स्वतंत्रता आंदोलन में जनजातीय समाज के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता: प्रधानमंत्री मोदी
पीएम मोदी ने बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती समारोह पर जनसमूह को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधा.

Published : November 15, 2025 at 4:33 PM IST
नर्मदा (गुजरात): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि आदिवासी गौरव हज़ारों वर्षों से भारत की चेतना का अभिन्न अंग रहा है और देश स्वतंत्रता आंदोलन में आदिवासी समाज के योगदान को नहीं भूल सकता.
जनजातीय गौरव दिवस पर यहां एक सभा को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाना शुरू किया.
#WATCH | Narmada, Gujarat | Prime Minister Narendra Modi addresses the gathering at the 150th Birth Anniversary celebration of Dharti Aaba Bhagwan Birsa Munda in Gujarati.
— ANI (@ANI) November 15, 2025
(Source: ANI/DD) pic.twitter.com/OBawVhI5N4
उन्होंने कहा, "आदिवासी गौरव हज़ारों वर्षों से भारत की चेतना का अभिन्न अंग रहा है. जब भी देश के सम्मान, स्वाभिमान और स्वशासन का प्रश्न उठा है... हमारा आदिवासी समाज सबसे आगे खड़ा रहा है. हम स्वतंत्रता आंदोलन में आदिवासी समाज के योगदान को नहीं भूल सकते." उन्होंने कांग्रेस सरकारों पर अपने शासनकाल में आदिवासी समुदाय की उपेक्षा करने का आरोप लगाया.
#WATCH | Narmada, Gujarat | Prime Minister Narendra Modi says, " kashi vishwanath corridor, ujjain mahakal, ayodhya's ram mandir, and kedarnath dham are often discussed. many such religious and historic 'dhams' have been developed in the last 10 years. but very few people must… pic.twitter.com/94iJjUilxg
— ANI (@ANI) November 15, 2025
उन्होंने कहा, "छह दशकों तक, कांग्रेस सरकारों ने आदिवासी समुदायों को उनके हाल पर छोड़ दिया. कुपोषण कायम रहा, शिक्षा का अभाव रहा और ये कमियां कई आदिवासी क्षेत्रों की दुर्भाग्यपूर्ण पहचान बन गईं. कांग्रेस सरकारें उदासीन रहीं. भाजपा के लिए, आदिवासी कल्याण हमेशा प्राथमिकता रहा है. हम अपने आदिवासी भाइयों और बहनों के साथ हो रहे अन्याय को समाप्त करने के दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़े हैं."
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने आदिवासी समुदाय को सशक्त बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं.
#WATCH | Narmada, Gujarat | Prime Minister flags off 250 buses for 14 tribal districts of Gujarat to improve connectivity in tribal regions..
— ANI (@ANI) November 15, 2025
Source: ANI/ DD pic.twitter.com/Cj3o1Ox67I
पीएम मोदी ने डेडियापाड़ा में 9,700 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. प्रधानमंत्री ने जनजातीय क्षेत्रों में संपर्क सुधारने के लिए गुजरात के 14 जनजातीय जिलों के लिए 250 बसों को हरी झंडी दिखाई.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, उज्जैन महाकाल, अयोध्या का राम मंदिर और केदारनाथ धाम की चर्चा अक्सर होती रहती है. पिछले 10 वर्षों में ऐसे कई धार्मिक और ऐतिहासिक धामों का विकास हुआ है. लेकिन बहुत कम लोग जानते होंगे कि 2003 में जब मैं मुख्यमंत्री के रूप में डेडियापाड़ा आया था, तो मां के चरणों में प्रार्थना करने गया था. उस समय मैंने देखा कि इसकी स्थिति एक छोटी सी झोपड़ी जैसी थी. मेरे जीवन में जितने भी पुनर्निर्माण कार्य हुए हैं, मैं गर्व से कह सकता हूं कि इन सबकी शुरुआत देवमोगरा माता के मंदिर के विकास से हुई..."
पीएम ने सूरत में निर्माणाधीन बुलेट ट्रेन स्टेशन का दौरा किया
इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने सूरत में निर्माणाधीन बुलेट ट्रेन स्टेशन का दौरा किया और मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (एमएएचएसआर) की प्रगति की समीक्षा की. यह भारत की सबसे महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक है और देश के हाई-स्पीड कनेक्टिविटी के युग में प्रवेश का प्रतीक है.
एमएएचएसआर लगभग 508 किलोमीटर लंबा है, जिसमें गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली में 352 किलोमीटर और महाराष्ट्र में 156 किलोमीटर शामिल हैं. यह कॉरिडोर साबरमती, अहमदाबाद, आणंद, वडोदरा, भरूच, सूरत, बिलिमोरा, वापी, बोईसर, विरार, ठाणे और मुंबई सहित प्रमुख शहरों को जोड़ेगा, जो भारत के परिवहन बुनियादी ढांचे में एक परिवर्तनकारी कदम होगा.
अंतरराष्ट्रीय नकों के अनुरूप एडवांस इंजीनियरिंग तकनीकों से निर्मित इस परियोजना में 465 किलोमीटर (मार्ग का लगभग 85%) पुलों पर आधारित है, जिससे न्यूनतम भूमि व्यवधान और बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित होती है. अब तक 326 किलोमीटर पुलों का काम पूरा हो चुका है और 25 में से 17 नदी पुलों का निर्माण पहले ही हो चुका है.
इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर, बुलेट ट्रेन मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा के समय को लगभग दो घंटे तक कम कर देगी, जिससे अंतर-शहर यात्रा तेज, आसान और अधिक आरामदायक होकर क्रांतिकारी बदलाव आएगी. इस परियोजना से पूरे कॉरिडोर पर व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और क्षेत्रीय विकास को गति मिलने की उम्मीद है.
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