सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बनभूलपुरा में हलचल, लोगों में चिंता और असमंजस का माहौल
हल्द्वानी के बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई, फैसले के बाद लोगों ने दी मिली-जुली प्रतिक्रिया

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : February 24, 2026 at 10:00 PM IST
हल्द्वानी: बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई. कोर्ट ने राज्य सरकार को 19 से 31 मार्च के बीच विस्तृत सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं, जिससे प्रभावित परिवारों की सामाजिक, आर्थिक स्थिति और प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता तय हो सके. सर्वे रिपोर्ट 31 मार्च के बाद कोर्ट में पेश होगी. वहीं, कोर्ट सुनवाई के बाद क्षेत्र में मिली जुली प्रतिक्रिया है. लोगों ने पुनर्वास की स्पष्ट योजना की मांग की है.
बता दें कि बनभूलपुरा के बहुचर्चित रेलवे भूमि अतिक्रमण प्रकरण पर 24 फरवरी को देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि क्षेत्र में निवास कर रहे लोगों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए विस्तृत सर्वे कराया जाए. अदालत ने यह जिम्मेदारी राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम को सौंपी है.
कोर्ट के आदेशानुसार यह सर्वे रमजान माह के बाद 19 मार्च से 31 मार्च के बीच कराया जाएगा. सर्वे का मुख्य उद्देश्य ये पता लगाना है कि बनभूलपुरा क्षेत्र में निवास कर रहे कितने लोग केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्रता की श्रेणी में आते हैं. साथ ही ये भी जांचा जाएगा कि कितने परिवार सालों से वहां निवास कर रहे हैं और उनकी सामाजिक व आर्थिक स्थिति क्या है?

राज्य सरकार कोर्ट में कही ये बात: वहीं, सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को अवगत कराया गया कि प्रशासन शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सर्वे निष्पक्ष, पारदर्शी और निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए. आगामी 31 मार्च के बाद सर्वे रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश की जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.

रेलवे भूमि से अतिक्रमण मामले को लेकर हो चुके विरोध प्रदर्शन: गौर हो कि हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में रेलवे भूमि पर अतिक्रमण को लेकर लंबे समय से कानूनी विवाद चल रहा है. पूर्व में भी इस मामले में प्रशासनिक कार्रवाई और विरोध प्रदर्शन की स्थिति बन चुकी है. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश को मामले के समाधान की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.

लोगों ने दी ये प्रतिक्रिया: वहीं, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद बनभूलपुरा क्षेत्र में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली. स्थानीय निवासी मुख्तियार अहमद, इशरत, लाल आदि ने अपनी बात रखी. कुछ लोगों ने कहा कि अदालत का फैसला पूरी तरह संतोषजनक नहीं है. उनका कहना है कि क्षेत्र में मुस्लिम समाज के बीच भय और असमंजस का माहौल है. लोगों को आशंका है कि सालों से बसे परिवारों को अचानक बेघर होना पड़ सकता है.

कुछ स्थानीय निवासियों ने ये भी कहा कि जिन परिवारों के मकान अतिक्रमण की जद में आ रहे हैं, उनके लिए ठोस पुनर्वास योजना बनाई जानी चाहिए. उनका कहना है कि वे कई दशकों से यहां रह रहे हैं और पहले कभी उन्हें अतिक्रमणकारी नहीं बताया गया. बीते कुछ सालों में ही यह मामला प्रमुखता से सामने आया है, जिससे लोगों में चिंता बढ़ी है.
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