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SIR के तहत 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 95 फीसदी से अधिक गणना फॉर्म मतदाताओं को वितरित किए गए: EC

चुनाव आयोग ने 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 48.67 करोड़ से अधिक गणना फार्म वितरित किए गए हैं.

Election Commission of India
भारत निर्वाचन आयोग (ANI)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : November 15, 2025 at 8:40 PM IST

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नई दिल्ली/चेन्नई : चुनाव आयोग ने शनिवार को कहा कि नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों के 5.99 करोड़ मतदाताओं में से 95 प्रतिशत से अधिक को विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत गणना फार्म प्राप्त हो चुके हैं.

अपने दैनिक एसआईआर बुलेटिन में चुनाव प्राधिकरण ने कहा कि 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 48.67 करोड़ से अधिक गणना फार्म वितरित किए गए हैं. ये राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हैं छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तथा लक्षद्वीप.

इनमें तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल में 2026 में चुनाव होंगे. असम में, जहां 2026 में चुनाव होने हैं, मतदाता सूची के संशोधन की घोषणा अलग से की जाएगी.

एसआईआर अभ्यास का दूसरा चरण 4 नवंबर को गणना चरण के साथ शुरू हुआ और 4 दिसंबर तक जारी रहेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सभी राजनीतिक दलों से सभी मतदान केन्द्रों पर अपने कार्यकर्ताओं की नियुक्ति करके मतदाता सूची की चल रही एसआईआर में भाग लेने का आग्रह किया था.

उन्होंने मतदाता सूची को साफ करने की प्रक्रिया का समर्थन करने के लिए बिहार के लोगों की भी सराहना की थी. बिहार चुनाव में एनडीए की शानदार जीत के बाद यहां पार्टी मुख्यालय में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि बिहार के मतदाताओं ने एसआईआर को भारी समर्थन दिया है.

'मताधिकार को जल्दबाजी, मनमानी और अविश्वसनीय प्रक्रिया के अधी नहीं किया जाए'

चेन्नई में तमिलगा वेत्री कझगम के अध्यक्ष, अभिनेता-राजनेता विजय ने शनिवार को चल रही एसआईआर प्रक्रिया के संबंध में कई मुद्दों को उठाया और चुनाव आयोग से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि मताधिकार को जल्दबाजी, मनमानी और अविश्वसनीय प्रक्रिया के अधीन नहीं किया जाए.

टीवीके ने जमीनी स्तर पर देखे गए मुद्दों को रेखांकित किया, तथा प्रवासी श्रमिकों जैसे लोगों के बड़े पैमाने पर मताधिकार से वंचित होने के अनजाने जोखिम सहित कई बिंदुओं को सूचीबद्ध किया.

ऑनलाइन आवेदन के लिए ईपीआईसी कार्ड को मोबाइल नंबर से जोड़ने की आवश्यकता एक बाधा बन रही है, 2002/2005 एसआईआर रिकॉर्ड से मतदाता जानकारी तक पहुंचने और उसे प्राप्त करने में कठिनाइयां आ रही हैं, ये ऐसे अन्य मुद्दे हैं जिन्हें विजय ने मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों को दिए गए ज्ञापन में उठाया है.

उन्होंने कहा, "हम इस प्रतिनिधित्व को सहकारी संघवाद और लोकतांत्रिक साझेदारी की भावना से रखते हैं, जिसका एकमात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी तमिल व्यक्ति अनजाने में मतदाता सूची से बाहर न रह जाए."

हम आशा करते हैं कि तमिलनाडु के लोगों को भारत निर्वाचन आयोग से उचित देखभाल, ध्यान और संवेदनशीलता मिलेगी तथा उनके मताधिकार को जल्दबाजी, मनमानी और अविश्वसनीय प्रक्रिया के अधीन नहीं किया जाएगा."

टीवीके प्रमुख ने कहा कि जब चुनाव आयोग ने जून 2025 में बिहार में एसआईआर की घोषणा करते हुए एक आदेश जारी किया था, जिसमें नए दिशा-निर्देशों और प्रतिबंधों के साथ 3 महीने की कुल समय-सीमा तय की गई थी, तो चुनाव आयोग को तमिलनाडु में प्रत्येक चरण के लिए लंबी समय-सीमा के साथ एसआईआर प्रक्रिया शुरू करने का पर्याप्त कारण नहीं मिला.

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