'बिहार के रास्ते गोरखपुर फिर चेन्नई..' रक्सौल बॉर्डर से 3 बांग्लादेशी और एक भारतीय मददगार गिरफ्तार
रक्सौल में भारत-नेपाल बॉर्डर पर एसएसबी ने 3 बांग्लादेशी घुसपैठियों और उसके मददगार भारतीय को पकड़ा है. जानें क्या था उनका पूरा प्लान.

Published : January 1, 2026 at 12:37 PM IST
मोतिहारी: बिहार के पूर्वी चंपारण के रक्सौल में एसएसबी ने भारत नेपाल बॉर्डर पर बुधवार रात 4 संदिग्ध नागरिकों को पकड़ा है. चारों भारत में अवैधर रूप से घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे. इनमें तीन बांग्लादेशी और एक भारतीय नागरिक हैं, जो भारत क्षेत्र में तीनों को घुसपैठ कराने में मदद कर रहा था. अब सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटी है.
रक्सौल बॉर्डर से 3 बांग्लादेशी गिरफ्तार : एसएसबी के अनुसार, बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान मो. फिरोज (पिता मुजामिल), मो. सोफाज (पिता अब्दुल मुनाफ), मो. ओलूर रहमान (पिता बिलाल हुसैन) और चौथे भारतीय नागरिक मो. सरफराज अंसारी, निवासी चनपटिया, पश्चिम चंपारण का रहने वाला है.

तीन बांग्लादेशी नागरिक और एक भारतीय मददगार : बुधवार को एसएसबी की टीम संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली थी. सूचना के बाद रक्सौल बॉर्डर जांच बढ़ा दी गई. तभी टीम की नजर इन चारों संदिग्ध नागरिकों पर पड़ी. संदेह के आधार पर एसएसपी की टीम ने चारों नागरिकों से पूछताछ की.
मोबाइल की जांच में खुली पोल : पश्चिम चंपारण के चनपटिया निवासी मो. सरफराज अंसारी ने अपनी पहचान बताई और कहा कि ''तीनों नागरिक को लेकर मैं अपने घर चनपटिया, पश्चिम चंपारण जा रहा हूं.'' इस बीच, एसएसबी की टीम ने तीनों नागरिकों के मोबाइल की जांच की तो पता चला पकड़े गए तीन नागरिक बांग्लादेशी हैं, और सरफराज उन्हें भारतीय सीमा में प्रवेश कराने में मदद कर रहा था.

''चार संदिग्ध नागरिकों के संबंध में रक्सौल बॉर्डर के पास से घुसपैठ की जानकारी मिली थी. गुप्त सूचना के बाद से एसएसबी की टीम पहले से अलर्ट थी. सभी अवैध तरीके से भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ कर रहे थे, इनसे पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है.'' - एसएसबी टीम, रक्सौल बॉर्डर
बिहार के रास्ते गोरखपुर और फिर चेन्नई.. क्यों? : एसएसबी की टीम ने बताया कि मोबाइल की जांच में चैट और लोकेशन से साफ हो गया कि पकड़े गए सभी नागरिक पहले बिहार के रास्ते गोरखपुर जाते और वहां से इन्हें चेन्नई जाना था. फिलहाल एसएसबी ने सभी को स्थानीय पुलिस को सौंप दिया है. अब पुलिस इसकी जांच करेगी कि इनका भारत में घुसपैठ का क्या मकसद था, ये लोग बिहार, गोरखपुर के रास्ते चेन्नई क्यों जा रहे थे?.

रक्सौल मैत्री पुल पर SSB की पैनी नजर : नया साल और विशेष इनपुट के आधार बिहार-नेपाल सीमा पर रक्सौल, सोनाबरसा और जोगबनी जैसे प्रमुख रास्तों पर निगरानी बढ़ा दी गई है. एसएसबी की ओर से सघन चेकिंग अभियान चलाया है. पिछले दिनों गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने अधिकारियों को विशेष सतर्कता के निर्देश दिए ते. नेपाल से आने वाले यात्रियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
इनके पास से मिले फर्जी दस्तावेज- SSB : एसएसबी अधिकारियों के मुताबिक, बांग्लादेशी नागरिकों के पास फर्जी दस्तावेज मिले हैं. उनके पास भारतीय पहचान पत्र तो थे, लेकिन जांच में साबित हो गया कि वे नकली हैं. सरफराज अंसारी ने कबूल किया कि उसने पैसे की लालच में यह काम किया. लेकिन घुसपैठ का असली मकसद क्या है?, आतंकी गतिविधियां, जासूसी या मानव तस्करी?. सुरक्षा एजेंसी अब इन सवालों का जवाब ढूंढने में लगी है.

''जवानों की सतर्कता से बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है. अब बांग्लादेशी नागरिकों को प्रत्यर्पण के लिए बांग्लादेशी दूतावास को सूचित किया जाएगा. इससे पहले सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क को उजागर करने पर जुटी हैं. गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं. इस संबंध में चेन्नई पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है.'' - संजय सिंघल, डीजी, एसएसबी
क्या बोले ग्रामीण? : वहीं रक्सौल बॉर्डर पर रहने वाले ग्रामीणों ने एसएसबी की तारीफ की. उन्होंने कहा कि ''ऐसी कार्रवाई से सुरक्षा मजबूत होती है. बिहार-नेपाल बॉर्डर पर मॉनसून के बाद घुसपैठ बढ़ जाती है. सर्दी में भी घुसपैठ का खतरा बना रहता है. सरकार को सीमा दीवार को और भी मजबूत करना चाहिए, साथ ही और अधिक टेक्नोलॉजी लगानी चाहिए.''
एक्शन में गृह राज्य मंत्री: वहीं गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने हाल ही में पटना में उच्च स्तरीय बैठक बुलाई थी. इसमें सीमा सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया गया था. ड्रग्स और शराब तस्करी को रोकने के लिए इंटेलिजेंस नेटवर्क को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए. जिसके बाद बिहार-नेपाल सीमा पर रक्सौल, सोनाबरसा और जोगबनी जैसे प्रमुख रास्तों पर निगरानी बढ़ा दी गई.
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