धनबाद गैस लीक: एनडीआरएफ टीम ने केंदुआडीह का किया मुआयना, कार्बन मोनोऑक्साइड का लेवल खतरनाक, लोगों से सावधान रहने की अपील
एनडीआरएफ टीम ने धनबाद के केंदुआडीह में हो रहे गैस रिसाव का निरीक्षण किया.

Published : December 7, 2025 at 7:35 PM IST
धनबाद: केंदुआडीह में हो रही जहरीली गैस रिसाव की जांच करने रांची से एनडीआएफ की एक टीम रविवार को धनबाद पहुंची. जांच के दौरान, एनडीआरएफ टीम को केंदुआडीह के नया धोड़ा इलाके में कार्बन मोनोऑक्साइड का चौंकाने वाला 1680 ppm लेवल मिला.
एनडीआरएफ की टीम फिलहाल केंदुआडीह थाना में कैंप कर रही है. 32 सदस्यों वाली एनडीआरएफ टीम गैस लीक वाले इलाके का मुआयना कर रही है और ड्रैगन मल्टी-गैस डिटेक्टर का इस्तेमाल करके गैस के लेवल का डाटा इकट्ठा कर रही है. इस बीच, सिंफर, डीजीएमएस, CMPDIL और BCCL की रेस्क्यू टीमें भी इलाके में गैस रिसाव की लगातार जांच कर रही हैं.
गैस रिसाव की जांच कर रही एनडीआरएफ टीम को केंदुआडीह के नयाधोड़ा में खतरनाक नतीजे मिले हैं. एनडीआरएफ टीम का नेतृत्व कर रहे असिस्टेंट कमांडेंट विनय कुमार ने बताया कि इलाके के अलग-अलग हिस्सों में गैस का लेवल अलग-अलग था, लेकिन नयाधोड़ा में कार्बन मोनोऑक्साइड की सबसे ज्यादा मात्रा 1680 ppm पाई गई, जो बेहद खतरनाक है. उन्होंने समझाया कि यह गैस सांस लेने पर खून में हीमोग्लोबिन के साथ मिल जाती है, जिससे ऑक्सीजन फेफड़ों तक नहीं पहुंच पाती और मौत हो सकती है.
उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ टीम इलाके में कार्बन मोनोऑक्साइड के लेवल पर लगातार नजर रख रही है और उन जगहों को मार्क कर रही है जहां गैस रिसाव का पता चला है. उन्होंने जहरीली गैस की ज्यादा मात्रा वाले इलाकों के लोगों से सतर्क रहने की अपील की.
जांच के दौरान, एक महिला अचानक बीमार पड़ गई. उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया. मौके पर मौजूद पुटकी पीबी एरिया के नए जीएम जेके मेहता ने कहा कि एक या दो जगहों पर गैस का लेवल अभी भी ज्यादा है, जो चिंता की बात है. उन्होंने बताया कि इमरजेंसी हालात में लोगों को मेडिकल सेवाएं देने के लिए सेंट्रल हॉस्पिटल में 30 बेड की एक अलग व्यवस्था की गई है, जहां मरीजों को सही इलाज मिलेगा. इसके अलावा, कुसतौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और मुनीडीह में बनाए गए राहत शिवरों में भी मेडिकल सुविधाएं और लोगों के रहने का इंतजाम किया गया है.
उन्होंने आगे बताया कि लोगों को पुनर्वास के लिए बेलगड़िया और करमाटांड ले जाया जा रहा है. अब तक 110 लोग इन जगहों पर भ्रमण कर चुके हैं और सभी वहां जाकर नई जिंदगी शुरू करने के लिए तैयार हैं. दूसरी ओर, स्थानीय निवासी और चुने हुए प्रतिनिधि विभाग की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं दिख रहे हैं. वे मांग कर रहे हैं कि लोगों को हटाने के बजाय, गैस रिसाव के कारण की जांच की जाए और इसे रोकने के लिए कदम उठाए जाएं.
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