पहलगाम आतंकी हमला: हाफिज सईद की चार्जशीट पर जानें क्या बोले शहीद विनय नरवाल के पिता
आतंकवादी हाफिज सईद के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट पर शहीद विनय नरवाल के पिता ने प्रतिक्रिया दी है. जानें उन्होंने क्या कहा.

Published : July 8, 2026 at 8:48 AM IST
पानीपत: पहलगाम आतंकी हमले मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा और उसके प्रॉक्सी संगठन टीआरएफ के सरगना हाफिज सईद के खिलाफ जम्मू की स्पेशल एनआईए कोर्ट में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है. जिसमें उस पर भारत के खिलाफ साजिश रचने और सीमा पार से आतंकवाद को बढ़ावा देने के आरोप हैं.
'साजिश में शामिल सभी पर हो कार्रवाई': एनआईए के इस एक्शन पर भारतीय नौसेना के शहीद लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के पिता राजेश नरवाल ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा हाफिज सईद सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किए जाने का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि "केवल चार्जशीट दाखिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि इस साजिश में शामिल सभी आतंकियों, उनके सहयोगियों, फंडिंग करने वालों और स्थानीय मददगारों को कानून के दायरे में लाकर जल्द से जल्द कड़ी सजा दी जानी चाहिए, ताकि आतंकवाद के खिलाफ एक सख्त संदेश पूरी दुनिया में जाए."
'दोषियों को मिले कड़ी सजा': शहीद लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के पिता राजेश नरवाल ने कहा कि "राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गहन जांच के बाद चार्जशीट दाखिल की है. जिससे स्पष्ट है कि जांच एजेंसी ने तथ्यों और सबूतों के आधार पर निष्कर्ष निकाला है. यदि हाफिज़ सईद इस पूरी साजिश का मुख्य आरोपी है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन केवल उसी तक कार्रवाई सीमित नहीं रहनी चाहिए. हमले में शामिल सभी लोग, चाहे वो पाकिस्तान में हों, आतंकियों को आर्थिक मदद देने वाले हों, साजिश रचने वाले हों या स्थानीय स्तर पर सहयोग करने वाले. सभी के खिलाफ मुकदमा चलाकर कड़ी सजा दी जानी चाहिए."
'स्थानीय लोगों ने की आंतकियों की मदद': राजेश नरवाल ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि कुछ स्थानीय लोगों ने भी आतंकियों की मदद की थी. यदि जांच में ये साबित होता है तो उनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर मुकदमा चलाया जाना चाहिए. केवल कुछ लोगों को सजा देने से न्याय पूरा नहीं होगा, बल्कि पूरी आतंकी श्रृंखला को समाप्त करना जरूरी है.
'अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाना चाहिए मुद्दा': उन्होंने कहा कि आतंकवाद केवल उनके परिवार या 22 अप्रैल 2025 को हुए हमले के पीड़ित परिवारों की समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरे देश और दुनिया के प्रत्येक नागरिक की समस्या है. यदि दुनिया में शांति और सौहार्द बनाए रखना है तो आतंकवाद के खिलाफ कठोर और त्वरित कार्रवाई अनिवार्य है. राजेश नरवाल ने NIA की जांच की सराहना करते हुए कहा कि एजेंसी ने कम समय में जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल की है. अब जरूरी है कि मामले का शीघ्र ट्रायल हो और कानून के अनुसार दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले. उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को मजबूती से उठाया जाना चाहिए और पाकिस्तान में मौजूद आरोपियों के प्रत्यर्पण के प्रयास किए जाने चाहिए, ताकि भारत में उन पर मुकदमा चलाया जा सके.
पीएम मोदी पर जताया विश्वास: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए राजेश नरवाल ने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार आतंकवाद के खिलाफ कठोर रुख अपनाए हुए है और दोषियों को न्याय के कटघरे तक पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी. राजेश नरवाल ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल अपने बेटे के लिए न्याय मांगना नहीं है, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ ऐसी मिसाल कायम करना है जिससे भविष्य में कोई भी आतंकवादी या उसका सहयोगी ऐसी साजिश रचने से पहले कई बार सोचने को मजबूर हो.
हाफिज सईद पर आरोप: हाफिज सईद पर भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने और सीमा पार से साजिश रचने का आरोप है. बीएनएस 2023 और UAPA की कई धाराओं के तहत आरोप तय किए गए हैं. चार्जशीट में पाकिस्तान की साजिश, हाफिज सईद की भूमिका और वैज्ञानिक जांच के सबूत शामिल हैं. गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), 1967 की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं. NIA ने चार्जशीट में आरोपी पर भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने और सीमा पार से साजिश रचने से जुड़ी दंडात्मक धाराएं भी लगाई हैं.

