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10000 खर्च कर दिए, महिला रोजगार योजना की राशि लौटाने से पुरुषों का इनकार

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना में 'तकनीकी त्रुटि' से नया विवाद उपज गया. जीविका दीदी के बदले कई पुरुषों के खाते में 10-10 हजार रुपये आए.

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नोटिस दिखाते लोग (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : December 16, 2025 at 2:01 PM IST

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दरभंगा : ''मेरे खाते में 10 हजार रुपया चुनाव से पहले आया था. मैं दिव्यांग हूं. मैंने सोचा सरकार की योजना के तहत यह रुपया आया है. इसलिए रुपया खर्च कर दिया. अब नोटिस मिल रही है कि रुपया जमा कराइए. बताइए हम कहां से रुपया लाएं. सरकार को इसपर देखना चाहिए.'' यह कहना है दरभंगा के रहने वाले नागेंद्र राम का.

'मैं कहां से रुपया लाऊंगा' : नागेंद्र की तरह ही बलराम सहनी को भी जीविका के माध्यम से नोटिस प्राप्त हुआ है. उन्हें भी कहा गया है कि आपके खाते में 10 हजार रुपया भेजा गया था, उसे वापस कीजिए. बलराम कहते हैं कि ''छठ पूजा से पहले रुपया आया था इसलिए पूजा में खर्च हो गया है. मैं कहां से रुपया लाऊंगा. ये तो सरकार को देखना चाहिए ना, ये तो परेशान किया जा रहा है.''

लोगों की प्रतिक्रिया (ETV Bharat)

'हमारे पास रुपये हैं नहीं तो कहां से लौटाएंगे..' : नागेंद्र और बलराम की तरह रामसागर कुमार भी दुखरा रो रहे हैं. उनके खाते में भी 10 हजार रुपया ट्रांसफर हुआ था. उनसे भी यह रुपये मांगे जा रहे हैं. कह रहे हैं ''सरकार पहले रुपया देती है और बाद में उसे लौटाने के लिए बोलती है. ये कहां का नियम है? हमारे पास रुपये हैं नहीं तो कहां से लौटाएंगे.''

पुरुषों के खातों में 10 हजार ट्रांसफर : दरअसल, बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत लगभग 75 लाख महिलाओं को स्वरोजगार के लिए 10,000 की प्रोत्साहन राशि सीधे खाते में दी गई थी. लेकिन दरभंगा जिला के जाले प्रखंड के परियोजना प्रबंधक के द्वारा लिखे विभाग को पत्र ने नया खुलासा किया है. जिसमें बड़ी संख्या में यह राशि पुरुषों के बैंक खातों में चली गई थी, जिसे अब विभाग वापस मांग रहा है.

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इस तरह से भेजी जा रही है नोटिस (ETV Bharat)

पैसा लौटाने का पत्र जारी : अहियारी गांव में ऐसे कई पुरुष लाभार्थियों को जीविका द्वारा पैसा लौटाने का पत्र जारी किया गया है, जिससे हड़कंप मच गया. एक व्यक्ति ऐसा है जिसके परिवार की कोई महिला जीविका से नहीं जुड़ी है, फिर भी उसके खाते में पैसा आया. ज्यादातर पुरुष लाभार्थियों का कहना है, "हमलोगों ने ना ही फॉर्म भरा था और ना ही पैसा मांगा था, पैसा आया तो हमलोग खर्च कर लिये, अब कहा से दें? हमारी माली स्थिति अब पैसे लौटाने लायक नहीं है. सरकार को इस राशि को माफ करना चाहिए."

'ये दिव्यांग लोगों के साथ अन्याय' : इस मामले में पंचायत समिति के सदस्य ललन पासवान ने गुस्सा व्यक्त किया है. उन्होंने खासकर विकलांग लोगों के खातों में राशि भेजने और फिर वापस मांगने को अन्याय बताया है. ललन पासवान ने कहा, ये दिव्यांग लोगों के साथ अन्याय है. इस पैसे को सरकार को माफ करना होगा, नहीं तो हमलोग विरोध करेंगे.

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दिव्यांगता का सर्टिफेकेट दिखाते हुए (ETV Bharat)

RJD ने साधा निशाना : वैसे इस मामले को लेकर आरजेडी ने पोस्ट करते हुये लिखा कि बिहार में एनडीए नेताओं और एनडीए के अधिकारियों को रिश्वत देकर वोट खरीदने और सत्ता पाने की इतनी हड़बड़ी थी कि बेचारे भयंकर गड़बड़ी कर बैठे. बेचैनी और असुरक्षा इतनी ज्यादा थी कि महिलाओं की बजाय 10,000 रुपए पुरुषों के खाते में भेज दिए.

''अब पुरुषों को दस हजार रुपए लौटाने के लिए लव लेटर लिखे जा रहे है. बिहार में भुखमरी, महंगाई, पलायन और बेरोजगारी इतनी अधिक है कि ये हजार तो तो जिस वक्त डाले होंगे उसी समय खर्च हो गया होगा. बेचारे पुरुष अब यह लोन राशि बिल्कुल भी नहीं लौटायेंगे क्योंकि पहले उनका वोट लौटाओ.''- आरजेडी

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