ETV Bharat / bharat

​चलती ट्रेन से मां ने डेढ़ माह के मासूम को नीचे फेंका, यात्रियों की सतर्कता से बची दूसरे बच्चे की जान

चाईबासा में जनशताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन से एक मां ने डेढ़ महीने के दुधमुंहे बच्चे को फेंक दिया. पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर लिया है.

RAILWAY TRACK IN CHAIBASA
प्रतीकात्मक तस्वीर (ईटीवी भारत)
author img

By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : May 22, 2026 at 1:02 PM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

चाईबासा: चक्रधरपुर रेल मंडल के राजखरसावां और महालीमरूप स्टेशन के बीच इंसानियत को झकझोर देने वाली एक भयावह घटना सामने आई. हावड़ा-बड़बिल जनशताब्दी एक्सप्रेस में सफर कर रही एक महिला ने अपने ही डेढ़ महीने के दुधमुंहे बच्चे को चलती ट्रेन की खिड़की से बाहर फेंक दिया. रेलवे ट्रैक पर गिरने से मासूम की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई. महिला यहीं नहीं रुकी, उसने अपने करीब तीन वर्षीय दूसरे बच्चे को भी खिड़की से नीचे फेंकने का प्रयास किया. लेकिन यात्रियों ने तत्परता दिखाते हुए बच्चे की जान बचाई. इसके बाद यात्रियों ने तुरंत इसकी सूचना रेलवे सुरक्षा बल को दी.

​ट्रैक किनारे मिला क्षत-विक्षत शव

घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल और जीआरपी की टीमें तत्काल सक्रिय हुई. सिनी पोस्ट से जवानों को मौके पर रवाना किया गया. महालीमरूप और राजखरसावां स्टेशन के बीच झाड़ियों और रेलवे ट्रैक के किनारे घंटों चले सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस ने नवजात का शव बरामद किया. मासूम का शव देखते ही वहां मौजूद रेलकर्मियों और स्थानीय लोगों की आंखें नम हो गईं.

क्या है पारिवारिक पृष्ठभूमि

पुलिस के अनुसार आरोपी महिला की पहचान पश्चिम सिंहभूम के मझगांव निवासी मुद्रावती गोप (बदला हुआ नाम हसीना बेगम) के रूप में हुई है. वहीं उसके पति का नाम शाहबुद्दीन है, जो पश्चिम बंगाल का निवासी है. करीब चार साल पहले शाहबुद्दीन महिला को भगाकर ले गया था. जिसके बाद दोनों ने विवाह कर लिया था और हैदराबाद में रह रहे थे. महिला के परिजनों ने मझगांव थाने में शाहबुद्दीन के खिलाफ मामला दर्ज कराया था. पुलिसिया दबाव के कारण दंपती अपने दोनों बच्चों के साथ वापस मझगांव लौट रहा था, इसी दौरान ट्रेन में इस घटना को अंजाम दिया गया है.

​घटना की जानकारी मिलते ही आरपीएफ और जीआरपी मुस्तैद हो गई थी. नवजात के माता-पिता को चाईबासा स्टेशन पर ट्रेन से उतारकर गिरफ्तार कर लिया गया. इसके बाद उन्हें राजखरसावां लाया गया, जहां कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए स्थानीय थाना के सुपूर्द कर दिया गया है. प्रारंभिक जांच और पूछताछ में यह बात सामने आई है कि बच्चे की मां की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है. स्थानीय पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है:-पीपी सुरीन, चाईबासा रेलवे इंस्पेक्टर

यात्रियों ने दिखाई सूझबूझ

​चश्मदीदों के मुताबिक ट्रेन में सब कुछ सामान्य था. अचानक महिला अपनी सीट से उठी और गोद में सोए बच्चे को खिड़की से बाहर उछाल दिया. जब तक सह-यात्री कुछ समझ पाते, उसने दूसरे बच्चे को भी खिड़की की तरफ खींचा. लेकिन इस बार यात्रियों ने जरा भी देर न करते हुए महिला को पीछे खींचा और बच्चे को सुरक्षित अपनी कस्टडी में ले लिया. यात्रियों की इस सतर्कता की पुलिस ने भी सराहना की है.

ये भी पढ़ें: चलती ट्रेन से गिरी महिला यात्री, आरपीएफ जवान ने बचाई जान

रेल सुरक्षा बल के जवान संजय भगत ने दिखाई बहादुरी, चलती ट्रेन से गिरती महिला की बचाई जान

चलती ट्रेन से नाबालिगों का रेस्क्यू, नौकरी का झांसा देकर मानव तस्करी की साजिश!