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फरीदाबाद के नीमका जेल में कैदी की हत्या, साथी कैदी पर हत्या का आरोप, जांच  जारी

फरीदाबाद नीमका जेल में कैदी अब्दुल रहमान की हत्या कर दी गई.

Faridabad Neemka Jail death
फरीदाबाद के नीमका जेल में कैदी की हत्या (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : February 9, 2026 at 1:47 PM IST

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Updated : February 9, 2026 at 6:43 PM IST

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फरीदाबाद/चंडीगढ़: फरीदाबाद जिले की नीमका जेल में बंद एक कैदी की हत्या का मामला सामने आया है. मृतक की पहचान अब्दुल रहमान के रूप में हुई है, जिस पर आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के गंभीर आरोप थे. रविवार रात जेल के भीतर दो कैदियों के बीच हुए झगड़े के बाद कैदी की मौत हो गई.

जेल में साथी कैदी ने की हत्या: फरीदाबाद की जेल में बंद कैदी अब्दुल रहमान के हत्या मामले में डीजी जेल कार्यालय में कार्यरत अधिकारी एवं जेल संबंधी मामलों के कंसल्टेंट जगजीत सिंह ने बताया कि, "अब्दुल रहमान की हत्या जेल के ही एक अन्य कैदी ने की. उसी के बैरक में साथ में बंद कैदी अरुण चौधरी ही हत्यारोपी है."

फरीदाबाद के नीमका जेल में कैदी की हत्या (Etv Bharat)

कपड़े में पत्थर बांधकर किया था हमला: जगजीत सिंह ने आगे बताया कि, "अरुण चौधरी ने एक कपड़े में पत्थर बांधकर अब्दुल रहमान पर कई बार हमला किया, जिससे उसके सिर में गहरी चोट लगने से उसकी मौत हो गई. हालांकि दोनों के बीच कोई पुरानी रंजिश होने की बात अब तक सामने नहीं आई है. लेकिन असल कारणों का आगामी मजिस्ट्रेट जांच में पता लग सकेगा. हमलावर अरुण चौधरी पर इससे पहले हत्या के प्रयास के तीन मामले दर्ज हैं. जबकि अब्दुल रहमान के खिलाफ फरीदाबाद में एक केस दर्ज था."

आतंकी साजिश के आरोप में था बंद: अब्दुल रहमान को वर्ष 2025 में एसटीएफ ने फरीदाबाद जिले के पालीगांव के जंगलों से गिरफ्तार किया था. जांच एजेंसियों का दावा था कि वह अयोध्या को उड़ाने की साजिश में शामिल था. उसकी गिरफ्तारी हरियाणा पुलिस ने गुजरात एटीएस और केंद्रीय खुफिया एजेंसी आईबी की मदद से की थी. तलाशी के दौरान उसके पास से दो जिंदा हैंड ग्रेनेड भी बरामद किए गए थे, जिन्हें बम निरोधक दस्ते ने निष्क्रिय किया था.

कोर्ट में चल रही थी सुनवाई: गिरफ्तारी के बाद से ही अब्दुल रहमान नीमका जेल में बंद था और उसके खिलाफ मामला कोर्ट में विचाराधीन था.

एसीपी ने दी जानकारी: इस मामले में तिगांव के एसीपी अशोक वर्मा ने कहा कि, "जेल के अंदर क्या हुआ, इसकी जांच न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी." उन्होंने स्पष्ट किया कि यह ज्यूडिशल मैटर है और पुलिस की इसमें कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं है, इसलिए कोई टिप्पणी नहीं की जा सकती."

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Last Updated : February 9, 2026 at 6:43 PM IST