हाथ लगाते ही बीमारी छूमंतर! 10 लाख मरीजों का मुफ्त इलाज कर चुके हैं डॉ. प्रकाश
बिहार में एक ऐसे डॉक्टर हैं, जिनको 'हाथों का जादूगर' कहा जाता है. 10 लाख मरीजों का इलाज कर चुके हैं. रत्नेश कुमार की रिपोर्ट..

Published : July 1, 2026 at 3:56 PM IST
गया: बिहार के गया स्थित बोधगया में डॉक्टर प्रकाश को लोग 'हाथ का जादूगर' कहते हैं. वह हाथ से ही मरीज को ठीक करते हैं. फिजियोथैरेपी चिकित्सा करने वाले डॉक्टर प्रकाश नस से संबंधित हर बीमारियों का इलाज करते हैं. इलाज भी घंटों का नहीं, बल्कि महज कुछ सेकंड या मिनट का. बीमारी बताई, शरीर की स्थिति को भांपा और फिर कर दिया इलाज. अब तक 10 लाख लोगों का यह इलाज कर चुके हैं.
डॉक्टर प्रकाश के पास रोजाना 100 से 150 के बीच मरीज अपना इलाज कराने आते हैं. वह मरीजों से कोई शुल्क भी नहीं लेते. यह सेवा भावना इनकी शुरू से ही रही है. नस से जुड़ी कोई भी बीमारी हो, फिजियोथैरेपी तकनीक से बगैर उपकरण, बगैर दवाई के इलाज डॉक्टर प्रकाश करते हैं. अपवाद स्वरूप के इक्के-दुक्के मरीजों को ही दवा देने की नौबत आती है. निशुल्क इलाज कर डॉक्टर प्रकाश काफी चर्चा में हैं.
इनका नाम देश ही नहीं, बल्कि विदेशों तक है. स्थिति यह है कि उनके यहां महाराष्ट्र, बंगाल, यूपी, बिहार, झारखंड के साथ-साथ विदेश के भी इनके मरीज हैं. हजारों विदेशियों का इलाज करने का दावा डॉक्टर प्रकाश करते हैं. इनका कहना है कि यह अब तक 10 लाख लोगों का निशुल्क इलाज कर चुके हैं.
इन बीमारियों का करते हैं इलाज: डॉक्टर प्रकाश नस से संबंधित बीमारियों का इलाज करते हैं. नस सुस्त हो, काम करना काम कर दिया हो, गर्दन की बीमारी हो, गर्दन में दर्द हो, शरीर में कहीं भी मोच हो, चोट हो, गर्दन लचक गया हो, नाभि खिसकन हो, सर में दर्द हो, माइग्रेन, चलने में दिक्कत, लकवा, पेट का गैस, ऐसी दर्जनों बीमारियां अपनी फिजियोथैरेपी तकनीक के यह पलक झपकते दूर करते हैं.

वर्तमान की फिजियोथैरेपी मशीन आधारित हुई है. महीनों का झंझट होता है लेकिन यहां मशीनों का कोई काम नहीं. सारे काम प्राकृतिक रूप से ही होते हैं और सफल इलाज किया जाता है. अधिकांशत: मरीज तो एक बार में ही ठीक हो जाते हैं. वहीं, कुछ मरीजों को ही दोबारा बुलाया जाता है. इनका इलाज देखकर ऐसा लगता है कि मानो खेल-खेल में बीमारियों को दूर कर रहे हैं. बस बीमारी पूछी, पेशेंट से बात किया और फिर बीमारी रफू चक्कर.
"मेरी पत्नी को कमर में असहनीय दर्द था. पूरे गया में इलाज कराया. पटना में भी इलाज करवाया. कहीं कोई फायदा नहीं हुआ तो भेल्लौर तक ले गए. इलाज चला, दर्द का इंजेक्शन दिया जाता था. 3 लाख रुपए खर्च हो गए. तनिक भी फायदा नहीं हुआ. अब डॉक्टर प्रकाश के इलाज करने से 90% आराम मिला है. डॉक्टर प्रकाश बिना जांच, बिना दवा, बिना मशीन के इलाज करते हैं. उनके यहां इलाज करा कर मेरी पत्नी लगभग ठीक हो गई है."- अनिल कुमार यादव, मोहनपुर निवासी

कमर-हाथ में पिछले 6 महीने से दर्द था: गया के दिग्घी तालाब की निवासी लक्ष्मी देवी बताती हैं कि उनके कमर और हाथ में पिछले 6 महीने से दर्द था. काफी पीड़ा वाली दर्द होती थी. बहुत डॉक्टर के यहां दिखाए, ठीक नहीं हुआ. यहां पहली बार आए तो लगभग ठीक हो गई हूं. इनके बारे में मोबाइल पर देखा तो यहां चले आए. 2 मिनट का एक्सरसाइज करवाया. हाथ से ही इलाज किया.
"पूर्व में हम जहां इलाज करते थे, वहां की दवा छोड़ने के बाद फिर वही स्थिति हो जाती थी. काफी परेशानी बनी हुई थी. अब फिजियोथैरेपी डॉ. प्रकाश से इलाज कराने के बाद काफी आराम हुआ है. पहली बार पहुंची है. पहली बार में ही काफी आराम हुआ."- लक्ष्मी देवी, मरीज
गैस की बीमारी में आराम: वहीं, सुरहरी इलाके से आए राजदेव पंडित बताते हैं, 'मुझे पेट में गैस और गर्दन में दर्द की शिकायत थी. डॉक्टर प्रकाश के बारे में जाना तो यहां पहुंचा. 6 माह से जो पीड़ा थी, वह खत्म हो गई है. पेट में गैस थोड़ा बहुत है, किंतु गर्दन का दर्द खत्म हो गया है. मुझे एलोपैथी डॉक्टर ने पूर्व में इलाज किया था मगर ठीक नहीं हुआ. अब यहां फिजियोथैरेपी विधि से बिना मशीन, बिना दवा, बिना जांच के ही हमारी बीमारी 90% दूर हो गई है.'

डॉक्टर प्रकाश के यहां आने वाले में केवल बिहार के ही नहीं होते हैं, बल्कि देश भर के कई राज्यों से मरीज आते हैं. विदेशों के भी कई मरीजों का इलाज यह कर चुके हैं और वर्तमान में भी विदेशी इनके यहां अपना इलाज कराने आते हैं. अब तक 10 लाख मरीजों का निशुल्क इलाज यह कर चुके हैं.
सुबह के कुछ घंटे सिर्फ फिजियोथैरेपी विधि से ही मरीजों का इलाज करते हैं. इसके बाद के समय में भी अपनी एक छोटी सी क्लीनिक चलाते हैं. जनरल फिजिशियन के रूप में बीमारियों का इलाज करते हैं. इस तरह उनकी घर की गाड़ी भी खींचती है. फिजियोथैरेपी विधि से रोजाना सैकड़ों मरीजों का नि:शुल्क इलाज को यह समाज सेवा की भावना से ओत-प्रोत बताते हैं.

सरकारी नौकरी नहीं की: डॉक्टर प्रकाश बताते हैं कि वह बैचलर ऑफ फिजियोथेरेपी का कोर्स कर चुके हैं. इसके अलावा पटना पीएमसीएच में भी ट्रेनिंग ली. बताते हैं कि उनकी सरकारी नौकरी लग रही थी लेकिन उन्होंने नहीं किया. टीचर की नौकरी भी उन्होंने नहीं किया. फिजियोथैरेपी में भी पूर्णिया में नौकरी मिल रही थी, उसे भी ज्वाइन नहीं किया.
"मन में समाज सेवा की भावना भी थी. इसी को लेकर मैंने सरकारी नौकरी नहीं की और इसी पर डिपेंड हो गए. आज खुश हैं कि लाखों मरीजों का सफल और निशुल्क इलाज कर चुके हैं. 26 साल से रोज सैकड़ों मरीजों का इलाज करते हैं. ठीक से याद नहीं लेकिन 10 लाख लोगों का अबतक इलाज कर चुके हैं."- डॉ. प्रकाश
बोधगया के मस्तीपुर के रहने वाले डॉक्टर प्रकाश बताते हैं कि वह बोधगया नौलखा मंदिर के पास यह इलाज करते हैं. वर्ष 2000 से अबतक 10 लाख मरीजों का इलाज कर चुके हैं, वह भी नि:शुल्क. जिस मरीज को दवा की बहुत जरूरत पड़ती है उसे ही दवा देते हैं, वह भी काफी कम पैसे में.

अपने बारे में बताते हुए कहते हैं, 'हमारा बचपन काफी गरीबी में बीता. मेरे पिताजी छोटे-मोटे किसान हैं. हम लोग लेबर वर्ग के आदमी हैं. मैं पढ़ने में काफी अच्छा खासा था. इसके बीच समाज सेवा की भावना थी तो हमने सोचा कि फिजियोथैरेपी तकनीक से मरीजो को फायदा हो सकता है तो क्यों नहीं इसके माध्यम से मुफ्त सेवा की जाए. छोटी सी मेडिकल स्टोर है तो उससे थोड़ा-बहुत कमा लेते हैं और घर का गुजारा चलता है. अपने चार बच्चों दो बेटी और दो पुत्र को अच्छी शिक्षा दिलाने की कोशिश भी कर रहे हैं.'
एक बार में इलाज संभव: डॉक्टर प्रकाश बताते हैं कि मरीज उनके यहां पीड़ा से कराहते हुए आते हैं लेकिन यहां से हंसते हुए लौटते हैं, क्योंकि पहली बार में ही मरीज लगभग ठीक हो जाते हैं. डॉक्टर प्रकाश बताते हैं कि वर्ष 2000 से अब तक उन्होंने मुफ्त इलाज किया है. किसी से एक रुपए नहीं लिया. प्रतिदिन 100 से ज्यादा मरीज का इलाज करते हैं. सभी मरीज इलाज के बाद खुशी से जाते हैं.
'हाथ का जादूगर' क्यों बोलते हैं?: इस पर डॉ. प्रकाश कहते हैं, 'जो भी मरीज आता है, निराश होकर नहीं लौटता है. एक बार में आधा या कहिये पूरा इलाज हो जाता है, वो भी बिना दवाई के. इसलिए मुझे लोग हाथ का जादूगर भी कहते हैं.'

कहां-कहां से आते हैं मरीज?: डॉ प्रकाश बताते हैं कि उन्हें सुबह होते ही मुंबई तक से भी फोन आना शुरू हो जाता है. इस इलाज को देखकर लोगों को एक विश्वास होता है और यही वजह कि उनकी प्रसिद्धि पूरे देश में है. पूरे इंडिया से मरीज आते हैं. जो मरीज थके हारे हुए हैं, वह यहां आते हैं और खुश होकर जाते हैं. हमारे यहां मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, हावड़ा अन्य राज्यों से भी मरीज आते हैं. वह यहां इलाज करते हैं और खुश होकर जाते हैं.
इसके अलावा विदेशी मरीज भी आते हैं. थाईलैंड, जापान, कोरिया, श्रीलंका आदि देशों के भी उनके मरीज हैं. यह इलाज करा ठीक होकर गए हैं. जिस बीमारी को लोग असाध्य कहते हैं, उस बीमारी को उन्होंने पलक झपकते दूर किया. इलाज का वीडियो फेसबुक, सोशल मीडिया पर डालते हैं, ताकि लोग इसे देखें और जिस बीमारी को लेकर मरीज गंभीर रहते हैं, उसे मामूली समझे और यहां मुफ्त में सफल इलाज करा कर जाएं.
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