'एक दिन भारत में हिजाब पहनने वाली बेटी प्रधानमंत्री बनेगी', बोले असदुद्दीन ओवैसी
सोलापुर में ओवैसी ने कहा कि, मुसलमानों के खिलाफ फैलाया जा रहा नफरत ज्यादा दिनों तक टिकने वाला नहीं है.

Published : January 10, 2026 at 3:09 PM IST
सोलापुर (महाराष्ट्र): ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) चीफ अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी भारत की प्रधानमंत्री बनेगी. भारतीय संविधान की समावेशिता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने यह बात कही.
शुक्रवार को महाराष्ट्र के सोलापुर में चुनावी सभा में बोलते हुए, ओवैसी ने तर्क दिया कि पाकिस्तान के संविधान में ऐसी समावेशिता का प्रावधान नहीं है, जो अन्य धर्मों के लोगों को उच्च पदों पर आसीन होने से प्रतिबंधित करता है.
#WATCH | Solapur, Maharashtra | AIMIM president Asaduddin Owaisi yesterday said," the constitution of pakistan clearly states that a person belonging to only one religion can become the prime minister of the country. baba sahib's constitution says that any citizen of india can… pic.twitter.com/5hIqToOxri
— ANI (@ANI) January 10, 2026
उन्होंने कहा कि, पाकिस्तान का संविधान स्पष्ट रूप से कहता है कि केवल एक ही धर्म का व्यक्ति देश का प्रधानमंत्री बन सकता है और बाबा साहब का संविधान कहता है कि भारत का कोई भी नागरिक प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या महापौर बन सकता है. उन्होंने कहा, "मेरा सपना है कि एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी इस देश की प्रधानमंत्री बने."
ओवैसी ने आगे कहा कि जो लोग मुसलमानों के खिलाफ नफरत फैलाते हैं, उनका अंत होगा और जब प्रेम आम हो जाएगा, तो लोगों को एहसास होगा कि,उनके लोगों के दिमाग को कैसे जहर दिया गया था. उन्होंने कहा कि, मुसलमानों के खिलाफ फैलाया जा रहा नफरत ज्यादा दिनों तक टिकने वाला नहीं है. ओवैसी ने कहा कि, नफरत फैलाने वालों का अंत जरूर होगा. ओवैसी ने कहा कि, जब प्रेम आम हो जाएगा, तब उन्हें एहसास होगा कि लोगों के दिमाग में किस तरह जहर घोला गया था.
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ओवैसी की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्हें चुनौती दी कि वे किसी 'पसमांदा' मुस्लिम या हिजाब पहनने वाली महिला को एआईएमआईएम का अध्यक्ष बनाकर दिखाएं. इससे पहले, ओवैसी ने पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम की गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के कड़े प्रावधानों को मजबूत करने के लिए आलोचना की थी, जिसके परिणामस्वरूप उमर खालिद और शरजील इमाम सहित विचाराधीन कैदियों को लंबे समय तक कारावास में रखा गया है.
सुप्रीम कोर्ट ने दो विचाराधीन आरोपियों को जमानत नहीं दी और जमानत न देने के कारणों का स्पष्टीकरण भी दिया. यूपीए सरकार के दौरान गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम में संशोधन किया गया और उसमें आतंकवाद की परिभाषा को शामिल किया गया.
ओवैसी ने कहा कि, "कांग्रेस द्वारा बनाए गए 'किसी अन्य तरीके से' के इसी आधार पर, जिसके दुरुपयोग की बात मैंने पहले ही कही थी, आज साढ़े पांच साल से जेल में बंद दो युवकों को जमानत नहीं मिली". उन्होंने कहा कि, कानून बनाने वाले कांग्रेस से थे और गृह मंत्री चिदंबरम थे.
उन्होंने सवाल किया कि, क्या आजादी के बाद से कांग्रेस का कोई नेता कभी एक साल, दो साल या साढ़े पांच साल जेल में रहा है. बता दें कि,मुंबई में होने वाले आगामी नगर निगम चुनावों के लिए सभी पार्टियां जोर-शोर से रैली कर रही है. 15 जनवरी को चुनाव होंगे और जिनके नतीजे 16 जनवरी को घोषित किए जाएंगे.
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