PM मोदी को 'कॉकरोच जनता पार्टी' का खुला पत्र, भूख हड़ताल और परीक्षा प्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल
यह आंदोलन केवल एक राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि देश के युवाओं और शिक्षा व्यवस्था के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है.- कॉकरोच जनता पार्टी

Published : July 4, 2026 at 10:34 PM IST
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक खुला पत्र जारी किया है. इस पत्र में पार्टी ने कहा कि उनका धरना 15वें दिन में पहुंच चुका है, जबकि शिक्षाविद सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का सातवां दिन है. CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पत्र के माध्यम से केंद्र सरकार से आंदोलन पर चुप्पी तोड़ने, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही तय करने और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है.
पत्र में कहा गया है कि सोनम वांगचुक जैसे शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय से काम कर रहे व्यक्ति का अनिश्चितकालीन उपवास केवल एक व्यक्तिगत कदम नहीं, बल्कि सरकार के सामने नैतिक और लोकतांत्रिक सवाल खड़ा करता है. पार्टी ने आरोप लगाया कि इतने दिनों से आंदोलन चलने के बावजूद प्रधानमंत्री की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.
पेपर लीक और छात्रों के भविष्य का मुद्दा उठाया
कॉकरोच जनता पार्टी ने दावा किया कि देश में लगातार हो रहे परीक्षा पेपर लीक ने करोड़ों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है. पत्र में कहा गया कि सरकार इस समस्या को रोकने में विफल रही है और शिक्षा मंत्री ने भी इसकी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की. पार्टी ने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार आ रही खामियों के कारण कई छात्र मानसिक दबाव का सामना कर रहे हैं. इसी संदर्भ में छात्रों की आत्महत्या के मामलों का भी उल्लेख करते हुए सरकार से संवेदनशीलता के साथ हस्तक्षेप करने की अपील की गई है.
पुलिस कार्रवाई पर भी जताई आपत्ति
पत्र में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का भी जिक्र किया गया है. संगठन का आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के साथ बल प्रयोग किया और आंदोलन स्थल पर रखी पुस्तकों को सड़क पर फेंक दिया. पत्र में संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है. संगठन का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और इससे छात्रों में असंतोष बढ़ा है.
शिक्षा व्यवस्था और लोकतंत्र पर उठाए सवाल
खुले पत्र में कहा गया है कि यदि छात्र बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन भी नहीं कर सकते, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है. संगठन ने आरोप लगाया कि सरकार जनता के सवालों से बच रही है और जवाबदेही से दूरी बना रही है. पत्र में यह भी कहा गया कि सरकार को शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और युवाओं के भरोसे को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए.
प्रधानमंत्री से की गई ये प्रमुख मांगें
कॉकरोच जनता पार्टी ने प्रधानमंत्री से अपील की है कि वह आंदोलन पर अपनी चुप्पी तोड़ें, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और सोनम वांगचुक की मांगों पर ध्यान दें और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही तय करें. पत्र के अंत में संगठन ने कहा कि यह आंदोलन केवल एक राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि देश के युवाओं और शिक्षा व्यवस्था के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है. संगठन ने प्रधानमंत्री से लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप संवाद शुरू करने और छात्रों की चिंताओं का समाधान निकालने का आग्रह किया. पत्र पर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके सहित पार्टी के कई पदाधिकारियों के हस्ताक्षर हैं.
ये भी पढ़ें:

