मुंबई में बंधक बनाए गए बच्चों का रेस्क्यू, पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी ढेर
रोहित आर्या नाम के एक व्यक्ति ने पवई इलाके में बच्चों को बंधक बना लिया था. बाद में पुलिस ने आरोपी को मार गिराया.

Published : October 30, 2025 at 4:38 PM IST
मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के पवई इलाके में गुरुवार दोपहर करीब 1 बजकर 30 मिनट पर एक व्यक्ति ने 16 स्कूली बच्चों और एक महिला को बंधक बना लिया. पीड़ित पवई स्थित महावीर क्लासिक बिल्डिंग में एक वेब सीरीज के ऑडिशन के बहाने इकट्ठा हुए थे. पवई पुलिस ने तुरंत स्पेशल यूनिट, क्विक एक्शन फोर्स और NSG कमांडो को बुलाया और बाथरूम में घुसकर सभी को सुरक्षित बचा लिया और आरोपी को मार गिराया है.
जानकारी के मुताबिक पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपी रोहित आर्या को गोली लगी थी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया था. उसके पास से एक एयर गन और केमिकल बरामद किए गए हैं. रिपोर्ट के अनुसार पवई पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाली महावीर क्लासिक सोसाइटी के हॉल में पिछले पांच दिनों से एक वेब सीरीज की शूटिंग का ऑडिशन चल रहा था. सुबह-सुबह विभिन्न जिलों से 25-30 बच्चे ऑडिशन के लिए वहां पहुंचे थे.
Maharashtra | " a man, identified as rohit arya, has held a few children hostage in powai area of mumbai. he has released a video purportedly saying that he wants to speak with a few people and if he is not allowed to do it, he will set eveything on fire and harm himself and the…<="" p>— ani (@ani) October 30, 2025
बताया जा रहा है कि रोहित आर्या ने कथित तौर पर एयर गन से 17 लोगों को धमकाया और बंधक बना लिया. इनमें 16 बच्चे शामिल थे. इस बीच आरोपी रोहित आर्या ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें कथित तौर पर कहा गया है कि वह कुछ लोगों से बात करना चाहता है. शख्स ने धमकी देते हुए कहा, "अगर उसे ऐसा करने नहीं दिया गया, तो वह आग लगा देगा. साथ ही खुद को और बच्चों को नुकसान पहुंचाएगा."
एयर गन और केमिकल जब्त
पुलिस उपायुक्त दत्तात्रेय नलावड़े ने बताया कि पुलिस को दोपहर करीब 1 बजकर 45 मिनट पर एक कॉल आई जिसमें बताया गया कि महावीर क्लासिक नामक एक इमारत में एक व्यक्ति ने छोटे बच्चों को बंधक बना रखा है. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और बच्चों को बंधक बनाने वाले व्यक्ति से बातचीत की. इसके बाद, पुलिस अधिकारी बाथरूम से अंदर घुसे और अंदर मौजूद एक व्यक्ति की मदद से सभी बच्चों को सुरक्षित बचा लिया.
इससे पहले प्राथमिक जांच में उसके पास से एक एयर गन और केमिकल मिले थे. इस संबंध में डीसीपी दत्तात्रेय नलावडे ने बताया कि बच्चों को एक वेब सीरीज के ऑडिशन के लिए बुलाया गया था, जिसके लिए सोसाइटी हॉल बुक किया गया था. इस दौरान आरोपी ने ऑडिशन देने आए बच्चों को ही बंधक बना लिया.
#UPDATE | Maharashtra: Mumbai Police say, " all children have been safely rescued from the spot. the man, rohit arya has been detained by the police. the police are talking to him and trying to find out why he took such a step and if actually is mentally unstable."<="" p>— ani (@ani) October 30, 2025
रोहित आर्य का बयान
रोहित आर्य ने वीडियो जारी कर कहा, "मैं आतंकवादी नहीं हूं.मेरी कुछ साधारण मांगें हैं. मैं कुछ लोगों से बात करना चाहता हूं और सवाल पूछना चाहता हूं. मैं पैसे की मांग नहीं कर रहा हूं. मैं पहली मई से अनशन कर रहा हूं, लेकिन इसे हमेशा 'आज-कल' पर टाल दिया जाता है. अब मैंने कड़ा अनशन शुरू कर दिया है और मैं पानी भी ग्रहण नहीं कर रहा. गंभीरता समझी जाए तो अच्छा होगा, वरना, जय श्री राम! मैं अकेला नहीं हूं. कई लोगों को यह समस्या है. समाधान के लिए मुझे बातचीत की जरूरत है."
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार रोहित दावा है कि उन्होंने शिक्षा विभाग के लिए एक स्वच्छता निगरानी परियोजना के लिए कर्ज लिया था, लेकिन उनका पैसा सरकार के पास अटका हुआ है, जिससे करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है. कथित तौर पर उसने अपने मुद्दे पर ध्यान आकर्षित करने के लिए यह कृत्य किया है.
#WATCH | Maharashtra: Visuals from the spot in Powai area of Mumbai where a man, identified as Rohit Arya, held a few children hostage demanding that he be allowed to speak to a few people.
— ANI (@ANI) October 30, 2025
The children were soon rescued by the Police and handed over to their guardians. The… pic.twitter.com/9W5iCLMOw9
मुंबई के स्टूडियो में बच्चों को कैसे बनाया गया बंधक, कौन था आरोपी रोहित आर्या?
बच्चों को बंधक बनाने के आरोपी की पहचान 50 वर्षीय रोहित आर्य के रूप में हुई. पुलिस के मुताबिक, असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर अमोल वाघमारे ने उस समय आरोपी पर गोली चलाई जब वह लड़के पर हमला करने की तैयारी कर रहा था.
पवई पुलिस ने तुरंत स्पेशल यूनिट, क्विक एक्शन फोर्स और एनएसजी कमांडो की मदद से बाथरूम में घुसकर बंधकों को सुरक्षित बचा लिया.मुंबई नगर निगम के अग्निशमन विभाग से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, यह घटना साकी विहार रोड स्थित महावीर क्लासिक बिल्डिंग की पहली मंजिल पर स्थित बटरफ्लाई नर्सरी स्कूल में हुई.
आरोपी ने 16 बच्चों और एक महिला को बंधक बना लिया था. एहतियात के तौर पर, अग्निशमन विभाग ने पीआरटी किट और वेबर बचाव उपकरण तैयार रखे थे. एक छोटी नली भरी गई थी. अग्निशमन विभाग ने पुलिस को पहली मंजिल की खिड़की तक पहुंचने के लिए सीढ़ी लगाई. पुलिस ने बाथरूम में घुसकर सभी को सुरक्षित बचा लिया.
वेब सीरीज में काम मिलेगा...कहा था रोहित आर्या ने
आरोपी रोहित आर्य को तुरंत जोगेश्वरी के ट्रॉमा केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया. शाम 5.15 बजे डॉ. बांगर ने आरोपी रोहित आर्य को मृत घोषित कर दिया. खबर के मुताबिक, बच्चों को स्टूडियो में यह कहकर बुलाया गया था कि वे एक वेब सीरीज के लिए ऑडिशन दे रहे हैं और अगर वे चुने गए तो उन्हें वेब सीरीज में काम मिल जाएगा. यह ऑडिशन पिछले छह दिनों से चल रहा था.
ऑडिशन सुबह 10 बजे शुरू हुआ और बच्चों को रात 8 बजे छुट्टी दे दी गई. हमेशा की तरह, बच्चे आज सुबह 10 बजे ऑडिशन के लिए गए. उन्हें दोपहर 1 से 2 बजे के बीच दोपहर के भोजन के लिए छुट्टी दी गई. हालांकि, आज बच्चे बिल्कुल भी बाहर नहीं आए. उसके बाद पुलिस ने पहले रोहित आर्य से संपर्क करने की कोशिश की.
आरोपी रोहित को सीने में गोली मारी
लेकिन जब कोई समाधान नहीं निकला, तो पुलिस ने स्टूडियो के बाथरूम का शीशा तोड़ दिया और अंदर प्रवेश किया. पुलिस के अनुसार, जब रोहित बच्चों पर हमला करने की तैयारी करता हुआ दिखाई दिया, तो पुलिस ने उस पर गोली चला दी. आरोपी रोहित को सीने में गोली लगी.
कोई रास्ता नहीं बचा था...वाघमारे ने कहा
खबर के मुताबिक, पीएसआई अमोल वाघमारे ने रोहित आर्य का सामना किया. एपीआई वाघमारे ने कहा कि उन्हें गोली चलानी पड़ी क्योंकि कोई और रास्ता नहीं बचा था. पुलिस उपायुक्त दत्तात्रेय नलावड़े द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पुलिस को दोपहर लगभग 1:45 बजे एक कॉल आया.
कॉल करने वाले ने कहा कि एक शख्स ने महावीर क्लासिक बिल्डिंग में छोटे बच्चों को बंधक बना रखा है. पुलिस को यह सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई करनी पड़ी. विशेष इकाइयों और त्वरित कार्रवाई बल को घटनास्थल पर बुलाया गया. पुलिस ने आरोपी रोहित आर्या से बातचीत करके उसे समझाने की कोशिश की.
इसके बाद, पवई पुलिस स्टेशन के अधिकारी बहादुरी से बाथरूम में घुसे और अंदर मौजूद एक शख्स की मदद से सभी बंधकों को मुक्त कराया. प्रारंभिक जांच में, आरोपी के पास एक एयर गन और एक रसायन मिला है. यह पता लगाने के लिए जांच चल रही है कि यह रसायन वास्तव में किस लिए था. आरोपी रोहित आर्या की पृष्ठभूमि क्या है. उसकी मांगें क्या थीं.. इस घटना का सही कारण क्या है. इसको लेकर गहन जांच की जा रही है.
आरोपी ने बच्चों को एक वेब सीरीज के ऑडिशन के बहाने बुलाया था. इसके लिए उसने सोसाइटी में एक हॉल किराए पर लिया था. उसके बाद उसने ऑडिशन देने आए बच्चों को बंधक बना लिया. रोहित आर्य पवई इलाके में एक्टिंग क्लास और ऑडिशन से जुड़ा काम करता था.
सोशल मीडिया पर वह खुद को फिल्म निर्माता और मोटिवेशनल स्पीकर बताता था. खबर के मुताबिक, उसका 'अप्सरा' नाम से एक यूट्यूब चैनल भी है. बताया जा रहा है कि, वह पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव में था. स्थानीय निवासी महेश चौघुले ने बताया कि उसने बताया था कि रोहित आर्य पुणे का रहने वाला है. आरोपी रोहित आर्य ने स्कूल शिक्षा विभाग पर 2 करोड़ रुपये का बकाया होने का आरोप लगाया था. इस संबंध में तत्कालीन शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर ने रोहित आर्य के आरोपों का खंडन किया है. उसने तत्कालीन शिक्षा मंत्री केसरकर के बंगले के सामने और आजाद मैदान में विरोध प्रदर्शन किया था. उन्होंने मुंबई मराठी पत्रकार संघ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी। पूर्व शिक्षा मंत्री केसरकर ने मीडिया से बातचीत में उसके सभी दावों का खंडन किया है.
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