पोकरण में आज होगा वायु शक्ति-2026 युद्धाभ्यास, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कॉम्बैट हेलिकॉप्टर 'प्रचंड' में भरेंगी उड़ान
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दो दिवसीय दौरे पर जैसलमेर पहुंचीं. वे भारतीय वायुसेना के युद्धाभ्यास वायु शक्ति-2026 को देखेंगी.

Published : February 26, 2026 at 8:59 PM IST
|Updated : February 27, 2026 at 7:01 AM IST
जैसलमेर: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरुवार शाम साढ़े सात बजे दो दिवसीय दौरे पर जैसलमेर पहुंचीं. वे भारतीय वायुसेना के सबसे बड़े मेगा युद्धाभ्यास ‘वायु शक्ति-2026’ में भाग लेने आई हैं. इसके साथ ही शुक्रवार को राष्ट्रपति जैसलमेर एयरफोर्स स्टेशन से लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर ‘प्रचंड’ में सवार होकर पूरे युद्धाभ्यास क्षेत्र का हवाई निरीक्षण करेंगी.
जैसलमेर एयरफोर्स स्टेशन पर राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गार्ड ऑफ ऑनर के साथ औपचारिक रूप से राष्ट्रपति का स्वागत किया. स्वागत के बाद राष्ट्रपति का काफिला सीधे आर्मी स्टेशन पहुंचा, जहां उन्होंने रात्रि विश्राम किया. राष्ट्रपति का यह दौरा सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वे पाकिस्तान सीमा के बिल्कुल निकट आयोजित हो रहे देश के सबसे बड़े वायुसेना अभ्यास की साक्षी बनेंगी.
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प्रचंड हेलिकॉप्टर में ऐतिहासिक हवाई निरीक्षण: शुक्रवार सुबह राष्ट्रपति जैसलमेर एयरफोर्स स्टेशन से लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर ‘प्रचंड’ में उड़ान भरकर पूरे युद्धाभ्यास क्षेत्र का विस्तृत हवाई निरीक्षण करेंगी. यह पहला अवसर होगा जब कोई राष्ट्रपति सीमावर्ती एयरस्पेस में स्वदेशी लड़ाकू हेलिकॉप्टर में सह-पायलट के रूप में उड़ान भरेंगी. निरीक्षण के बाद वे वायुसेना स्टेशन पर अधिकारियों और वायुसैनिकों से संवाद करेंगी तथा उनका उत्साहवर्धन करेंगी.
पोकरण में मुख्य युद्धाभ्यास कार्यक्रम: हवाई निरीक्षण के बाद राष्ट्रपति पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज पहुंचेंगी, जहां ‘वायु शक्ति-2026’ का मुख्य प्रदर्शन होगा. यह फायरिंग रेंज अंतरराष्ट्रीय सीमा के अत्यंत निकट स्थित है और यहां समय-समय पर थलसेना व वायुसेना के बड़े-बड़े अभ्यास आयोजित होते रहे हैं.
अत्याधुनिक विमानों दिखाएंगे दम: इस मेगा युद्धाभ्यास में भारतीय वायुसेना अपनी पूरी मारक क्षमता दिखाएगी. Dassault Rafale, Sukhoi Su-30MKI, Boeing AH-64 Apache अटैक हेलिकॉप्टर, Lockheed Martin C-130J Super Hercules और कई स्वदेशी लड़ाकू विमान आकाश में अपनी ताकत प्रदर्शित करेंगे. कुल 77 फाइटर जेट और 43 हेलिकॉप्टर इस अभ्यास में भाग ले रहे हैं. विशेष बल ‘गरुड़ कमांडो’ को युद्ध क्षेत्र में उतारने की क्षमता का भी प्रदर्शन किया जाएगा.
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12 हजार किलो गोला-बारूद होगा इस्तेमाल: वायुसेना अधिकारियों के अनुसार पूरे अभ्यास के दौरान लगभग 12 हजार किलो गोला-बारूद का उपयोग किया जाएगा. इस बार विशेष जोर सटीक प्रहार क्षमता, आधुनिक तकनीक और लोइटरिंग म्यूनिशन (कामिकेज ड्रोन) के प्रदर्शन पर रहेगा. साल 2025 के अभ्यास की तुलना में इस बार गोला-बारूद की मात्रा थोड़ी कम है, लेकिन फोकस ज्यादा सटीकता और स्वदेशी तकनीक पर है.
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था: राष्ट्रपति के दौरे और बड़े सैन्य अभ्यास को देखते हुए जैसलमेर से चांधन तक पूरे क्षेत्र को अस्थायी रूप से ‘नो फ्लाई जोन’ घोषित कर दिया गया है. पुलिस, प्रशासन, बीएसएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं. सीमावर्ती इलाकों में अतिरिक्त निगरानी बढ़ा दी गई है. 24 फरवरी को फुल ड्रेस रिहर्सल आयोजित की गई थी, जिसमें आकाश में गूंजते लड़ाकू विमानों और बमबारी के अभ्यास ने पूरे इलाके को दहला दिया था.
सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति इस आयोजन को और भी गरिमामय बना रही है. उनका यह दौरा न केवल वायुसैनिकों का मनोबल बढ़ाएगा, बल्कि पाकिस्तान सीमा के निकट भारत की अटूट सुरक्षा प्रतिबद्धता का भी मजबूत संदेश देगा. ‘वायु शक्ति-2026’ के माध्यम से भारत पूरी दुनिया को यह दिखाना चाहता है कि उसकी वायुसेना दिन-रात, हर मौसम और हर परिस्थिति में सटीक तथा प्रभावी प्रहार करने में पूरी तरह सक्षम है.
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विशेष यातायात व्यवस्था पुलिस के पुख्ता इंतजाम : ‘वायुशक्ति 2026’ कार्यक्रम को लेकर जिला पुलिस ने व्यापक सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन की तैयारियां पूरी कर ली हैं. कार्यक्रम के दौरान वीवीआईपी एवं वीआईपी मूवमेंट प्रस्तावित होने के मद्देनज़र कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और सुचारू यातायात बनाए रखने के लिए विशेष योजना लागू की गई है. यह आयोजन पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज क्षेत्र में होगा, जहां बड़ी संख्या में दर्शकों और आमजन के पहुंचने की संभावना है.
जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे के निर्देशन में पुलिस बल, यातायात पुलिस और मोबाइल गश्ती दलों की विशेष तैनाती की गई है. एसपी शिवहरे ने बताया कि कार्यक्रम में देश-विदेश से गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति है, ऐसे में सुरक्षा के बहुस्तरीय इंतजाम किए गए हैं. संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस जाब्ता लगाया गया है तथा प्रवेश और निकास बिंदुओं पर सघन जांच की जाएगी.

यह रहेगा निर्धारित यातायात रूट : उन्होंने बताया कि 27 फरवरी को दोपहर 12 बजे से कार्यक्रम समाप्ति तक शहर जैसलमेर से पोकरण की ओर जाने तथा पोकरण से जैसलमेर लौटने वाले वाहनों के लिए विशेष रूट निर्धारित किया गया है. वाहन शहीद जयसिंह चौराहा से आकल फांटा, देवीकोट, रासला, सांकड़ा होते हुए पोकरण पहुंचेंगे। वापसी के लिए भी यही मार्ग निर्धारित किया गया है. इस रूट पर पुलिस की मोबाइल पार्टियां लगातार गश्त करेंगी, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो. शहर जैसलमेर से पोकरण की ओर जाने वाले वाहनों के डायवर्जन के प्रभारी यातायात प्रभारी हुकमाराम होंगे, जबकि पोकरण से जैसलमेर आने वाले वाहनों को निर्धारित रूट पर डायवर्ट कराने की जिम्मेदारी थाना पोकरण के थानाधिकारी भारत सिंह को सौंपी गई है.
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एसपी का अपील और संदेश : एसपी अभिषेक शिवहरे ने कहा, “वायुशक्ति 2026 जैसे महत्वपूर्ण आयोजन के दौरान वीवीआईपी मूवमेंट्स को देखते हुए सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. आमजन की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यातायात की विशेष व्यवस्था की गई है. सभी वाहन चालक निर्धारित रूट का पालन करें और पुलिस प्रशासन का सहयोग करें, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हो सके.” जिला पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें, वैकल्पिक मार्गों की जानकारी पहले से प्राप्त कर लें और यातायात नियमों का पालन करें, जिससे किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचा जा सके.


