ETV Bharat / bharat

कैंची धाम ट्रस्ट की पारदर्शिता पर उठा सवाल, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब, करोड़ों के चढ़ावे पर 4 सप्ताह में देना है उत्तर

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार, नैनीताल डीएम, एसडीएम और मंदिर ट्रस्ट को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है

KAINCHI DHAM TRUST ON TRANSPARENCY
कैंची धाम (File Photo- ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : February 19, 2026 at 11:39 AM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

नैनीताल: उत्तराखंड हाईकोर्ट नैनीताल ने बाबा नीम करौली के कैंची धाम मंदिर में कथित अव्यवस्थाओं और वित्तीय अनियमितताओं का स्वतः संज्ञान लिया है. पिथौरागढ़ के एक भक्त की शिकायत पर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की खंडपीठ ने राज्य सरकार, नैनीताल डीएम, एसडीएम और मंदिर ट्रस्ट को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. याचिका में ट्रस्ट को सरकारी नियंत्रण में लाने और वित्तीय पारदर्शिता की मांग की गई है. दरअसल भक्त ने शिकायत में कहा है कि करोड़ों के चढ़ावे का दुरुपयोग हो रहा है.

कैंची धाम ट्रस्ट से चढ़ावे और संपत्ति पर मांगा जवाब: सुनवाई के बाद प्रसिद्ध कैंची धाम में गड़बड़ियों के मामले में हाईकोर्ट ने अधिवक्ता धर्मेंद्र बर्थवाल को न्यायमित्र अधिवक्ता नियुक्त किया है. सरकार, डीएम नैनीताल सहित अन्य पक्षकारों से जवाब मांगा है. अगली सुनवाई के लिए 4 सप्ताह बाद की तिथि नियत की है. साथ में कोर्ट ने रजिस्ट्री से कहा है कि जनहित याचिका की प्रति न्यायमित्र को उपलब्ध कराएं.

ट्रस्ट को सरकारी नियंत्रण में लाने की मांग: पिथौरागढ़ निवासी ठाकुर सिंह डसीला की ओर से भेजे गए पत्र पर हाईकोर्ट ने इस मामले में जनहित याचिका दायर की है. इसमें कहा गया है कि बाबा नीम करौली द्वारा स्थापित इस धाम का संचालन करने वाले ट्रस्ट के बारे में मूलभूत जानकारी भी उपलब्ध नहीं है. मंदिर ट्रस्ट का नाम, पंजीकरण, कार्यालय का पता, ट्रस्टियों की संख्या और नियुक्ति संबंधी जानकारी स्थानीय प्रशासन और रजिस्ट्रार कार्यालय में उपलब्ध नहीं है.

कैंची धाम में हर साल करोड़ों का चढ़ावा आता है: करोड़ों रुपये के चढ़ावा और आय-व्यय का खुलासा नहीं किया जाता. विदेशी श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए विदेशी श्रद्धालुओं के एफसीआरए, लेखा-जोखा और ऑडिट रिपोर्ट जारी न करने पर भी सवाल उठाए गए हैं. कहा गया है कि बदरीनाथ-केदारनाथ धाम का संचालन एक अधिनियम तथा जागेश्वर मंदिर का प्रबंधन जिला प्रशासन की निगरानी में एक समिति के माध्यम से होता है. देशभर में भी मंदिरों में निगरानी की ठोस व्यवस्था है.

इन मंदिर समितियों की तर्ज पर नियंत्रण रखने की मांग: यह भी कहा गया है कि धार्मिक ट्रस्टों का पंजीकरण भारतीय ट्रस्ट अधिनियम, 1882 के तहत होता है. इसलिए ट्रस्ट, पंजीकरण, ट्रस्टियों के संबंध में जानकारी, संपत्ति और वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट जारी की जानी चाहिए. याचिका में मंदिर ट्रस्ट को जागेश्वर धाम और बदरी-केदारनाथ मंदिर समिति की तर्ज पर सीमित सरकारी नियंत्रण में रखने की मांग उठाई गई है.

कहां है कैंची धाम? कैंची धाम उत्तराखंड में है. ये बाबा नीम करौली या बाबा नीब करौरी का मंदिर है, जो नैनीताल जिले में स्थित है. बाबा नीम करौली को हनुमान जी का भक्त माना जाता है. कैंची धाम मंदिर के स्थापना दिवस पर यहां बहुत बड़ा मेला लगता है. इस मेले में लाखों लोग आते हैं.

कैसे पहुंचे कैंची धाम? कैंची धाम पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी हवाई अड्डा दिल्ली के बाद पंतनगर है. दिल्ली और पंतनगर दोनों स्थानों से यहां के लिए बस सेवा मिलती है. नजदीकी रेलवे स्टेशन हल्द्वानी और काठगोदाम हैं. इन स्थानों से बस, टैक्सी या निजी वाहन से जा सकते हैं. हल्द्वानी से कैंची धाम पहुंचने में करीब 2 घंटे लगते हैं. नैनीताल से कैंची धाम 30 से 45 मिनट में पहुंच सकते हैं.

ये भी पढ़ें: