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त्रिपुरा एंजेल चकमा मर्डर केस, 'नफरत रातों-रात पैदा नहीं होती', राहुल का बीजेपी पर कटाक्ष

त्रिपुरा छात्र एंजेल चकमा की हत्या के मामले में राहुल गांधी का भी बड़ा बयान आया है. उन्होंने इस मामले पर बीजेपी को घेरा है.

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राहुल गांधी (ANI)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : December 29, 2025 at 3:09 PM IST

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Updated : December 29, 2025 at 5:26 PM IST

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देहरादून: राजधानी देहरादून में त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. इस मामले पर अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का भी बयान आया है. राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि देहरादून में एंजेल चकमा और उनके भाई माइकल के साथ जो हुआ, वह एक भयानक नफरत का अपराध है.

राहुल गांधी ने एंजेल चकमा की हत्या के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि नफरत रातों-रात पैदा नहीं होती. सालों से इसे रोज़ बढ़ावा दिया जा रहा है. खासकर हमारे युवाओं को ज़हरीले कंटेंट और गैर-ज़िम्मेदार कहानियों के ज़रिए, जबकि सत्ताधारी BJP के नफरत फैलाने वाले नेताओं द्वारा इसे नॉर्मल बनाया जा रहा है.

देहरादून त्रिपुरा एंजेल चकमा से मारपीट का सीसीटीवी वीडियो (ETV Bharat)

भारत सम्मान और एकता पर बना है, डर और गाली-गलौज पर नहीं. हम प्यार और विविधता का देश हैं. हमें एक ऐसा मरा हुआ समाज नहीं बनना चाहिए, जो अपने साथी भारतीयों को निशाना बनते हुए देखे और चुप रहे. हमें सोचना चाहिए और सामना करना चाहिए कि हम अपने देश को क्या बनने दे रहे हैं? मेरी संवेदनाएं चकमा परिवार, त्रिपुरा और नॉर्थ ईस्ट के लोगों के साथ हैं. हमें आपको अपना साथी भारतीय भाई-बहन कहने पर गर्व है.
-राहुल गांधी, नेता प्रतिपक्ष, लोकसभा-

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का इस मामले पर बयान आया है. उन्होंने भी इस घटना को सिस्टम को शर्मसार करने वाला बताया है.

चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली घटना. त्रिपुरा के एक युवा MBA स्टूडेंट को देहरादून में उसकी पहचान की वजह से चाकू मारकर मार दिया गया. यह सिर्फ़ एक अपराध नहीं है, यह सिस्टम पर एक शर्म है। देश को नस्लवाद और नफ़रत वाले अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और एक राष्ट्रीय कानून की ज़रूरत है. न्याय तुरंत और मिसाल बनने वाला होना चाहिए.
अरविंद केजरीवाल, पूर्व मुख्यमंत्री, दिल्ली

जानिए क्या है पूरा मामला: दरअसल, 24 साल का एंजेल चकमा उत्तराखंड में देहरादून जिले में एमबीए की पढ़ाई करता था. एंजेल चकमा एमबीए फाइनल ईयर में था. एंजेल चकमा का भाई भी देहरादून में ही पढ़ाई करता है. दोनों साथ ही रहते है.

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राहुल गांधी की पोस्ट (@RahulGandhi)

बताया जा रहा है कि 9 दिसंबर को एंजेल चकमा और उसका भाई सेलाकुई बाजार में कुछ सामान लेने गए थे. तभी वहां मौजूद छह लड़कों ने उनके साथ गौली-गलौच की, जिसका दोनों भाइयों ने विरोध किया. आरोप है कि इसी बात पर आरोपी लड़कों ने दोनों भाइयों के साथ मारपीट की. एंजेल चकमा पर धारदार हथियार से हमला भी किया है. गंभीर हालत में एंजेल चकमा को ग्राफिक एरा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान करीब दो हफ्ते बाद 26 दिसंबर सुबह को एंजेल चकमा की मौत हो गई थी.

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त्रिपुरा एंजेल चकमा मर्डर केस (ETV Bharat)

पुलिस ने एंजेल चकमा के भाई की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था. इस मामले में पुलिस ने दो नाबालिग समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था. वहीं एक आरोपी नेपाल फरार हो गया था, जिसकी तलाश में देहरादून पुलिस की एक टीम को नेपाल भेजा गया है.

आरोपियों के नाम:

  1. अविनाश नेगी पुत्र हरीश नेगी निवासी सहसपुर, देहरादून (उम्र 25 वर्ष)
  2. सूरज खवास पुत्र अनिल खवास मूल निवासी मणिपुर, हाल निवासी थाना पटेल नगर, देहरादून (उम्र 18 वर्ष)
  3. सुमित पुत्र प्यारेलाल निवासी तिलवाड़ी, देहरादून (उम्र 25 वर्ष)
  4. यज्ञराज अवस्थी निवासी कंचनपुर, नेपाल (22 साल) फरार
  5. दो नाबालिग आरोपियों को बाल सुधार गृह भेजा गया है.

वहीं, एंजेल चकमा के पिता बीएसएफ (Border Security Force) में है. 27 दिसंबर को त्रिपुरा में ही एंजेल चकमा का अंतिम संस्कार किया है. वहीं आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी एंजेल चकमा के परिजनों से फोन पर बात की और उन्हें आश्वासन दिया कि दोषियों को कड़ी सजा दिलवाई जाएगी.

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Last Updated : December 29, 2025 at 5:26 PM IST