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नई दिल्ली में नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन का आगाज, सीएम बोले- झारखंड की पहचान केवल माइंस नहीं, माइंड्स से भी होनी चाहिए

नई दिल्ली में दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन का आगाज हो गया है. कार्यक्रम का शुभारंभ सीएम हेमंत सोरेन ने किया.

National Stakeholders Consultation
कार्यक्रम में सीएम हेमंत सोरेन, झारखंड सरकार के मंत्री और अधिकारी (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : July 8, 2026 at 8:18 PM IST

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Updated : July 8, 2026 at 8:41 PM IST

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रांची/नई दिल्ली: झारखंड सरकार ने विजन 2050 को साकार करने के लिए नई दिल्ली में दो दिवसीय 'नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन' की शुरुआत कर दी है. आईटी, उद्योग एवं पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का पहला सत्र बुधवार को नई दिल्ली के ताज पैलेस होटल में हुआ. पहले दिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति में आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल गवर्नेंस और भविष्य की तकनीकों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया. देश-विदेश के उद्योग जगत, आईटी कंपनियों, नीति निर्माताओं, शिक्षाविदों और तकनीकी विशेषज्ञों ने इसमें भाग लिया.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दो दिवसीय आउटरीच कार्यक्रम के लिए नई दिल्ली पहुंचे हैं. उनके साथ वरिष्ठ मंत्री, मुख्य सचिव और निवेश-उद्योग से जुड़े शीर्ष अधिकारी मौजूद हैं. इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि आज हम सभी झारखंड सरकार की ओर से आयोजित इस दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन में एक साझा उद्देश्य के साथ एकत्र हुए हैं.

कार्यक्रम के मंच से बोलते सीएम हेमंत सोरेन (Jhargovtv)

झारखंड सिर्फ खदान के लिए नहीं मेधा के रूप में पहचाना जाए- हेमंत सोरेन

हेमंत सोरेन ने जोर देकर कहा, "झारखंड को केवल 'माइंस' (खदान) के रूप में नहीं, बल्कि 'माइंड्स' (मेधा) के रूप में भी पहचाना जाए. रिसोर्स (संसाधन) के साथ-साथ रिसर्च (अनुसंधान), एक्सट्रैक्शन (खनन) के साथ इनोवेशन (नवाचार) और ग्रोथ के साथ एक्सटेंसिव ग्रोथ पर जोर दिया जाए."

हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड देश को खनिज संपदा के साथ-साथ बौद्धिक पूंजी भी देता रहा है. अब समय आ गया है कि राज्य की पहचान केवल संसाधनों से नहीं बल्कि अनुसंधान, नवाचार और ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था से भी जुड़े. राज्य 25 वर्ष पूरे होने पर विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum) में भागीदारी जैसे कदमों के साथ अपनी महत्वाकांक्षा दिखा रहा है.

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कार्यक्रम में सीएम हेमंत सोरेन (ETV Bharat)

समावेशी विकास पर जोर

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि झारखंड का विकास मॉडल अन्य राज्यों की नकल पर आधारित नहीं होगा, बल्कि अपनी भूगोल, संसाधनों और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जाएगा. उद्देश्य केवल आर्थिक संकेतकों में सुधार नहीं, बल्कि विकास के लाभ हर वर्ग तक पहुंचाना है. सरकार प्रौद्योगिकी, अनुसंधान, नवाचार और सामाजिक समावेशन को विकास के केंद्र में रख रही है. उन्होंने कहा कि झारखंड की बौद्धिक पूंजी को राज्य की विकास यात्रा से जोड़ने का समय आ गया है.

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कार्यक्रम में सीएम हेमंत सोरेन (ETV Bharat)

नीतियों का प्रस्तुतीकरण और सुझाव

कार्यक्रम में झारखंड एआई पॉलिसी, झारखंड इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी, झारखंड टूरिज्म पॉलिसी, झारखंड टेक्सटाइल पॉलिसी, जियाडा रेगुलेशंस तथा पीपीपी पॉलिसी के कॉन्सेप्ट पेपर हितधारकों के समक्ष प्रस्तुत किए गए. उद्योग जगत और विशेषज्ञों से इन नीतियों को और अधिक प्रभावी एवं निवेशक-अनुकूल बनाने के लिए सुझाव आमंत्रित किए गए.

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कार्यक्रम में बोलते सीएम हेमंत सोरेन (ETV Bharat)

B2G संवाद और निवेश की संभावनाएं

कार्यक्रम के दौरान सरकार और उद्योग जगत के बीच बिजनेस-टू-गवर्नमेंट (B2G) संवाद भी आयोजित किया गया. इसमें आईटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस और आधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में निवेश व साझेदारी की संभावनाओं पर चर्चा हुई. माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, KPMG, Oracle, IBM समेत कई कंपनियों के प्रतिनिधियों ने मंच साझा किया और झारखंड में डिजिटल इकोसिस्टम मजबूत करने, आईटी निवेश बढ़ाने तथा राज्य को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर सुझाव दिए.

बुनियादी ढांचे पर फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बिजली आपूर्ति, बुनियादी ढांचा, परिवहन कनेक्टिविटी, कुशल जनशक्ति और उद्योग-अनुकूल नीति ढांचे को मजबूत करने पर काम कर रही है. लक्ष्य केवल निवेश समझौते या MoU पर हस्ताक्षर करना नहीं, बल्कि दीर्घकालिक साझेदारी स्थापित करना है जो उद्योग और राज्य दोनों के लिए सतत विकास सुनिश्चित करे.

उपस्थित प्रमुख व्यक्ति

कार्यक्रम में मंत्री श्रीमती दीपिका पाण्डेय, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, श्रम एवं उद्योग मंत्री संजय कुमार यादव, पर्यटन एवं कला संस्कृति मंत्री सुदिव्य कुमार सहित अन्य मंत्री मौजूद रहे.

मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला और राज्य के विकास में प्रौद्योगिकी के उपयोग पर बल दिया. विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह भी कार्यक्रम में उपस्थित थे.

दो दिवसीय कार्यक्रम 8 और 9 जुलाई को चल रहा है, जिसमें झारखंड को तकनीकी रूप से आगे बढ़ाने और निवेश आकर्षित करने की दिशा में ठोस चर्चा हो रही है.

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Last Updated : July 8, 2026 at 8:41 PM IST