झारखंड विमान हादसा: पिता की हत्या के बाद संजय ने संभाला था घर, एक झटके में बिखर गया परिवार
झारखंड विमान हादसे में शिकार संजय साव पिता की हत्या के बाद घर संभाल रहे थे. अपने पीछे दो नाबालिग बेटे छोड़ गए.

Published : February 24, 2026 at 12:13 PM IST
लातेहार: चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत करमटांड़ जंगल में हुए एयर एंबुलेंस हादसे में मृतक संजय साव तथा उनके परिवार के दो अन्य सदस्यों की मौत हो गई. जिसके बाद पूरे इलाके में मातम का माहौल है. घटना में संजय साव के साथ-साथ उनकी पत्नी अर्चना देवी और उनके भांजे ध्रुव कुमार की मौत हो गई. वर्तमान में वह पलामू जिले के बकोरिया में एक होटल का संचालन करते थे. लगभग एक सप्ताह पहले होटल में हुए हादसे के कारण वह गंभीर रूप से झुलस गए थे. जिनका इलाज देवकमल अस्पताल में किया जा रहा था. बेहतर इलाज के लिए वह एयर एंबुलेंस से दिल्ली जा रहे थे. इसी दौरान एयर एंबुलेंस दुर्घटना में उनकी मौत हो गई.
2004 में पिता की नक्सलियों ने कर दी थी हत्या
संजय साव का परिवार मुख्य रूप से लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र अंतर्गत रखात गांव का निवासी था. उनके पिता होटल का संचालन करते थे. वर्ष 2004 में नक्सलियों ने उनके पिता की हत्या कर दी थी. इसके बाद पूरा परिवार चंदवा आकर रहने लगा. संजय साव ने बकोरिया में अपना व्यवसाय शुरू किया था. वहीं होटल चलाते थे. पिता की मौत के बाद टूटे हुए परिवार को संजय संभाल रहे थे. लेकिन आठ दिन पहले सोमवार को होटल में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने से संजय बुरी तरह जख्मी हो गए थे. देवकमल अस्पताल में इलाज के दौरान चिकित्सकों ने उन्हें सलाह दी थी कि बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाएं.
16 फरवरी को होटल में लगी थी आग
16 फरवरी को लाइन होटल में खाना बनाने के दौरान आग लगी थी. इस घटना में संजय साव गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे. दरअसल संजय साव और उसके भाई सतबरवा के इलाके में लाइन होटल का संचालन करते थे. लॉकडाउन के बाद लाइन होटल की स्थिति खराब हो गई थी. संजय साव बीच-बीच में आते-जाते रहते थे. घटना के दिन लाइन होटल में पहुंचे थे और खाना बनाने में मदद कर रहे थे. इसी क्रम में आग लग गई थी.
आग लगने के बाद सतबरवा थाना की पुलिस ने दमकल को सूचना दी थी. इसके बाद दमकल की गाड़ी ने आग पर काबू पाया था. सतबरवा के थाना प्रभारी विश्वनाथ राणा ने बताया कि घटना के दिन दमकल को जानकारी दी गई थी और आग पर काबू पाया गया था. स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक लाइन होटल में ज्वलनशील पदार्थ रखा गया था. जिस कारण आग तेजी से भड़क गई थी. संजय साव का लाइन होटल नेशनल हाइवे के किनारे है.
आठ लाख में बुक किया था एंबुलेंस
संजय साव के परिजनों ने बताया कि चिकित्सकों की सलाह पर 8 लाख रुपए में एयर एंबुलेंस बुक किया था. संजय के साथ उनकी पत्नी अर्चना और उनका भांजा ध्रुव साथ में ही दिल्ली जा रहे थे. सोमवार की शाम 7 बजे एयर एंबुलेंस ने बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से उड़ान भरी. उसके बाद देर रात यह जानकारी मिली कि एयर एंबुलेंस क्रैश कर गया है.
दो बच्चों के सिर से उठ गया एक साथ मां-बाप का साया
इस दुर्घटना ने संजय साव के पूरे परिवार को उजाड़ दिया है. संजय के दो नाबालिक बच्चे अनाथ हो गए. उनके सिर से एक साथ मां और पिता दोनों का साया उठ गया. घटना के बाद मृतक संजय साव के दादा बालेश्वर साहू समेत पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है. संजय की मां घटना की जानकारी होने के बाद से बेसुध है. घटना के बाद पूरे इलाके में मातम का माहौल है.
ये भी पढ़ें: इलाज की उम्मीद लेकर उड़ा था विमान, चतरा में बना मौत का मंजर, 7 की दर्दनाक मौत
रांची से दिल्ली जा रहा एयर एंबुलेंस झारखंड में क्रैश, 7 लोग थे सवार
दक्षिण अफ्रीका में पायलट ट्रेनिंग के दौरान विमान हादसा, रांची के युवक की मौत

