चेन्नई एयरपोर्ट पर कस्टम अधिकारी ऐसे करेंगे यात्रियों की स्क्रीनिंग, अब नहीं होगी यात्रियों की शिकायत
चेन्नई एयरपोर्ट पर कस्टम स्क्रीनिंग में नई प्रक्रिया लागू की गई. कस्टम अधिकारियों को यात्रियों की जांच करते समय बॉडी-वियर कैमरे पहनने होंगे.

Published : January 11, 2026 at 11:58 AM IST
चेन्नई: चेन्नई एयरपोर्ट पर एक नई प्रक्रिया लागू की गई है. इसके तहत कस्टम अधिकारियों को यात्रियों की जांच करते समय बॉडी-वियर कैमरे पहनने होंगे. चेन्नई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर विदेश से आने और जाने वाले यात्रियों के सामान की जांच करना कस्टम्स डिपार्टमेंट का मुख्य काम है.
केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने पहले आदेश दिया था कि ये जांच सम्मानपूर्वक की जाएं. हालांकि, कुछ एयरपोर्ट पर शिकायतें मिली थी कि कस्टम्स अधिकारी सख्ती से पेश आते हैं और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते है. इसके बाद केंद्र सरकार ने निर्देश दिया कि सभी इंस्पेक्शन प्रक्रियाओं को ऑडियो और वीडियो दोनों में रिकॉर्ड करने के लिए बॉडी-वर्न कैमरों का इस्तेमाल किया जाए.
यह कैमरा अधिकारियों और यात्रियों के बीच होने वाली सभी बातचीत के साथ-साथ इंस्पेक्शन की प्रक्रियाओं को भी रिकॉर्ड करेगा. सभी रिकॉर्डिंग तारीख और समय के साथ कैमरे में स्टोर की जाएगी. यह स्कीम सबसे पहले दक्षिण भारत में बेंगलुरु एयरपोर्ट पर शुरू की गई थी. अब इसे चेन्नई एयरपोर्ट पर भी लागू कर दिया गया है.
अगले फेज में इसे त्रिची, कोयंबटूर और मदुरै एयरपोर्ट तक बढ़ाया जाएगा. शुरुआत में चेन्नई एयरपोर्ट पर आठ कैमरे लगाए गए हैं. कस्टम विभाग के सूत्रों का कहना है कि जल्द ही 24 और कैमरे लगाए जाएंगे. चेन्नई एयरपोर्ट पर कस्टम अधिकारियों द्वारा यात्रियों की जांच और क्लियरेंस के लिए दो चैनल हैं, ग्रीन चैनल और रेड चैनल.
यहां काम करने वाले अधिकारी ये कैमरे पहनेंगे. इसके जरिए अधिकारियों की पूछताछ, सामान की जांच, यात्रियों की बातचीत और कस्टम अधिकारियों की बातचीत सब कुछ बॉडी-वॉर्न कैमरे में रिकॉर्ड किया जाएगा. उम्मीद है कि इससे कस्टम जांच में पारदर्शिता बढ़ेगी. कस्टम अधिकारियों ने कहा है कि इस नए बॉडी-वियर कैमरे सिस्टम से अगर यात्रियों की तरफ से कोई गलत काम पाया जाता है या कस्टम अधिकारियों पर कोई आरोप लगते हैं, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी.

