में नॉलेज पार्टनर के रूप में जुड़ा हुआ है. स्मृति ईरानी ने कहा कि अगर भारत को दुनिया में आगे ले जाना है, तो केवल 'सबका साथ, सबका विकास' का नारा पर्याप्त नहीं है. इसके साथ 'सबका प्रयास' भी जरूरी है, जहां समाज और पॉलिसी मिलकर एक-दूसरे को मजबूत करें. उन्होंने कहा कि यही साझा प्रयास भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है.
मेरी जीत, हार में लिखी है : ईरानी ने अपने अनुभवों के आधार पर नेतृत्व की चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि महिलाएं तकनीक, नीति, स्टार्टअप और सार्वजनिक क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं. उन्होंने अपने जीवन की यात्रा पर खुलकर चर्चा करते हुए बताया कि कैसे विभिन्न क्षेत्रों में प्रवेश किया और जीवन भर मल्टीटास्किंग की क्षमता विकसित की. उन्होंने चुनाव हारने के अनुभवों पर भी ईमानदारी से चिंतन किया और बताया कि इनसे उन्हें क्या सीख मिली. उन्होंने कहा कि उनकी जीत, जीत में नहीं, बल्कि हार में है. हार ने उनकी किस्मत लिखी है. उन्होंने कहा कि हार या जीत को महिला से नहीं जोड़ा जाना चाहिए. यह लैंगिक समानता का विषय है. उन्होंने कहा कि अपना जीवन सार्वजनिक भलाई के लिए समर्पित किया है. ईरानी ने भारत में महिला उद्यमियों के सामने आने वाली वास्तविक चुनौतियों पर बात करते हुए महिलाओं का नेतृत्व करने वाले प्रयासों को समर्थन देने की अपनी प्रेरणा साझा की.

