बांकीपुर उपचुनाव लड़ेंगे प्रशांत किशोर, जन सुराज ने की उम्मीदवार की घोषणा
जनसुराज के प्रशांत किशोर भाजपा के गढ़ बांकीपुर सीट से उपचुनाव लड़ने जा रहे हैं. पीके पहली बार चुनावी मैदान में दम दिखाएंगे.

Published : July 5, 2026 at 3:55 PM IST
पटना: बिहार में बांकीपुर विधानसभा सीट को लेकर सरगर्मी बढ़ गई है. प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज ने अपने पत्ते खोल दिए हैं. बांकीपुर विधानसभा सीट पर पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर उम्मीदवार होंगे. इस बात का फैसला पार्टी की कोर कमेटी में लिया गया है.
पहली बार चुनाव के मैदान में प्रशांत किशोर: जनसुराज के सूत्रधार और चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर अब पहली बार खुद चुनावी मैदान में उतरने जा रहे हैं. जनसुराज ने उन्हें पटना की प्रतिष्ठित बांकीपुर विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाने का फैसला किया है. इस घोषणा के साथ ही बांकीपुर उपचुनाव बिहार की सबसे हाई-प्रोफाइल राजनीतिक लड़ाइयों में बदल गया है.
नितिन नवीन करते आ रहे थे प्रतिनिधित्व: बांकीपुर सीट भारतीय जनता पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता है. जब से बांकीपुर विधानसभा सीट अस्तित्व में आई है, तब से लगातार बांकीपुर पर भाजपा का कब्जा है. नितिन नवीन लगातार बांकीपुर विधानसभा सीट पर प्रतिनिधित्व करते आ रहे थे. यह सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद खाली हुई है.
चुनाव और मतगणना की घोषणा: निर्वाचन आयोग ने यहां 30 जुलाई को मतदान और 3 अगस्त को मतगणना की घोषणा की है. इस सीट पर प्रशांत किशोर की अग्निपरीक्षा होगी. प्रशांत किशोर अब तक पर्दे के पीछे रहकर कई दलों के लिए चुनावी रणनीति बनाते रहे हैं.
प्रत्यक्ष राजनीतिक करियर की शुरुआत: जनसुराज की स्थापना के बाद उन्होंने पूरे बिहार में पदयात्रा की, लेकिन 2025 के विधानसभा चुनाव में स्वयं चुनाव नहीं लड़ा था. अब बांकीपुर से उनकी उम्मीदवारी को उनके प्रत्यक्ष राजनीतिक करियर की शुरुआत माना जा रहा है. प्रशांत किशोर ने कहा कि पार्टी ने मुझे बांकीपुर से चुनाव लड़ने को कहा है.
"पार्टी के फैसले को हमने मानकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है. यह चुनाव इसलिए महत्वपूर्ण है कि सरकार के खिलाफ जनादेश होने वाला है. अब तक जो सम्राट चौधरी सरकार ने काम किया है वह सही है या नहीं, अगर हम हार जाते हैं और बीजेपी जीत जाती है तो माना जाएगा कि सम्राट चौधरी बेहतर काम कर रहे हैं." -प्रशांत किशोर, सूत्रधार, जनसुराज.
बिहार को विकल्प देने का चुनाव: इस चुनाव से बिहार नहीं बदलेगा लेकिन बिहार की राजनीति बदल सकती है. यह सरकार बदलने का चुनाव नहीं है, यह बिहार को विकल्प देने का चुनाव है. बांकीपुर की जनता इस पर सही निर्णय लेगी. चार लाख मतदाता हैं, सबसे समर्पण, सबसे आशीर्वाद मांग रहे हैं.
कौन हैं प्रशांत किशोर?: जनसुराज पार्टी अकेले चुनाव लड़ रही है. जो लोग मदद करना चाहते हैं वे साथ आएं, उनका स्वागत है. प्रशांत किशोर जनसुराज के संस्थापक हैं. इन्होंने चुनावी रणनीतिकार के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी.
कई दलों को चुनाव जिताने में अहम भूमिका: पीके के मुताबिक, उन्होंने JDU, BJP, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, टीएमसी, YSRCP, DMK को चुनाव जिताने में अहम भूमिका निभाई. हाल ही में तमिलनाडु में विजय थलापति की पार्टी TVK के लिए चुनावी रणनीति बनाई. पार्टी राज्य में सरकार बनाने में कामयाब रही.
पहले ही चुनाव में बनाई सरकार: बता दें कि विजय थलापति ने पहली बार पार्टी बनाई और पहले ही चुनाव में सरकार बना ली. बिहार में प्रशांत किशोर ने पदयात्रा से राजनीति की शुरुआत की. शिक्षा, रोजगार का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने एक अच्छी सरकार बनाने की अपील की.
जनसुराज समर्थित अफाक अहमद की जीत: इसी बीच 2023 के सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से उपचुनाव में जनसुराज ने अफाक अहमद को समर्थन दिया था. अफाक अहमद चुनाव जीतने में सफल रहे. इसके बाद 2 अक्टूबर 2024 को गांधी जयंती के मौके पर जनसुराज पार्टी का गठन किया गया और मनोज कुमार भारती को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया.
विधानसभा चुनाव में जनसुराज का प्रदर्शन: इसके बाद पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनाव में कुल 238 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन किसी भी प्रत्याशी को कामयाबी नहीं मिली. पार्टी को मात्र 3.3 से 3.44 प्रतिशत ही वोट मिले. 238 में मात्र दो उम्मीदवार अपनी जमानत बचा पाए थे.
जदयू में भी रह चुके हैं प्रशांत किशोर: एक बार फिर पार्टी बांकीपुर उपचुनाव में मैदान में उतरी है. इस बार प्रशांत किशोर उम्मीदवार बने हैं. बता दें कि 2018 में प्रशांत किशोर नीतीश कुमार के साथ जदयू में शामिल हो गए थे. पीके को नीतीश कुमार ने पार्टी का उपाध्यक्ष बनाया था.
नागरिकता संशोधन कानून पर मतभेद: हालांकि 2020 में नागरिकता संशोधन कानून का नीतीश कुमार के समर्थन करने का उन्होंने विरोध किया. इसके बाद पीके को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया.
ये भी पढ़ें:
संजय जायसवाल को 'टुटपुंजिया' और 'तेल चोर' बोलकर फंस गए प्रशांत किशोर! कोर्ट ने भेजा समन
Explainer: नितिन नबीन वाली बांकीपुर सीट पर प्रशांत किशोर का 'UGC' वाला दांव काम करेगा?
Explainer: 5 साल तक जिस 'हाईटेक' आश्रम में रहेंगे PK, जानिए उसकी खासियत

