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ईरान संकट पर पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया बयान, बोले- संवाद जरूरी

ईरान संकट को लेकर पीएम मोदी ने संवाद बनाए रखने का समर्थन किया है. उन्होंने फंसे हुए नागरिकों पर भी बयान दिया है.

PM Modi
पीएम मोदी (ANI/Getty Image)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : March 2, 2026 at 1:39 PM IST

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Updated : March 2, 2026 at 2:19 PM IST

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नई दिल्ली : ईरान में चल रहे संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार इस पर अपना बयान दिया है. उन्होंने संबंधित पक्षों से शांति की अपील की है. पीएम मोदी ने कहा कि वह संवाद और कूटनीति के पक्षधर हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "विश्व में जारी कई तनावों पर भारत का रुख स्पष्ट है. हमने हमेशा शांति और स्थिरता बनाए रखने का आह्वान किया है, और जब दो लोकतांत्रिक देश एक साथ खड़े होते हैं, तो शांति की आवाज और भी मजबूत हो जाती है. पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति हमारे लिए गहरी चिंता का विषय है. भारत सभी विवादों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति का समर्थन करता है. हम इस क्षेत्र में सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी देशों के साथ मिलकर काम करना जारी रखेंगे."

उन्होंने सोमवार को ये बात कनाडा के पीएम के साथ प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कही. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से भी फोन पर बात की है. उन्होंने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की और हालिया घटनाक्रम को लेकर भारत की चिंताओं से अवगत कराया. बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने आम नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया.

मोदी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, "प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मौजूदा क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा करने के लिए फोन पर बात की. हाल के घटनाक्रमों पर भारत की चिंताओं से अवगत कराया और आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया. भारत शत्रुता शीघ्र समाप्त करने की आवश्यकता को दोहराता है."

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार खाड़ी क्षेत्र में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए पूरी तरह तैयार है और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विदेश स्थित भारतीय मिशनों के संपर्क में है. एक बयान में जोशी ने कहा कि संघर्ष के कारण प्रभावित लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए संबंधित भारतीय दूतावासों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा की गई है.

उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करेगी. इससे पहले हम यूक्रेन में फंसे लोगों को वापस लाए थे. भारतीय जहां भी हों, उनकी सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है." जोशी ने कहा कि ईरान-इजराइल संघर्ष की गंभीरता के कारण लोगों के परेशानी में फंसे होने की सूचना मिली है और उनकी सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने हेतु वरिष्ठ मंत्रियों के साथ तत्काल परामर्श किया गया है.

चिंतित परिवारों को आश्वस्त करते हुए मंत्री ने कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है और सरकार सभी भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध है.

आपको बता दें कि ईरान और इजराइल-यूएस के बीच युद्ध जारी है. अमेरिका ने ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अली खामेनेई को मार गिराया है. उनके साथ ईरान के कई कमांडर भी मारे गए. अमेरिका ने खतरनाक बी52 बंकर बस्टर का प्रयोग किया था. ईरान ने भी जवाबी हमला किया है.

ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच एक प्रमुख भारतीय-अमेरिकी समुद्री अधिकारी ने होर्मुज जलडमरूमध्य के महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्ग पर पड़ने वाले प्रभाव और वैश्विक तेल कीमतों पर इसके असर को लेकर चिंता व्यक्त की. समुद्री क्षेत्र की कंपनी सेफसी ग्रुप के चेयरमैन डॉ. एस.वी. अंचन ने कहा, "भू-राजनीतिक स्थिति में किसी भी तरह की उथल-पुथल से समुद्री आपूर्ति उद्योग सबसे ज्यादा प्रभावित होता है." अंचन ने कहा, "होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद नहीं होने दिया जाना चाहिए."

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Last Updated : March 2, 2026 at 2:19 PM IST