त्रिपुरा एंजेल चकमा हत्याकांड: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान, राज्य सरकार को नोटिस
नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन ने देहरादून में त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या का संज्ञान लिया है.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : December 30, 2025 at 1:29 PM IST
|Updated : December 30, 2025 at 1:40 PM IST
देहरादून: त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की देहरादून में हत्या का मामला बढ़ता जा रहा है. अगरतला में लोगों के विरोध प्रदर्शन के बाद नस्लीय भेदभाव का प्रकरण गूंजने लगा है. हालांकि, देहरादून एसएसपी ने हत्याकांड को नस्लीय टिप्पणी से जोड़ने पर इनकार कर दिया है. अब इस प्रकरण पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने दखल देते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है.
देहरादून में त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या मामले का राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने संज्ञान लिया है. इस मामले में आयोग ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर अब तक की गई कार्रवाई पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है.
I have taken cognizance of the murder of a student from Tripura in Dehradun. Notice has been issued to the State Government seeking a report on action taken so far.
— प्रियंक कानूनगो Priyank Kanoongo (@KanoongoPriyank) December 29, 2025
The Chief Secretary and DGP have been directed to ensure, on highest priority, the safety of students from the…
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो की ओर से बताया गया कि, उनको सह्याद्री राइट्स फोरम (Sahyadri Rights Forum) एक्टिविस्ट ग्रुप से शिकायत मिली थी, जिसपर कार्रवाई करते हुए देहरादून जिलाधिकारी, एसएसपी को नोटिस जारी किए गए हैं. सात दिनों के अंदर इस मामले पर रिपोर्ट देने को कहा गया है. साथ ही उत्तराखंड मुख्य सचिव और डीजीपी को पूरे राज्य में पूर्वोत्तर के छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.
ये है मामला: 9 दिसंबर को देहरादून के सेलाकुई में कुछ युवकों की देहरादून में पढ़ाई कर रहे त्रिपुरा के एंजेल चकमा और उसके भाई माइकल के साथ कहासुनी हो गई थी. इसके बाद युवकों ने एंजेल और माइकल के साथ मारपीट की, जिसमें एंजेल गंभीर रूप से घायल हो गया. 17 दिनों तक एंजेल का देहरादून के ग्राफिक एरा अस्पताल में उपचार चलता रहा. लेकिन 26 दिसंबर को उपचार के दौरान एंजेल की मौत हो गई.
VIDEO | On notice sent to Dehradun authorities over the allegedly racially charged killing of a student from Tripura in the Uttarakhand capital, National Human Rights Commission (NHRC) member Priyank Kanoongo says, " a complaint was received from an activist group called the… pic.twitter.com/IwwArgkeCN
— Press Trust of India (@PTI_News) December 30, 2025
इस हत्याकांड में पुलिस ने 6 युवकों को आरोपी बनाया, जिसमें 5 युवकों को गिरफ्तार किया गया. इसमें दो आरोपी नाबालिग हैं जिन्हें बाल सुधार गृह भेजा गया है जबकि अन्य 3 को जेल भेज दिया गया है. घटना में शामिल एक अन्य आरोपी फरार है. देहरादून एसएसपी के मुताबिक, विवाद त्रिपुरा के एंजेल और गिरफ्तार आरोपी में शामिल मणिपुर के एक युवक के बीच शुरू हुआ था.
इस घटना में पहले सामने आया था कि युवकों ने नस्लीय टिप्पणी करते हुए एंजेल और माइकल के साथ मारपीट की थी. लेकिन अब देहरादून एसएसपी अजय सिंह ने नस्लीय टिप्पणी के प्रकरण से इनकार किया है. एसएसपी ने कहा कि, क्योंकि आरोपी और मृतक दोनों नॉर्थ ईस्ट के थे और एक दूसरे को नहीं जानते थे, इसलिए नस्लीय टिप्पणी की कोई बात सामने नहीं थी. वहां मौजूद युवक आपस में हंसी मजाक कर रहे थे. इसी दौरान मृतक और उसके भाई को लगा कर वह टिप्पणी उन दोनों के लिए की गई है. इसी कन्फ्यूजन में यह घटना हुई.
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने भी जारी किया नोटिस: इस पूरे प्रकरण पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से पहले राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग भी इस मामले का संज्ञान ले चुका है. आयोग ने घटना को गंभीर और शर्मनाक बताते हुए उत्तराखंड के डीजीपी और देहरादून डीएम और एसएसपी को पत्र लिखा है.

वहीं नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (NESO) ने मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से एंजेल चकमा की मौत के बाद दोषियों को मौत की सजा देने और नॉर्थ ईस्ट के लोगों के साथ नस्लीय भेदभाव और अत्याचार से जुड़े मामलों से निपटने के लिए एक स्पेशल पुलिस स्टेशन बनाने की मांग की. छात्र संगठन ने नस्लीय भेदभाव के खिलाफ एंटी-रेसिज्म एक्ट जैसा सख्त कानून बनाने की भी मांग की.
ईटीवी भारत से बात करते हुए एनईएसओ के सैमुअल बी जिरवा ने कहा कि, यह घटना वाकई दुर्भाग्यपूर्ण है. पहले भी देश के अलग-अलग हिस्सों में ऐसी घटनाएं हुई हैं. हमें उम्मीद है कि केंद्र सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से लेगी और सख्त कार्रवाई करेगी. इस घटना को सबसे बर्बर बताते हुए एनईएसओ ने सीएम धामी को एक ज्ञापन भी सौंपा है.
क्या है NESO: नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन पूर्वोत्तर राज्य के आठ प्रभावशाली छात्र संगठनों का एक समूह है, जिसमें खासी स्टूडेंट्स यूनियन (KSU), ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (AASU), नागा स्टूडेंट्स फेडरेशन (NSF), मिजो जिरलाई पॉल (MZP), ट्विपरा स्टूडेंट्स फेडरेशन (TSF), ऑल मणिपुर स्टूडेंट्स यूनियन (AMSU), गारो स्टूडेंट्स यूनियन (GSU) और ऑल अरुणाचल प्रदेश स्टूडेंट्स यूनियन (AAPSU) शामिल हैं.
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