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पुष्कर की होली में घुला 'पुरीम' का रंग: मिडिल ईस्ट की जंग के साये में भी खिलखिला रहे इजरायली चेहरे

​मिडिल ईस्ट में तनाव के बावजूद पुष्कर में होली और इजरायली त्योहार 'पुरीम' का संगम दिख रहा है.

होली और पुरीम की धूम
होली और पुरीम की धूम (फोटो ईटीवी भारत अजमेर)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : March 3, 2026 at 9:03 AM IST

4 Min Read
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​अजमेर : राजस्थान की पवित्र तीर्थ नगरी पुष्कर इन दिनों रंगों के उत्सव और सांस्कृतिक संगम का गवाह बनी हुई है. जहां एक ओर स्थानीय लोग और भारतीय पर्यटक होली के हुड़दंग की तैयारी में हैं, वहीं दूसरी ओर इजरायली पर्यटक अपने पारंपरिक 'पुरीम' (Purim) उत्सव की खुशियां मना रहे हैं. हालांकि, खुशियों के इन रंगों के पीछे मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में छिड़ी जंग की चिंता की लकीरें भी साफ नजर आ रही हैं.

​जंग का असर, रद्द हुईं कई विदेशी बुकिंग : मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध की स्थिति का सीधा असर पुष्कर के पर्यटन उद्योग पर पड़ा है. कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द होने के कारण इस बार होली पर आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या में पिछले साल के मुकाबले कमी देखी गई है. टूरिस्ट गाइड गिरिराज पाराशर बताते हैं कि पुष्कर की होली विश्व प्रसिद्ध है, लेकिन इस बार फ्लाइट्स कैंसिल होने से कई विदेशी मेहमान नहीं पहुंच पाए, जिससे होटल व्यवसाय प्रभावित हुआ है. राहत की बात यह है कि देसी पर्यटकों की भारी आवक ने बाजारों में रौनक बरकरार रखी है. पुष्कर की होली में शामिल होने के लिए 2 हजार से अधिक विदेशी पर्यटक है. इनमें बड़ी संख्या इजरायली पर्यटकों की भी जत्था है.

पुरीम उत्सव की खुशियां (वीडियो ईटीवी भारत पुष्कर)

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होली और पुरीम की धूम : तनावपूर्ण वैश्विक हालातों के बीच भी पुष्कर की गलियों में एकता का संदेश गूंज रहा है. इजरायल से आए पर्यटक अपने त्योहार 'पुरीम' को स्थानीय लोगों के साथ मिलकर मना रहे हैं. 2 मार्च की शाम से शुरू हुआ यह उत्सव 3 मार्च तक जारी रहेगा. इजरायली पर्यटकों के प्रार्थना स्थल 'बेदखबाद' के आसपास के क्षेत्रों में जबरदस्त चहल-पहल है. ढोल-नगाड़ों की थाप पर विदेशी सैलानी एक-दूसरे को गुलाल लगाकर भारतीय संस्कृति में रंगे नजर आ रहे हैं.

​अपनों की चिंता और पुष्कर का सुकून : पुष्कर में मौजूद इजरायली पर्यटकों के दिलों में जहां एक तरफ उत्सव का उत्साह है, वहीं दूसरी तरफ वतन में रह रहे परिजनों की सुरक्षा की गहरी चिंता भी है. पुष्कर में मौजूद इजरायली पर्यटक ईगल किबुतज में रहते हैं, जिनके 5 बच्चे और 14 पोते-पोतियां हैं. टूरिस्ट ईगल बताते हैं कि वे हर घंटे घर फोन कर खैर-खबर लेते हैं. ईगल भावुक होकर कहते हैं, "यह समय हम इजरायलियों के लिए आसान नहीं है, लेकिन यहां के लोग हमें हिम्मत देते हैं."

पुरीम (Purim) उत्सव की खुशियां
पुरीम (Purim) उत्सव की खुशियां (फोटो ईटीवी भारत अजमेर)

​पिछले 24 वर्षों से लगातार पुष्कर आ रही निक्की बताती हैं कि वे अपने साथ कई इजरायली महिलाओं को यहां लाती हैं. निक्की कहती हैं, "हाइफा में मेरा परिवार है, उनके लिए डर तो लगता है, लेकिन पुष्कर की आत्मीयता और यहां के लोगों का प्यार हमें संबल देता है. यहां की होली और लोक संस्कृति अद्भुत है." वहीं पर्यटक माइक भी कामना करते हैं कि यह मुश्किल वक्त जल्द गुजरे और दुनिया में खुशियां लौटें.

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​पर्यटन उद्योग को देसी पर्यटकों से सहारा : पुष्कर होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीण प्रताप सिंह के अनुसार, विदेशी पर्यटकों की बुकिंग रद्द होने के बावजूद अधिकांश होटल और रिजॉर्ट्स फुल हैं. इसका श्रेय भारतीय पर्यटकों को जाता है जो बड़ी संख्या में होली मनाने पुष्कर पहुंचे हैं. कुल मिलाकर, मिडिल ईस्ट का तनाव पर्यटन के आंकड़ों को भले ही प्रभावित कर रहा हो, लेकिन पुष्कर की फिजाओं में आपसी भाईचारे और उल्लास का रंग आज भी उतना ही गहरा है.