ETV Bharat / bharat

Explainer: BJP के साथ या खिलाफ.. बंगाल में कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगा JDU?

नीतीश कुमार की जेडीयू आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव लड़ेगी, लेकिन अहम सवाल ये है कि बीजेपी के साथ लड़ेगी या अकेले? पढ़ें स्पेशल रिपोर्ट..

JDU in Bengal Election
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव लड़ेगा जेडीयू (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Bihar Team

Published : December 31, 2025 at 7:07 PM IST

11 Min Read
Choose ETV Bharat

रिपोर्ट: अविनाश कुमार

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के बाद अब पूरे देश की नजर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव पर है. जहां वैसे तो मुख्य मुकाबला टीएमसी और बीजेपी के बीच होना है लेकिन बिहार की भी कई पार्टियां भाग्य आजमाने की तैयारी में है. 10वीं बार मुख्यमंत्री बनकर रिकॉर्ड बनाने वाले नीतीश कुमार भी बंगाल के रण में दो-दो हाथ करने के लिए तैयार हैं. उनका एकमात्र सपना जेडीयू को 'राष्ट्रीय पार्टी' का दर्जा दिलाने का है, इस लक्ष्य को पाने में बंगाल चुनाव अहम साबित हो सकता है.

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव लड़ेगा जेडीयू: 2021 में जेडीयू ने आखिरी वक्त तक बीजेपी के साथ गठबंधन करने की बहुत कोशिश की थी लेकिन बात नहीं बनी, मजबूरन अकेले की मैदान में उतरना पड़ा. पहले 70 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया गया, मगर 45 सीटों पर ही उम्मीदवार उतारे. परिणाम बहुत खराब रहा, किसी भी सीट पर खाता नहीं खुला. अब एक बार फिर से अप्रैल-मई में होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में जेडीयू की तरफ से बीजेपी के साथ गठबंधन की कोशिश हो रही है.

फोन पर पश्चिम बंगाल जेडीयू अध्यक्ष अमिताभ दत्ता (ETV Bharat)

2021 में जेडीयू का प्रदर्शन: पिछले विधानसभा चुनाव में जेडीयू का प्रदर्शन बेहद खराब रहा था. 45 सीटों पर उम्मीदवार उतारे लेकिन खाता तक नहीं खुला. सभी सीटों पर जमानत जब्त हो गई. कोई भी प्रत्याशी 2000 वोट नहीं ला सका. सबसे अधिक 1609 वोट मिला, जबकि एक कैंडिडेट को महज 81 मत मिले. पार्टी को केवल 0.02% ही वोट प्राप्त हुआ.

ETV Bharat GFX
ETV Bharat GFX (ETV Bharat)

2000 वोट भी नहीं मिला: रानीगंज सीट से जेडीयू उम्मीदवार राजकुमार पासवान को सबसे अधिक 1609 और चौरंगी से कैंडिडेट अनिल सिंह को सबसे कम 81 मत हासिल हुआ. इंटाली से नुरुल हुदा को 137, कोलकाता पोर्ट से मंजय राय को 175, इंग्लिश बाजार से उमा दास को 275, हावड़ा मध्य से अनामिका सिंह को 545, हावड़ा दक्षिण से अमित घोष को 654, दमदम से संजीवन हाजरा को 915, चाकुलिया से कामाख्या सरकार को 954, नलहटी से अमरजीत को 984, कुमार ग्राम से कलावती को 1399 और जमुरिया से जेडीयू प्रत्याशी गौरीशंकर बनर्जी को 1484 वोट मिले.

ETV Bharat GFX
ETV Bharat GFX (ETV Bharat)

पश्चिम बंगाल के प्रदेश अध्यक्ष अमिताभ दत्ता से जब ईटीवी संवाददाता ने बातचीत की तो उन्होंने कहा कि अगर दोनों दलों के बीच गठबंधन होता है तो बीजेपी को ज्यादा फायदा होगा. इस मामले में जेडीयू की केंद्रीय कमेटी ही फैसला लेगी. उन्होंने कहा कि कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा अभी बाहर हैं. उनके आने के बाद बातचीत आगे बढ़ेगी.

कितनी सीटों पर लड़ेंगे?: इस सवाल पर जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष अमिताभ दत्ता ने सेंट्रल पार्टी जो तय करेगी, पार्टी उस पर चलेगी. पिछली बार गठबंधन नहीं हुआ तो अलग से हम लोग चुनाव लड़े थे. इस बार एनडीए से समझौता होगा तो एनडीए के साथ चुनाव लड़ेंगे. जहां तक सीटों का सवाल है तो केंद्रीय कमिटी के दिशा निर्देश के बाद ही यह तय होगा. वैसे हमलोगों की अच्छी तैयारी चल रही है.

Nitish Kumar
बंगाल चुनाव के लिए नीतीश कुमार का प्लान रेडी (ETV Bharat)

अमिताभ दत्ता ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल में लगातार बैठक कर रहे हैं. अगर बीजेपी चाहेगी कि पश्चिम बंगाल में भी एनडीए के बैनर तले चुनाव लड़ा जाए तो दोनों दलों के लिए बेहतर रहेगा. गठबंधन फाइनल होने पर हम लोग पॉलिसी अनाउंस करेंगे. उन्होंने कहा कि बिहार छोड़कर दूसरे राज्य में एनडीए तो है नहीं, पश्चिम बंगाल में एनडीए फॉर्म हो सकता है. कुछ और दल आना चाहेंगे तो स्वागत करेंगे.

बीजेपी से गठबंधन क्यों जरूरी?: इस सवाल पर अमिताभ दत्ता ने कहा कि बिहार में एनडीए ने एकजुट होकर चुनाव लड़ा और ऐतिहासिक जीत मिली. दिल्ली में एनडीए नहीं है लेकिन बीजेपी के साथ एडजस्टमेंट में चुनाव लड़ा गया. झारखंड में भी एनडीए नहीं है, वहां भी बीजेपी के साथ समझौता हुआ. मणिपुर में हम लोग जीते थे लेकिन ज्यादातर विधायक बीजेपी में चले गए.

Nitish Kumar
पीएम मोदी के साथ नीतीश कुमार (ETV Bharat)

किस एरिया पर है फोकस?: अमिताभ दत्ता ने कहा हम लोगों का कोई पॉलिटिकल स्पेस नहीं है. पश्चिम बंगाल में किसी आईडियोलॉजी पर चुनाव नहीं हो रहा है. हिंदू-मुस्लिम हो रहा है. जहां तक चुनावी तैयारियों का सवाल है तो मुर्शिदाबाद, हावड़ा, आसनसोल और पुरुलिया बेल्ट में हमारी जमीनी स्थिति अच्छी है. अगर बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव लड़े तो परिणाम बेहतर हो सकता है.

Nitish Kumar
नीतीश कुमार भी कर सकते हैं रैली (ETV Bharat)

'गठबंधन से बीजेपी को अधिक फायदा': जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आसनसोल बेल्ट जो झारखंड बिहार का बॉर्डर है, वहां भी अच्छा रिजल्ट हो सकता है लेकिन समय बहुत कम है. उन्होंने कहा कि अगर मजबूत स्ट्रेटजी बनाकर चुनाव लड़ा गया तो इस बार नतीजे सकारात्मक होंगे. उन्होंने कहा कि जेडीयू छोटी पार्टी है, इसलिए गठबंधन की सूरत में हमसे ज्यादा फायदा बीजेपी को होगा क्योंकि अभी तक बीजेपी अछूत माना जाता है. उसके साथ कोई नहीं जाना चाहता है. बीजेपी के खिलाफ साइलेंट अभियान चलता है लेकिन ममता के खिलाफ भी लोग हैं. हम छोटी पार्टी वाले जरूर हैं लेकिन हमें कमतर नहीं आंकना चाहिए.

JDU in Bengal Election
उमेश कुशवाहा से मिले बंगाल जेडीयू अध्यक्ष और अन्य (ETV Bharat)

"मुर्शिदाबाद में मुस्लिम अधिक है, वहां बीजेपी का बहुत ज्यादा मिलने वाला नहीं है. एक-आध सीट मिल जाए. यदि हम लोग उनके साथ आते हैं उन्हें फायदा हो सकता है. हम लोगों को भी फायदा होगा क्योंकि हम लोग मुस्लिम कैंडिडेट दे सकते हैं लेकिन यह भाजपा के लिए संभव नहीं है. वहीं पुरुलिया में हम लोगों का फॉलोअर है, क्योंकि वह कुर्मी बहुत क्षेत्र है. बीजेपी की वहां स्थिति अच्छी है लेकिन आदिवासी इलाके में उनकी स्थिति अच्छी नहीं है, वहां हम लोग अच्छा कर सकते हैं, हम मदद कर सकते हैं तो भाजपा भी हमें मदद कर सकती है."- अमिताभ दत्ता, अध्यक्ष, प. बंगाल जेडीयू

अमिताभ दत्ता ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बंगाल दौरे को लेकर जेडीयू की तरफ से भी एक विज्ञप्ति दी गई है, जिसमें एसआईआर के बाद बांग्लादेशी घुसपैठिये और रोहिंग्या के बारे में जानकारी देने की मांग की गयी है.

Nitish Kumar
अमित शाह के साथ नीतीश कुमार (ETV Bharat)

'जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलेंगे': बंगाल जेडीयू अध्यक्ष अमिताभ दत्ता ने कहा कि हमारे राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा अभी बाहर हैं. 2 जनवरी के बाद वह बिहार लौटेंगे तब उनके साथ हमलोग मुख्यमंत्री और जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार से मुलाकात करेंगे. बिहार चुनाव से पहले हमलोग मिले थे, तब बातचीत हुई थी. इस बार मुलाकात के बाद आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श होगा.

कहां-कहां बीजेपी-जेडीयू गठबंधन?: बिहार में तो जेडीयू का बीजेपी के साथ लंबे समय से गठबंधन है. 2025 विधानसभा चुनाव भी दोनों ने मिलकर लड़ी और ऐतिहासिक जीत हासिल की. गठबंधन में तीन और दल शामिल थे. बिहार के अलावे दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी गठबंधन के साथ जेडीयू को दो सीटें दी गई थी. हालांकि किसी सीट पर जीत नहीं मिली. वहीं झारखंड में भी बीजेपी के साथ दो सीटों पर जेडीयू का गठबंधन हुआ था, इसमें से एक सीट पर जीत मिली है.

Nitish Kumar
संजय झा के साथ नीतीश कुमार (ETV Bharat)

मणिपुर-अरुणाचल में संतोषजनक प्रदर्शन: इसके अलावे जनता दल यूनाइटेड अकेले भी कई राज्यों में चुनाव लड़ता रहा है लेकिन मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश को छोड़ दें तो सभी जगहों पर उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई है. हालांकि मणिपुर में जीते हुए विधायक बाद में बीजेपी में शामिल हो गए थे.

क्या बोले जानकार?: राजनीतिक विशेषज्ञ प्रिय रंजन भारती का कहना है कि जेडीयू का बिहार के अलावे कहीं भी कोई बड़ा जनाधार नहीं है. इसलिए जेडीयू के नेता चाहते हैं कि बीजेपी के वोट बैंक के सहारे दूसरे राज्यों में भी कुछ सीट मिल जाए. जहां भी विधानसभा का चुनाव होता है, हर जगह जेडीयू की तरफ से यही कोशिश होती है कि बीजेपी के साथ तालमेल हो जाए. पश्चिम बंगाल में भी गठबंधन का प्रयास चल रहा है. जिन इलाकों में कुर्मी वोटर हैं, वहां फोकस होगा. साथ ही मुस्लिम मतदाताओं पर भी नजर होगी. अगर बीजेपी के साथ जेडीयू का कुछ सीटों पर भी तालमेल हो जाता है तो निश्चित रूप से उसका लाभ मिल सकता है.

Nitish Kumar
नितिन नबीन के साथ नीतीश कुमार (ETV Bharat)

"पश्चिम बंगाल बिहार का पड़ोसी है. वहां भी कई इलाकों में कुर्मी वोटर है. हालांकि उस वोटर को नीतीश कुमार अपनी और कितना रिझा पाएंगे, यह कहना मुश्किल है. वहीं मुसलमानों की आबादी कई सीटों पर जीत हार का फैसला लेती है और मुस्लिम वोट बैंक पर ममता बनर्जी तो दावा करती ही है, ओवेसी की पार्टी भी दावा कर रही है. अभी टीएमसी से निकाले गए विधायक जो बाबरी मस्जिद बनाने की नींव रखे हैं, उनकी तरफ से भी कई तरह के दावे किए जा रहे हैं."- प्रिय रंजन भारती, राजनीतिक विशेषज्ञ

Nitish Kumar
नीतीश कुमार (ETV Bharat)

बलियावी की जगह कहकशां को जिम्मेदारी: 2021 विधानसभा चुनाव के दौरान जेडीयू के प्रभारी गुलाम रसूल बलियावी थे. मुस्लिम बहुल इलाकों, बिहार झारखंड से सटे इलाकों और कुर्मी बहुल इलाकों में में जेडीयू ने 45 सीटों पर उम्मीदवार भी उतारा था. हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचार में नहीं गए थे लेकिन पार्टी के कई मंत्री और वरिष्ठ नेता चुनाव प्रचार में भी गए थे. बाद में बलियावी की जगह पूर्व राज्यसभा सांसद कहकशां परवीन को जिम्मेवारी दी गई.

क्या बोलीं बंगाल प्रभारी?: वहीं, जनता दल यूनाइटेड की पश्चिम बंगाल प्रभारी कहकशां परवीन का भी कहना है कि जल्द ही राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और पश्चिम बंगाल के प्रदेश अध्यक्ष के साथ बातचीत कर आगे रणनीति तैयार होगी. उन्होंने कहा कि हमलोग हर हाल में चुनाव लड़ेंगे लेकिन हमारी पहली प्राथमिकता भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन की है.

JDU in Bengal Election
जेडीयू प्रभारी कहकशां परवीन (ETV Bharat)

"जल्द ही पश्चिम बंगाल के प्रदेश अध्यक्ष और जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के साथ बातचीत होगी और उसके बाद स्थिति स्पष्ट होगी. हम लोगों की पश्चिम बंगाल में क्या रणनीति होगी, कितने सीटों पर हम लोग चुनाव लड़ेंगे, कुछ दिन और इंतजार कीजिए."- कहकशां परवीन, जेडीयू प्रभारी, पश्चिम बंगा

2021 विधानसभा चुनाव का परिणाम: 2021 चुनाव में 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा में ममता बनर्जी की तृण मूल कांग्रेस को शानदार जीत मिली थी. 215 सीटों के साथ फिर से टीएमसी की सरकार बनी थी. वहीं, बीजेपी को 77 सीटों पर जीत मिली थी, जबकि 2016 में 3 ही विधायक थे. बीजेपी ने कूच बिहार, अलीपुरदुआर, जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग , नादिया, पुरुलिया, बांकुरा, पूर्व मेदिनीपुर और उत्तर 24 परगना जैसे क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन किया था.

ये भी पढ़ें:

बंगाल की पिच पर पारी खेलेंगे नितिन नबीन! जानिए BJP का 'मिशन भद्रलोक' का पूरा प्लान

Tej Pratap Yadav ने बढ़ाई सियासी हलचल, बोले- बंगाल और यूपी में चुनाव लड़ूंगा

JDU ने रखा एक करोड़ सदस्य बनाने का लक्ष्य, 'मिशन इम्पॉसिबल' को कैसे पॉसिबल करेंगे नीतीश कुमार?

बिहार में NDA की प्रचंड जीत का 2026 में दिखेगा असर, 19 सीटों की जंग में महागठबंधन को नुकसान तय!

सियासी चर्चा : कुनबा बढ़ाने में लगी JDU, क्या बिहार में फिर AIMIM के साथ होगा 'खेला'?

मात्र 9 मिनट के लिए JDU कार्यालय पहुंचे सीएम नीतीश कुमार, संजय झा ने दिलाई पार्टी की सदस्यता