बिहार में महिलाओं के खातों में 10000 रुपये भेजने से मतदान पर असर पड़ा? शरद पवार ने उठाए सवाल
बिहार चुनाव नतीजों पर शरद पवार ने कहा कि चुनाव आयोग को चुनावों में सरकारी धन के इस्तेमाल को रोकने के लिए दिशानिर्देश बनाने चाहिए.

Published : November 15, 2025 at 6:08 PM IST
पुणे (महाराष्ट्र): बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए एनसीपी (SP) प्रमुख शरद पवार ने महिलाओं के खातों में 10,000 रुपये भेजने पर सवाल उठाए और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी गंभीर संदेह व्यक्त किया. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकारी धन का इस्तेमाल मतदान को प्रभावित करने के लिए किया गया, तो लोकतंत्र में विश्वास कम होने का खतरा है.
महाराष्ट्र के बारामती में शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पवार ने कहा, "बिहार के नतीजों से साफ है कि महिलाओं ने चुनाव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. क्या महिलाओं के खातों में 10,000 रुपये के सीधे ट्रांसफर का मतदान पर असर पड़ा? यह एक गंभीर सवाल है."
उन्होंने याद दिलाया कि महाराष्ट्र में भी चुनाव से पहले सरकारी स्तर पर आर्थिक लाभ के प्रयोग किए गए थे. उन्होंने कहा कि सरकारी खजाने से पैसे का इस्तेमाल अपने उम्मीदवारों के लिए वोट पाने के लिए करना सीधा-सीधा गलत काम है. चुनाव आयोग को इस प्रथा को रोकने के लिए तुरंत दिशानिर्देश बनाने चाहिए. बिहार में चुनाव की घोषणा से पहले ही पैसे बांट दिए गए थे, लेकिन इसे सही नहीं कहा जा सकता."
स्थानीय निकाय चुनावों पर टिप्पणी
मुंबई नगर निगम और स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस द्वारा अपनी ताकत दिखाने की घोषणा पर शरद पवार ने कहा, "मुझे नहीं पता कि वे इसे स्वीकार करेंगे या नहीं. लेकिन इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है." पुणे जिले में एनसीपी के दो गुटों के संभावित गठबंधन पर उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय माहौल को देखते हुए जिला स्तर पर फैसला लिया जाएगा.
केले की कीमतों पर प्रतिक्रिया
केले की गिरती कीमतों के मुद्दे पर पवार ने कहा, "हम अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात बढ़ाने की कोशिश करेंगे. चीनी की कीमतें बढ़ाए बिना गन्ने की कीमतें बढ़ाना संभव नहीं है. आंदोलन के कारण ट्रैक्टरों को रोकना नुकसानदेह है."
शिवसेना के चुनाव चिन्ह पर फैसले में देरी पर चिंता
शरद पवार ने शिवसेना के चुनाव चिन्ह पर फैसला बार-बार टलने पर चिंता जताई. उन्होंने कहा, "यह उनकी जायज मांग है, अगर इसमें देरी हुई तो पार्टी को नुकसान होगा." उन्होंने कहा कि चुनाव चिन्ह पर जल्द फैसला लिया जाना चाहिए. उन्होंने स्थानीय निकायों के लंबित चुनावों को लेकर चुनाव आयोग पर चिंता व्यक्त की. शरद पवार ने यह भी कहा, "हमें चुनाव आयोग की प्रतिष्ठा की रक्षा करनी चाहिए. लोगों के मन में संदेह बढ़ रहा है, यह स्थिति चिंताजनक है."
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