ETV Bharat / bharat

बच्चा चोर की अफवाह को रोकना बड़ी चुनौती, पलामू प्रमंडल में पुलिस ने बढ़ाई निगरानी

बच्चा चोरी की अफवाह को रोकने के लिए लोगों से पलामू डीआईजी किशोर कौशल ने अपील की है.

Police strict on cases of violence sparked by rumours of child lifting in Palamu division of Jharkhand
प्रतीकात्मक तस्वीर (ईटीवी भारत)
author img

By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : February 20, 2026 at 5:14 PM IST

4 Min Read
Choose ETV Bharat

पलामू: बच्चा चोर की अफवाह और उसको लेकर मारपीट की घटना को रोकना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई है. बच्चा चोरी की अफवाह के कारण कई ग्रामीण हिंसा का शिकार हो रहे हैं. पलामू, गढ़वा और लातेहार के इलाके में बच्चा चोर की अफवाह भी फैल रही है. 16 फरवरी को लातेहार के बालूमाथ थाना क्षेत्र के सेरेगड़ा में एक युवक को ग्रामीणों ने बच्चा चोर समझकर जमकर पीट दिया था. मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक की जान बचाई थी. कई इलाकों में बच्चा चोरी के आरोप में छिटपुट हिंसक घटना हो रही है.

बच्चा चोरी को लेकर पलामू रेंज में हाई अलर्ट जारी

इस अफवाह को देखते हुए पलामू, गढ़वा और लातेहार की इलाके में हाई अलर्ट जारी किया गया है. हालात को समझते हुए पलामू पुलिस ने पोस्टर भी तैयार किया है और लोगों के बीच वितरण किया है. सोशल मीडिया और विभिन्न सोशल नेटवर्किंग साइट के माध्यम से बच्चा चोरी की अफवाह फैल रही है. पलामू, गढ़वा और लातेहार में पुलिस ने थानेदारों का नंबर जारी किया है और लोगों से सूचना देने की अपील भी की है.

जानकारी देते पलामू रेंज डीआईजी (ईटीवी भारत)

तीनों जिलों की पुलिस को सतर्क किया गया है. अफवाह को लेकर जागरुकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है. पुलिस अपील कर रही है किसी भी व्यक्ति विशेष पर लोगों की आशंका है तो उसकी जानकारी पुलिस के साथ साझा करें, ना कि कानून को अपने हाथ में ले. कई बार शिकायत के बाद कहानी कुछ और निकाल कर सामने आई है. जिनके साथ मारपीट की जाती है, बाद में वास्तविकता कुछ और निकाल कर सामने आती है. पुलिस अफवाह को लेकर सख्त है एवं कानून को अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी करेगी. -किशोर कौशल, डीआईजी, पलामू.

2012-13 में भी फैली थी अफवाह कई लोग हुए थे हिंसा का शिकार

2012-13 में भी बच्चा चोरी को लेकर अफवाह फैली थी. उस दैरान पलामू, गढ़वा और लातेहार के इलाके में कई ग्रामीणों के साथ मारपीट की घटना हुई थी. तीन जिलों में 30 से अधिक हिंसा घटनाओं को रिकॉर्ड किया गया था. इस बार के अफवाह को लेकर पुलिस हाई अलर्ट पर है और ग्रामीणों को जागरूक भी कर रही है. पुलिस ने किसी भी तरह की जानकारी और मदद के लिए 112 नंबर पर कॉल करने का आग्रह किया है.

पुलिस ग्रामीणों को यह बता रही है कि भीड़ बना कर किसी भी व्यक्ति पर हमला करना और मारपीट करना दंडनीय अपराध है. यह मॉब लिंचिंग के श्रेणी में आता है. इस तरह के अपराध के लिए गंभीर दंडनीय प्रावधान है. पुलिस के आंकड़ों के अनुसार पिछले 20 दिनों में पूरे झारखंड में 30 से अधिक लोगों की पिटाई हुई है. जिनमें 20 से अधिक लोग जख्मी हुए हैं.

Police strict on cases of violence sparked by rumours of child lifting in Palamu division of Jharkhand
पुलिस द्वारा जारी निर्देश (सौ. पलामू पुलिस)

पलामू रेंज बिहार, छत्तीसगढ़ी और यूपी से है सटा हुआ

दरअसल, पलामू, गढ़वा और लातेहार का इलाका छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और बिहार से सटा हुआ है. अधिकांश सीमा ग्रामीण इलाके की है और बोलचाल की भाषा भी अलग अलग है. बच्चा चोर की अफवाह के कारण ग्रामीण को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है और सीमावर्ती इलाकों में हिंसक घटना भी हो सकती है. इन सभी को देखते हुए सीमावर्ती इलाकों में पुलिस ने खास प्लान बनाया है और इलाके में ग्रामीणों को कई बातों की जानकारी भी दी है. 2015-16 में अफवाह के कारण पलामू में मॉब लिंचिंग की घटना भी हो चुकी है.

ये भी पढ़ें: कोडरमा में बच्चा चोर की अफवाह में युवक की हुई जमकर पिटाई, पुलिस ने ग्रामीणों के चंगुल से युवक को कराया मुक्त

रामगढ़ के पतरातू में बच्चा चोरी के अफवाह में गांव वालों ने महिला को पीटा, पुलिस ने बचाई जान

बच्चा चोर के शक में महिलाओं की पिटाई, पुलिस की चेतावनी- मारपीट करने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई