दिल्ली में पकड़े गए छह दहशतगर्द, स्पेशल सेल ने शहजाद भट्टी नेटवर्क के दो मॉड्यूल का किया भंडाफोड़
दिल्ली पुलिस किसी भी आतंकी या संगठित आपराधिक साजिश को सफल नहीं होने देगी और पूरे नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी.


Published : July 6, 2026 at 7:20 PM IST
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने राजधानी में किसी महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठान या पुलिस स्थापना पर आतंकी हमला करने की साजिश को नाकाम करते हुए पाकिस्तान से संचालित शाहजाद भट्टी नेटवर्क के दो मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. कार्रवाई में कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इनके कब्जे से तीन पेट्रोल बम, तीन अत्याधुनिक पिस्तौल, पांच जिंदा कारतूस, चोरी की मोटरसाइकिल, दो कारें और पाकिस्तानी हैंडलरों से बातचीत से जुड़े मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं.
स्पेशल सेल के अनुसार, यह कार्रवाई इंस्पेक्टर सुनील रजैन और इंस्पेक्टर धीरज की टीम ने एसीपी विवेक कुमार त्यागी के पर्यवेक्षण में की. दोनों मॉड्यूल के खिलाफ स्पेशल सेल थाने में भारतीय न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.
दिल्ली में पुलिस प्रतिष्ठान को निशाना बनाने की साजिश
जांच में सामने आया कि पहला मॉड्यूल पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े हैंडलर राना हुनैन के निर्देश पर काम कर रहा था, जो शाहजाद भट्टी का करीबी सहयोगी बताया गया है. इस मॉड्यूल का उद्देश्य दिल्ली में किसी महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठान या पुलिस स्थापना पर पेट्रोल बम से हमला करना था. स्पेशल सेल ने विजय घाट इलाके में जाल बिछाकर दानिश उर्फ चांद मियां (24) और सलमान (20) को गिरफ्तार किया. इनके कब्जे से तीन पेट्रोल बम, चोरी की मोटरसाइकिल, दो हजार रुपये नकद और ऐसे मोबाइल फोन बरामद हुए जिनमें पाकिस्तानी हैंडलरों के साथ चैट, फोटो और वीडियो मिले हैं.
पूछताछ में दानिश ने बताया कि अप्रैल 2026 में सोशल मीडिया के जरिए उसकी राना हुनैन से पहचान हुई थी. उसे दिल्ली में रेकी कर हमला करने की जिम्मेदारी दी गई थी और काम पूरा होने पर 20 हजार रुपये देने का लालच दिया गया था. वहीं सलमान को हमले का वीडियो बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी और उसे भी समान रकम का वादा किया गया था.
ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से हथियार, दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई
दूसरा मॉड्यूल पाकिस्तान स्थित आईएसआई हैंडलर हसन गुज्जर के निर्देश पर सीमा पार से हथियारों की तस्करी कर रहा था. जांच में पता चला कि पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार पंजाब सीमा तक पहुंचाए जाते थे, जिन्हें आगे दिल्ली और उत्तर प्रदेश में अपराधियों तक पहुंचाने की तैयारी थी. इस नेटवर्क से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल आतंकी और आपराधिक गतिविधियों के वित्तपोषण में किया जाना था.
स्पेशल सेल ने कालिंदी कुंज इलाके से तैय्यब (27), जुबैर खान (24) और अली फजल (26) को गिरफ्तार किया. इनके पास से तीन अत्याधुनिक पिस्तौल, पांच जिंदा कारतूस, दो कारें और पाकिस्तानी हैंडलरों से बातचीत वाले मोबाइल फोन बरामद हुए. इसके बाद इस मॉड्यूल के चौथे आरोपी मलकियत सिंह (36) को पंजाब के अमृतसर से गिरफ्तार किया गया.
क्या थी आरोपियों की भूमिका
जांच में सामने आया कि तैय्यब सोशल मीडिया के जरिए हसन गुज्जर के संपर्क में आया था. उसी के निर्देश पर उसने अपने साथी जुबैर खान को अमृतसर भेजा, जहां उसने मलकियत सिंह से हथियारों की खेप प्राप्त की. इसके बाद तैय्यब ने ये हथियार अपने बहनोई अली फजल को सौंप दिए, जिसे इन्हें दिल्ली और उत्तर प्रदेश में खरीदारों को बेचने की जिम्मेदारी दी गई थी. जांच में यह भी सामने आया कि अली फजल के खिलाफ उत्तर प्रदेश में पहले से आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज है. वहीं मलकियत सिंह पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजे गए हथियारों की खेप प्राप्त कर उसे आगे नेटवर्क तक पहुंचाने का काम करता था.
स्पेशल सेल के एडिशनल कमिश्नर प्रमोद कुशवाहा ने कहा कि शाहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है. इस अभियान के तहत आतंकी साजिश और सीमा पार हथियार तस्करी से जुड़े दो सक्रिय मॉड्यूल को ध्वस्त किया गया है. उन्होंने बताया कि बरामद डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल चैट और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि भारत में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सहयोगी कौन हैं और उन्हें किस प्रकार निर्देश एवं आर्थिक मदद मिल रही थी. उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस किसी भी आतंकी या संगठित आपराधिक साजिश को सफल नहीं होने देगी और पूरे नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी.
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