ETV Bharat / bharat

रांची में पहली बार होगा डूरंड कप, विश्वस्तरीय आयोजन के लिए सज रहा बिरसा स्टेडियम

रांची में पहली बार होने वाले एशिया के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंट डूरंड कप के लिए युद्धस्तर पर तैयारियां जारी हैं. चंदन भट्टाचार्य की रिपोर्ट.

Durand Cup football
फुटबॉल खेलते खिलाड़ी (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : June 26, 2026 at 3:49 PM IST

5 Min Read
Choose ETV Bharat

रांची: झारखंड की राजधानी रांची पहली बार देश के सबसे प्रतिष्ठित और एशिया के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंट डूरंड कप 2026 की मेजबानी करने जा रही है. आगामी 26 जुलाई से शुरू होने वाला यह ऐतिहासिक टूर्नामेंट राज्य के खेल इतिहास में एक नई उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है. पहली बार झारखंड को इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी मिलने से खेल प्रेमियों में उत्साह का माहौल है. राज्य सरकार, खेल विभाग, भारतीय सेना और आयोजन समिति इस आयोजन को सफल बनाने के लिए युद्धस्तर पर तैयारियों में जुटी हुई है.

एशिया का सबसे पुराना और दुनिया का पांचवां सबसे पुराना फुटबॉल टूर्नामेंट

डूरंड कप केवल एक फुटबॉल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि भारतीय खेल परंपरा और सैन्य गौरव का प्रतीक माना जाता है. वर्ष 1888 में शुरू हुआ यह टूर्नामेंट एशिया का सबसे पुराना और दुनिया का पांचवां सबसे पुराना फुटबॉल टूर्नामेंट है. इसकी शुरुआत तत्कालीन ब्रिटिश भारत की ग्रीष्मकालीन राजधानी शिमला में हुई थी. इस प्रतियोगिता का नाम तत्कालीन भारत के विदेश सचिव सर हेनरी मोर्टिमर डूरंड के नाम पर रखा गया था. वर्तमान में इसका आयोजन डूरंड फुटबॉल टूर्नामेंट सोसाइटी (DFTS) और अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) के संयुक्त तत्वावधान में किया जाता है.

जानकारी देते संवाददाता चंदन भट्टाचार्य (ETV Bharat)

कई नामी खिलाड़ी बन चुके हैं इस टूर्नामेंट का हिस्सा

डूरंड कप में हर वर्ष इंडियन सुपर लीग (ISL) के प्रमुख क्लब, शीर्ष आई-लीग की टीमें तथा भारतीय सशस्त्र बलों की फुटबॉल टीमें हिस्सा लेती हैं. टूर्नामेंट के इतिहास में मोहन बागान और ईस्ट बंगाल सबसे सफल क्लबों में शामिल हैं. इस प्रतियोगिता को भारतीय फुटबॉल सत्र की शुरुआत का प्रतीक भी माना जाता है और देश के कई नामी खिलाड़ी इसी मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं.

तैयारियां अंतिम चरण में

रांची में पहली बार इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के आयोजन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं. पर्यटन, कला, संस्कृति, खेल एवं युवा कार्य विभाग के सचिव मुकेश कुमार की अध्यक्षता में कई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं. इन बैठकों में खेल निदेशक छवि रंजन, संस्कृति निदेशक आसिफ एकराम तथा भारतीय सेना के नोडल अधिकारी कर्नल हेम चंद्र सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए. बैठक में आयोजन से जुड़ी प्रत्येक व्यवस्था की समीक्षा करते हुए समय पर सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं.

Durand Cup football
फुटबॉल खेलते खिलाड़ी (ETV Bharat)

बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम हो रहा है तैयार

मैचों के आयोजन के लिए बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम को नया स्वरूप दिया जा रहा है. स्टेडियम की पिच को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है. फ्लडलाइट, ड्रेसिंग रूम, मीडिया सेंटर, खिलाड़ियों के विश्राम कक्ष तथा अन्य तकनीकी सुविधाओं का भी उन्नयन किया जा रहा है. स्टेडियम परिसर में रंग-रोगन का कार्य तेजी से चल रहा है, जबकि दर्शकों के बैठने के लिए कुर्सियों की मरम्मत और आवश्यक स्थानों पर नई सीटें भी लगाई जा रही हैं.

आयोजन के दौरान खिलाड़ियों, अधिकारियों और देशभर से आने वाले दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यापक सुरक्षा और यातायात व्यवस्था भी तैयार की जा रही है. होटल, परिवहन, पार्किंग, प्रवेश और निकास द्वारों की व्यवस्था को बेहतर बनाया जा रहा है ताकि दर्शकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े. आयोजन स्थल पर चिकित्सा सुविधाएं, आपातकालीन सेवाएं और सुरक्षा बलों की पर्याप्त तैनाती भी सुनिश्चित की जाएगी.

उद्घाटन समारोह होगा आकर्षण का केंद्र

डूरंड कप 2026 का उद्घाटन समारोह भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र होगा. समारोह में भारतीय सशस्त्र बलों के जवानों द्वारा साहसिक और रोमांचक प्रदर्शन किया जाएगा. सेना के बैंड की देशभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुति समारोह की विशेष पहचान होगी. इसके साथ ही झारखंड की समृद्ध जनजातीय और लोक संस्कृति को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने के लिए स्थानीय कलाकार पारंपरिक नृत्य और संगीत की रंगारंग प्रस्तुति देंगे. आयोजन के माध्यम से झारखंड की सांस्कृतिक पहचान को भी पूरे देश के सामने प्रदर्शित करने का प्रयास किया जाएगा.

झारखंड में फुटबॉल को नई पहचान

राज्य सरकार का मानना है कि डूरंड कप की मेजबानी मिलने से झारखंड में फुटबॉल को नई पहचान मिलेगी. इससे राज्य के युवा खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय फुटबॉल देखने और उससे सीखने का अवसर मिलेगा. साथ ही खेल पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और भविष्य में राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर की अन्य खेल प्रतियोगिताओं की मेजबानी का मार्ग भी प्रशस्त होगा.

खेल निदेशक तैयारी में जुटे

खेल निदेशक छवि रंजन ने कहा कि डूरंड कप जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का आयोजन झारखंड के लिए गर्व का विषय है. इसे सफल बनाने के लिए हर स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं. उनका कहना है कि आयोजन के दौरान खिलाड़ियों और दर्शकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा.

रांची में पहली बार आयोजित

रांची में पहली बार आयोजित होने जा रहा डूरंड कप 2026 केवल एक फुटबॉल टूर्नामेंट नहीं, बल्कि झारखंड के खेल विकास, खेल संरचना और राष्ट्रीय स्तर पर राज्य की नई पहचान का प्रतीक बनने जा रहा है. यदि यह आयोजन सफल रहता है, तो आने वाले वर्षों में रांची देश के प्रमुख खेल आयोजनों की मेजबानी करने वाले शहरों की सूची में और मजबूती से अपनी जगह बना सकेगा.

ये भी पढ़ें:

रांची रेल मंडल की बड़ी पहल: अंतरराष्ट्रीय सुविधाओं के बीच तैयार होंगे भविष्य के खिलाड़ी, स्लम बस्तियों के बच्चों को भी मिलेगा नि:शुल्क प्रशिक्षण

FIFA वर्ल्ड कप को लेकर उत्साह पर खुद अभाव में खेल रहे बोकारो के फुटबॉल खिलाड़ी, सरकार से मदद की आस