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US-भारत ट्रेड डील से युवाओं, किसानों, मछुआरों और MSME क्षेत्र को बड़ा फायदा होगा: पीयूष गोयल

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस समझौते के तहत भारतीय कृषि उत्पाद और डेयरी प्रोडक्ट पूरी तरह से सुरक्षित है.

India US interim trade agreement
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल (ANI)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : February 7, 2026 at 8:16 AM IST

3 Min Read
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नई दिल्ली: केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को अमेरिका के साथ अंतरिम समझौते के लिए भारत के फ्रेमवर्क की तारीफ करते हुए कहा कि इससे भारतीय निर्यातकों के लिए 30 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर के बाजार तक पहुंच आसान होगी. इससे खासकर एमएसएमई, किसानों और मछुआरों को फायदा होगा.

सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में गोयल ने कहा कि इस समझौते से एक्सपोर्ट को काफी बढ़ावा मिलेगा और लाखों नई नौकरियां पैदा होंगी, खासकर महिलाओं और युवाओं के लिए. आगे कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व में भारत ने अमेरिका के साथ एक अंतरिम समझौते का फ्रेमवर्क तैयार कर लिया है.

इससे भारतीय एक्सपोर्टर्स, खासकर एमएसएमई, किसानों और मछुआरों के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर का बाजार खुलेगा. एक्सपोर्ट में बढ़ोतरी से हमारी महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नई नौकरियों के मौके बनेंगे.'

वाणिज्य मंत्री ने जोर देकर कहा कि इस फ्रेमवर्क के तहत, अमेरिका भारतीय सामानों पर आपसी टैरिफ घटाकर 18 फीसदी कर देगा. इससे दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में टेक्सटाइल और कपड़ों, चमड़े और फुटवियर, प्लास्टिक और रबर उत्पादों, ऑर्गेनिक केमिकल्स, होम डेकोर, हस्तशिल्प और चुनिंदा मशीनरी जैसे सेक्टरों में बड़े अवसर पैदा होंगे.

इसके अलावा, जेनेरिक दवाएं, रत्न और हीरे, और एयरक्राफ्ट पार्ट्स सहित कई तरह के सामानों पर टैरिफ शून्य हो जाएगा, जिससे भारत की एक्सपोर्ट कॉम्पिटिटिवनेस और मेक इन इंडिया को और बढ़ावा मिलेगा. इसके साथ ही भारत को सेक्शन 232 के तहत एयरक्राफ्ट पार्ट्स पर छूट, ऑटो पार्ट्स पर टैरिफ रेट कोटा और जेनेरिक फार्मास्यूटिकल्स पर बातचीत के नतीजों का फायदा मिलेगा, जिससे इन सेक्टर्स में एक्सपोर्ट में ठोस फायदा होगा.'

कृषि और डेयरी उत्पाद पूरी तरह से सुरक्षित

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि यह समझौता मक्का, गेहूं, चावल, सोया, पोल्ट्री, दूध, पनीर, फ्यूल इथेनॉल, तंबाकू, कुछ सब्जियों और मांस जैसे संवेदनशील कृषि और डेयरी उत्पादों को पूरी तरह से सुरक्षित रखकर भारत के किसानों और ग्रामीण आजीविका की रक्षा करता है.

उन्होंने कहा कि यह समझौता भारत और अमेरिका की आर्थिक सहयोग को गहरा करने और दोनों देशों में बिजनेस और लोगों के लिए सस्टेनेबल ग्रोथ को बढ़ावा देने की साझा प्रतिबद्धता को दिखाता है. साथ ही, यह समझौता मक्का, गेहूं, चावल, सोया, पोल्ट्री, दूध, पनीर, इथेनॉल (ईंधन), तंबाकू, कुछ सब्जियों, मांस वगैरह सहित संवेदनशील कृषि और डेयरी उत्पादों को पूरी तरह से सुरक्षित रखकर किसानों के हितों की रक्षा करने और ग्रामीण आजीविका को बनाए रखने के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को भी दिखाता है.

यह समझौता भारत और अमेरिका को आर्थिक सहयोग को और गहरा करने के लिए मिलकर काम करने पर ध्यान केंद्रित रखने में मदद करेगा, जो हमारे लोगों और व्यवसायों के लिए स्थायी विकास के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

अमेरिका और भारत ने शुक्रवार को आपसी और फायदेमंद व्यापार के लिए एक अंतरिम समझौते के फ्रेमवर्क की घोषणा की. ये फरवरी 2025 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई व्यापक अमेरिका-भारत द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) की बातचीत को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. व्हाइट हाउस और वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी एक संयुक्त बयान में यह कहा गया है.

बयान में कहा गया है कि अमेरिका और भारत के बीच यह अंतरिम समझौता हमारे देशों की साझेदारी में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा, जो आपसी हितों और ठोस परिणामों पर आधारित आपसी, संतुलित व्यापार के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

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