'खेलो इंडिया' ने भी बदली जम्मू-कश्मीर की तस्वीर'; हेड कोच बोले- 370 हटने के बाद आया बदलाव
बनारस के डॉ. सम्पूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का आयोजन हो रहा है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : January 6, 2026 at 4:54 PM IST
|Updated : January 6, 2026 at 5:01 PM IST
वाराणसी : बनारस के डॉ. सम्पूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का आयोजन हो रहा है. इस टूर्नामेंट में जम्मू एंड कश्मीर की टीम चर्चा का विषय बनी हुई है. टूर्नामेंट में लड़कियां अपने परंपरा के अनुसार, हिजाब में वॉलीबॉल खेल रही हैं, वहीं लड़के अब अपने उसे स्टेट को रिप्रेजेंट करने की इच्छा से खेल रहे हैं. युवाओं को भी खेल में अपना भविष्य स्पष्ट दिखाई देने लगा है. टीम के खिलाड़ियों व कोच का मानना है कि कि जम्मू एंड कश्मीर में स्थितियां बहुत बदली हैं. पहले ऑपच्यरुनिटीज नहीं थीं, जाॅब्स नहीं थी, लेकिन अब काफी सुधार हुआ है.
'देश का नाम रोशन कर रहे खिलाड़ी' : जम्मू एंड कश्मीर के वॉलीबॉल टीम में इंटरनेशनल प्लेयर हारून रशीद 'खेलो इंडिया' के तहत जूनियर वॉलीबॉल सहित स्टेट और इंटरनेशनल लेवल पर जाकर देश का नाम रोशन कर रहे हैं. उनका मानना है कि जम्मू और कश्मीर का युवा अब अपने भविष्य के प्रति सोच रहा है. पहले स्थितियां जैसी भी थीं, लेकिन अब चीजें बदल रहीं हैं.
'युवाओं के पास अपॉर्चुनिटी' : हारुन का मानना है कि पहले और अब में बहुत अंतर है. वह कहते हैं कि वहां युवाओं के पास अब बहुत सी अपॉर्चुनिटी हैं जिसे उन्हें छोड़ना नहीं चाहिए. खेलों के जरिए वह न सिर्फ अपना बल्कि देश का नाम भी रोशन करेंगे, यह बहुत बड़ा मौका है जो बनारस में नेशनल टूर्नामेंट के जरिए उन्हें मिला है. टीम के सभी खिलाड़ी अपना बेस्ट परफॉर्मेंस दे रहे हैं.
खिलाड़ी आयुष खुद मानते हैं कि पहले युवाओं के पास करने के लिए बहुत कुछ नहीं था. इस वजह से वह गलत रास्ते पर चले जाते थे, लेकिन अब स्थितियां बदल रहीं है. युवाओं को सरकारी नौकरी के मौके मिल रहे हैं. 'खेलो इंडिया' की तरफ से हो रहे टूर्नामेंट और खेल के प्रति बढ़ रहे जम्मू कश्मीर के युवाओं की उम्मीद ने उनके और उनके परिवार के भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए काम शुरू किया है, इसलिए युवा अब खेलों की तरफ जा रहे हैं, ताकि उनका भविष्य भी संवर सके.

'युवाओं को मिल रही नौकरी' : उनका मानना है कि हमारे पास यह बहुत बड़ा मौका है कि अपने आप को साबित करें. उन्होंने बताया कि उनकी टीम के एक दो नहीं बल्कि बहुत से खिलाड़ी हैं जो खेल के बल पर आज सरकारी नौकरी पा रहे हैं. उनके टीम के एक सदस्य इंडियन आर्मी में हैं, जबकि चार से पांच लोग वर्तमान में जम्मू कश्मीर पुलिस में नौकरी कर रहे हैं. हाल में ही किसी को भारतीय रेलवे से भी ऑफर आया है. ऐसे बहुत से प्लेयर हैं, जिनको खेल के बल पर अपने भविष्य को बनाने का मौका मिल रहा है और यह उन्हें छोड़ना नहीं चाहिए.
टीम के हेड कोच सज्जाद हुसैन मलिक इस पूरे बदलाव के पीछे कहीं ना कहीं से प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देते हैं. उनका कहना है कि जम्मू कश्मीर पहले भी बहुत कुछ करना चाहता था. यहां के युवा खेलों के प्रति अपना समर्पण दिखाते थे, लेकिन उनके पास सुविधा नहीं थी और प्लेटफार्म नहीं थे. उनका मानना है कि 'खेलो इंडिया' के तहत जो प्लेटफार्म अब खिलाड़ियों को मिल रहा है उसने उनके भविष्य को खेलों के प्रति ले जाने का एक सुनहरा अवसर दिया है.
'370 का मिल रहा फायदा' : उनका कहना है कि आज हमारे बहुत से युवा अलग-अलग खेलों में जम्मू कश्मीर का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. वॉलीबॉल जैसे खेल में जम्मू कश्मीर के युवाओं का रुझान बहुत तेजी से बढ़ रहा है. पहले जम्मू के बच्चे तो काम करने के लिए आगे आते थे, लेकिन अब कश्मीर वैली के बच्चे भी जम्मू के बच्चों के साथ मिलकर इस तरफ आ रहे हैं. उनका कहना है कि मेरा तो मानना है 370 का बड़ा फायदा अब मिल रहा है. सज्जाद हुसैन का कहना है कि मैं तो जिस क्षेत्र से आता हूं, वहां कभी डेवलपमेंट हो ही नहीं रहा था, लेकिन 370 के हटने के बाद स्थितियां वहां भी बदली हैं और चीजें बेहतर हुई हैं.
टीम के मैनेजर सुरेश सिंह का कहना है कि युवाओं को अब यह सोचना होगा कि उन्हें किसी के बहकावे में नहीं आना है, जो स्थितियां परिस्थितियां थीं, वह अब बदल चुकी हैं. आज हमारे जैसे लोग इस खेल के बल पर सरकारी नौकरी पाकर बच्चों को ट्रेंड कर रहे हैं. बहुत से बच्चे हैं जो वॉलीबॉल के जरिए सरकारी नौकरियों की तरफ जा रहे हैं और उन्हें काम भी मिल रहा है. उन्होंने कहा कि जम्मू एंड कश्मीर के युवाओं के लिए बहुत सी ऑपच्यरुनिटीज हैं. इस पर उन्हें खुद ध्यान देना होगा. बदलाव हो रहा है और इस बदलाव का हिस्सा बनने के लिए युवाओं को अपने अंदर भी बदलाव लाने होंगे, तभी यह चीजें संभव हैं. अब पहले से स्थितियां बदली हैं और इसका फायदा युवाओं को मिलना शुरू भी हुआ है.
28 महिला टीम और 30 पुरुषों की टीम शामिल : बता दें कि डॉ. सम्पूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम, सिगरा में 4 से 11 जनवरी तक नेशनल वॉलीबॉल टूर्नामेंट का बड़ा आयोजन हो रहा है. इसमें 31 राज्यों के 1200 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे. जिसमें 28 महिला टीम और 30 पुरुषों की टीम शामिल है. टूर्नामेंट में 4 से 7 जनवरी तक लीग चरण (प्रतिदिन लगभग 30 मैच) होंगे. 8 जनवरी को प्री-क्वार्टर फाइनल, 9 जनवरी को क्वार्टर फाइनल, 10 जनवरी को सेमीफाइनल, 11 और 12 जनवरी के फाइनल मुकाबला व समापन समारोह होगा.
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