शिमला में बर्फ नहीं गिरी, तो सड़क पर बिछा दी रूई! 'नकली बर्फ' देख मायूस हुए टूरिस्ट, मौसम की बेरुखी ने बढ़ाई टेंशन
दिसंबर महीना खत्म होने को है, लेकिन शिमला में अब तक बर्फबारी नहीं हुई है. स्नोफॉल नहीं होने से टूरिस्टों में निराशा.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : December 24, 2025 at 8:33 PM IST
|Updated : December 25, 2025 at 3:43 PM IST
शिमला: विंटर सीजन में बर्फ से ढके रिज और माल रोड के लिए मशहूर शिमला मौसम की बेरूखी झेल रहा है. शिमला समेत पूरे हिमाचल में बर्फबारी का इंतजार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा. इस बीच शिमला विंटर कार्निवल में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए रूई बिछाकर 'नकली बर्फ' बनाई गई है. बाहर से आने वाले सैलानी 'नकली बर्फ' के साथ तस्वीरें खींचा कर काम चला रहे हैं. वहीं, स्थानीय लोग इस तरह की तस्वीर देखकर हैरान हैं और आने वाले वक्त को लेकर चिंता जाहिर कर रहे हैं.
2016 से व्हाइट क्रिसमस का इंतजार, बर्फबारी न होने से पर्यटक निराश
शिमला के माल रोड की सैर पर निकले सैलानी और स्थानीय लोग नकली बर्फ के साथ तस्वीरें तो खींचा रहे हैं, लेकिन ऐसे दृश्य को लेकर चिंता भी जाहिर कर रहे हैं. सैलानियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि वे नकली बर्फ देखकर अच्छा महसूस नहीं कर रहे. शिमला में लंबे वक्त से बर्फबारी नहीं हुई है. बीते कई सालों से मौसम में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है. यह सभी के लिए चिंता का विषय है. वक्त रहते सजग होने की जरूरत है. ताकि आने वाले वक्त में इन पहाड़ों पर सूखे जैसी स्थिति पैदा न हो जाए. नकली बर्फबारी का इंतजाम देख छोटे बच्चों को सबसे ज्यादा निराशा हो रही है. साल 2016 के बाद से व्हाइट क्रिसमस का इंतजार लगातार जारी है. शिमला में साल 2016 में 25 दिसंबर को 30 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई थी.
स्थानीय लोगों ने पुराने दिनों को किया याद, भविष्य को लेकर जताई चिंता
इस दृश्य को देखकर स्थानीय लोग पुराने दिनों को याद कर रहे हैं. जब शिमला दिसंबर महीने में बर्फ की सफेद चादर ओढ़ लेता था. बेटी के साथ शिमला घूमने पहुंचे नीतीश याद करते हुए बताते हैं, 'कॉलेज के दिनों में शिमला में खूब बर्फ देखने को मिलती थी. सर्दियों के मौसम में बर्फ का खूब लोक उठाया करते थे. पिछले कुछ सालों से पहाड़ों पर बर्फबारी न के बराबर हो रही है'.
नीतीश ने कहा कि इसके लिए हम सभी लोग जिम्मेदार हैं. समय रहते मौसम परिवर्तन की ओर ध्यान नहीं दिया गया तो जनवरी में भी बर्फ देखने को नहीं मिलेगी. फिलहाल उन्हें उम्मीद है की जनवरी के महीने में बर्फबारी देखने को मिले. नीतीश भविष्य को लेकर बेहद चिंतित हैं उनका कहना है कि आने वाले समय में बच्चों को पेड़ पौधे भी म्यूजियम में न दिखाने पड़ें.

शिमला में रूई बिछाकर बर्फ का दृश्य बनाने पर बोले मेयर सुरेंद्र चौहान
शिमला के स्कैंडल प्वाइंट पर रूई बिछाकर बर्फ का दृश्य बनाया गया है. इस मामले पर नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा, 'विंटर कार्निवल को देखते हुए रिज और माल रोड को सजाया गया है. शिमला के ऐतिहासिक शहर है. कालका-शिमला रेलवे और नगर निगम के भवन का भी इतिहास से पुराना नाता है. इसी को थीम बनाते हुए रिज और माल रोड पर सेल्फी प्वाइंट बनाए गए हैं. शहर में चार से पांच जगह पर सेल्फी प्वाइंट बनाए गए हैं, जिसमें शिमला के इतिहास की झलक है'.

सुरेंद्र चौहान ने कहा है कि शिमला बर्फबारी के लिए भी जाना जाता है. इसी को देखते हुए स्कैंडल प्वाइंट के पास स्नोफॉल सेल्फी प्वाइंट बनाया गया है. साफ मौसम के चलते बर्फ की कमी भी शिमला को खल रही है. उन्होंने कहा कि वो भगवान से प्रार्थना करते हैं कि शिमला में जल्द बर्फबारी देखने को मिले.
फिलहाल बर्फबारी के लिए करना होगा और इंतजार
हिमाचल प्रदेश में फिलहाल ये सूखे का सिलसिला टूटा हुआ नजर नहीं आ रहा है. मौसम विज्ञान केंद्र का अनुमान है कि नए साल तक प्रदेश में मौसम परिवर्तन की कोई संभावना नहीं है. मौसम विज्ञान केंद्र शिमला मैं मौसम वैज्ञानिक संदीप शर्मा ने कहा, 'प्रदेश में आने वाले एक हफ्ते किसी तरह का मौसम परिवर्तन देखने को नहीं मिलेगा. फिलहाल प्रदेश के बेहद ऊंचे दर्दों पर हल्की बर्फबारी देखने को मिल सकती है. हालांकि मौसम में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिल रहा है. ऐसे में शिमला मनाली जैसे पर्यटन स्थलों पर अभी बर्फबारी के लिए कुछ और इंतजार करना पड़ेगा'.
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