बिहार में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम, 'राणा भाई' के संपर्क में था मुंगेर का मोहम्मद सद्दाम
गिरफ्तार शख्स बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देने की फिराक में था. सीमा पार के संदिग्ध नेटवर्क से जुड़े 'राणा भाई' के संपर्क में था.

Published : July 7, 2026 at 12:08 PM IST
मुंगेर: बिहार के मुंगेर जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तारापुर थाना क्षेत्र से एक युवक को गिरफ्तार किया है. पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार युवक सीमा पार से जुड़े एक संदिग्ध नेटवर्क के संपर्क में था और अपने दो अन्य सहयोगियों के साथ किसी बड़ी आतंकी वारदात की तैयारी कर रहा था.
आतंकी घटना को अंजाम देने से पहले मोहम्मद सद्दाम अरेस्ट: हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है. मामले की गंभीरता को देखते हुए अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर पूरे नेटवर्क की जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस के अनुसार, गुप्त सूचना मिलने के बाद तारापुर थाना क्षेत्र के मिलिक थानपुर गांव में देर रात छापेमारी की गई. इस दौरान मोहम्मद सद्दाम नामक युवक को गिरफ्तार किया गया है.
पिस्तौल और मोबाइल बरामद: पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के दौरान आरोपी भागने की कोशिश कर रहा था और उसने झाड़ियों में एक देसी पिस्तौल छिपा दी थी. तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने पिस्तौल बरामद कर ली. इसके अलावा आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है, जिसे जांच के लिए भेजा गया है.
'राणा भाई' गैंग के संपर्क में था: पूछताछ के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि मोहम्मद सद्दाम पिछले दो से तीन वर्षों से मुंबई में रह रहा था. इसी दौरान वह कथित रूप से 'राणा भाई' नामक व्यक्ति के संपर्क में आया, जिसे पुलिस सीमा पार के एक संदिग्ध नेटवर्क से जुड़ा बता रही है.

मोबाइल में मिले पाकिस्तानी नंबर: पुलिस के अनुसार, मोबाइल फोन की प्रारंभिक जांच में पाकिस्तानी नंबरों और सोशल मीडिया के माध्यम से संदिग्ध संपर्कों से जुड़े कुछ अहम सुराग मिले हैं. इन डिजिटल साक्ष्यों की विस्तृत जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके.
दो अन्य सहयोगियों की तलाश जारी: पुलिस का दावा है कि प्रारंभिक पूछताछ में यह संकेत भी मिले हैं कि गिरफ्तार युवक अपने दो अन्य सहयोगियों के साथ किसी बड़ी आतंकी घटना की तैयारी कर रहा था. हालांकि इस संबंध में अभी विस्तृत जांच जारी है. दोनों संदिग्ध सहयोगियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है.

केंद्रीय एवं अन्य सुरक्षा एजेंसियों को दी गई जानकारी: पुलिस का कहना है कि दोनों की गिरफ्तारी के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी. इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 113 और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी में जांच आगे बढ़ाई जा रही है. साथ ही केंद्रीय एवं अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ भी सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा रहा है ताकि यदि किसी बड़े नेटवर्क से संबंध सामने आते हैं तो उसके विरुद्ध भी आवश्यक कार्रवाई की जा सके.
मामला अत्यंत संवेदनशील- SDPO: तारापुर के एसडीपीओ कुमार देवेंद्र ने बताया कि मामला अत्यंत संवेदनशील है. उन्होंने कहा कि पुलिस सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है और अब तक मिले इनपुट के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है. उन्होंने यह भी कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा. पुलिस वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है.

"पूछताछ में पता चला है कि सीमा पार एक नेटवर्क है, जो राणा भाई से संबंधित है, उससे यह संपर्क में था. इसके दो और सहयोगी थे, तीनों के मिलकर किसी बड़ी आतंकी घटना को करने की संभावना थी. जांच जारी है. कांड दर्ज किया गया है. नेटवर्क की जांच हो रही है. यह जब मुंबई में था, तभी राणा भाई के संपर्क में आया था. वहां धर-पकड़ होने पर भागकर मुंबई से मुंगेर आ गया था."- कुमार देवेंद्र, एसडीपीओ, तारापुर
फिलहाल मुंगेर पुलिस फरार दोनों संदिग्धों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है. साथ ही जब्त मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है. पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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