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NIA ने लाल किला आतंकी हमले के सिलसिले में दो प्रमुख जानकारियां हासिल कीं

लाल किला आतंकी हमले को लेकर एनआईए ने कहा कि ये देशभर में आतंकवादी हमले की योजना बना रहे थे.

Red Fort terror attack
लाल किला आतंकवादी हमला (file photo-ANI)
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By ETV Bharat Hindi Team

Published : November 17, 2025 at 5:52 PM IST

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नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के अधिकारियों ने लाल किला आतंकवादी हमले के मामले में दो प्रमुख जानकारियों को उजागर किया है, जिसमें आतंकवादी ऑपरेशन का कोडनेम और इसकी बड़ी योजना शामिल है. गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद एनआईए ने पिछले मंगलवार को दिल्ली बम विस्फोट की जांच अपने हाथ में ले ली.

जांच एजेंसी ने आतंकवादी संगठन द्वारा दिए गए आंतरिक कोडनाम “ऑपरेशन डी-6” को डिकोड किया है, जिसके तहत वे देश भर में विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में बड़े पैमाने पर आतंकवादी हमले की योजना बना रहे थे.

यह हमला 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी के सिलसिले में योजनाबद्ध रुप से किया जाता. यह खुलासा फरीदाबाद और जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार किए गए कथित आतंकवादियों से पूछताछ के बाद हुआ. सूत्रों के अनुसार, यह मॉड्यूल कार में विस्फोटक उपकरण का उपयोग करके बड़े पैमाने पर आत्मघाती हमले की योजना बना रहा था, जिसकी तैयारी कई सप्ताह से चल रही थी. रविवार को एनआईए ने माना कि लाल किला बम विस्फोट एक आत्मघाती हमला था.

दिल्ली आतंकी हमले से जुड़े एक अन्य प्रमुख आरोपी आमिर राशिद अली की गिरफ्तारी के बाद एनआईए की जांच में पता चला था कि कार मालिक और जम्मू-कश्मीर के पंपोर के संबूरा निवासी अली ने कथित आत्मघाती हमलावर उमर उन नबी के साथ मिलकर आतंकी हमला करने की साजिश रची थी.

विस्फोट को अंजाम देने के लिए कार का इस्तेमाल वाहन-जनित इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) के रूप में किया गया था. जब से एनआईए ने यह मामला अपने हाथ में लिया है, तब से उसने 73 गवाहों से पूछताछ की है, जिनमें 10 नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी में हुए विस्फोट में घायल हुए लोग भी शामिल हैं. एजेंसी के अनुसार, 6 दिसंबर के हमले की योजना के लिए फरीदाबाद में भारी मात्रा में विस्फोटक जमा कर लिया गया था.

“मृतक (उमर) कई युवकों को संभावित आत्मघाती अभियानों के लिए तैयार करने की कोशिश कर रहा था और सक्रिय रूप से उनका ब्रेनवॉश कर रहा था. मामले से अवगत एक वरिष्ठ अधिकारी ने ईटीवी भारत को बताया कि शाहीन और अन्य गिरफ्तार संदिग्धों से बरामद डायरियों से "ऑपरेशन डी-6" से जुड़ी जानकारी मिली है."

जांच एजेंसी फिलहाल साजिश की हर कड़ी को खंगालने की कोशिश कर रही है. अधिकारी ने कहा, "आने वाले दिनों में देश भर से और गिरफ्तारियां होने की संभावना है क्योंकि साजिश की जांच से बड़े पैमाने पर साजिश का संकेत मिला है." उन्होंने आगे कहा, "एनआईए अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय में जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और अन्य स्थानों पर लगातार छापेमारी कर रही है."

ईटीवी भारत से बात करते हुए, प्रसिद्ध सुरक्षा विशेषज्ञ और जम्मू-कश्मीर के पूर्व महानिदेशक, शेष पॉल वैद ने कहा कि जांच एजेंसी ने पहले ही पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी संगठन द्वारा रची गई एक बड़ी आतंकी साजिश का भंडाफोड़ किया है.

वैद के अनुसार, पाकिस्तान का डीप स्टेट (शक्तिशाली सैन्य नेताओं द्वारा नियंत्रित सरकार से है) अंदरूनी इलाकों में कोई बड़ी कार्रवाई करने के लिए बेताब है. वैद ने कहा, "लगता है पाकिस्तान और आईएसआई भारत में कुछ बड़ी योजना बना रहे हैं. उन्हें याद रखना चाहिए कि ऑपरेशन सिंदूर जारी है और अगर उन्होंने कुछ किया तो उन्हें पाकिस्तान के सफाए के लिए अंजाम भुगतना पड़ेगा."

वैद के अनुसार, एनआईए और अन्य एजेंसियां ​​बहुत सावधानी से काम कर रही हैं. वैद ने कहा, "हम उम्मीद कर सकते हैं कि आने वाले दिनों में देश भर से और गिरफ्तारियां होंगी." साजिश 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद विध्वंस के दिन देश भर में कई आतंकवादी हमले करने की थी. वैद ने कहा, "वास्तव में, 'ऑपरेशन डी-6' की डिकोडिंग ने सुरक्षा एजेंसियों के इस दावे की पुष्टि की है कि देश भर में कई आतंकवादी हमलों की साजिश रची गई थी."

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